उत्तर प्रदेश

Compensation. की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे कनावनी के किसान

Ratna Netam
7 July 2026 7:28 PM IST
Compensation. की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे कनावनी के किसान
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Ghaziabad गाजियाबाद : कनावनी गांव के किसानों ने अपनी भूमि के मुआवजे को लेकर जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बड़ी संख्या में किसान सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों को रखा। किसानों का आरोप है कि उनकी जमीन गाजियाबाद जिले के कनावनी गांव में स्थित है, लेकिन प्रशासन द्वारा मुआवजे का निर्धारण गौतमबुद्ध नगर जिले के ग्राम चोटपुर के सर्किल रेट के आधार पर किया जा रहा है। किसानों ने इसे अपने साथ अन्याय बताते हुए स्थानीय दरों के अनुसार मुआवजा देने की मांग की है।

किसानों का कहना है कि कनावनी गांव की भूमि का वास्तविक बाजार मूल्य और निर्धारित सर्किल रेट काफी अधिक है। उनके अनुसार, कनावनी क्षेत्र में भूमि की प्रचलित दर लगभग 46 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर है, जबकि प्रशासन की ओर से उन्हें केवल करीब 1,800 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से मुआवजा दिए जाने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। किसानों ने कहा कि इतनी कम दर पर मुआवजा मिलने से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।

प्रदर्शन कर रहे किसानों ने कहा कि उनकी जमीन, पहचान और राजस्व रिकॉर्ड गाजियाबाद जिले के कनावनी गांव से जुड़े हुए हैं। ऐसे में मुआवजे का निर्धारण भी उसी क्षेत्र के सर्किल रेट के आधार पर होना चाहिए। किसानों का आरोप है कि किसी दूसरे जिले और गांव की दरों को आधार बनाकर मुआवजा तय करना नियमों के खिलाफ है और इससे सैकड़ों किसान परिवार प्रभावित होंगे।किसानों ने कहा कि जमीन उनके लिए केवल संपत्ति नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत और आजीविका का आधार है। कम मुआवजे के कारण उन्हें भविष्य में आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लिया जाए।

कलेक्ट्रेट पहुंचे किसानों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि कनावनी गांव की भूमि का मुआवजा स्थानीय सर्किल रेट और निर्धारित नियमों के अनुसार तय किया जाए। किसानों ने कहा कि प्रशासन को इस मामले में जल्द कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि प्रभावित किसानों को न्याय मिल सके।किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखा जाएगा।

वहीं, प्रशासन की ओर से अभी इस मामले में विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। किसानों के ज्ञापन के बाद अब सभी की नजर जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है। माना जा रहा है कि मामले की जांच के बाद ही मुआवजा निर्धारण को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।कनावनी गांव के किसानों का यह विरोध ऐसे समय में सामने आया है, जब भूमि अधिग्रहण और मुआवजे से जुड़े मामलों को लेकर प्रदेश के कई क्षेत्रों में किसान अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन किसानों की शिकायतों पर क्या कदम उठाता है।

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