उत्तर प्रदेश

खाद लेने पहुंचे किसान को जूते से मारने की धमकी, वीडियो वायरल

Saba Naaz
18 July 2026 7:55 PM IST
खाद लेने पहुंचे किसान को जूते से मारने की धमकी, वीडियो वायरल
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श्रावस्ती। जिले के जमुनहा क्षेत्र में खाद लेने पहुंचे एक किसान और एडीओ सहकारिता के बीच विवाद का मामला सामने आया है। किसान ने आरोप लगाया है कि बातचीत का वीडियो बनाने पर एडीओ सहकारिता ने उसे जूते से मारने की धमकी दी और उसके साथ धक्का-मुक्की की। घटना का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया है। किसान ने वीडियो पोस्ट कर अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है।

जानकारी के अनुसार, मामला जमुनहा ब्लाक क्षेत्र की बहुउद्देश्यीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति जमुनहा भवनियापुर का बताया जा रहा है। यहां गनेशपुर भागड़ निवासी किसान बबलू यादव डीएपी खाद लेने पहुंचे थे। इसी दौरान समिति पर जमुनहा एडीओ सहकारिता ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव जांच के लिए पहुंचे हुए थे।

बताया जा रहा है कि एडीओ सहकारिता किसान को फार्मर आइडी बनवाने की जानकारी दे रहे थे। इसी दौरान किसान ने बातचीत का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। किसान का आरोप है कि वीडियो बनाते देख एडीओ नाराज हो गए और उन्होंने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया। किसान ने दावा किया कि एडीओ ने उसे जूते से मारने की धमकी दी और धक्का-मुक्की भी की।

किसान बबलू यादव का कहना है कि वह खाद लेने के लिए समिति पर गया था, लेकिन वहां उसे इस तरह की स्थिति का सामना करना पड़ा। घटना के बाद वह डरकर वहां से चला गया। इसके बाद उसने पूरे घटनाक्रम का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल कर दिया और संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

वायरल वीडियो के बाद स्थानीय स्तर पर मामला चर्चा का विषय बन गया है। लोग सरकारी केंद्रों पर किसानों के साथ व्यवहार को लेकर सवाल उठा रहे हैं। किसानों का कहना है कि खाद जैसी जरूरी सामग्री लेने के लिए उन्हें पहले ही परेशानियों का सामना करना पड़ता है, ऐसे में अधिकारियों द्वारा इस तरह का व्यवहार चिंता का विषय है।

हालांकि, एडीओ सहकारिता ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव ने किसान के आरोपों को लेकर अपना पक्ष रखा है। उन्होंने बताया कि किसान के पास फार्मर आइडी नहीं थी और वह उसे बनवाने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दे रहे थे। एडीओ का कहना है कि किसान वीडियो बनाने लगा और नशे की हालत में गाली-गलौज कर रहा था। इसी वजह से बातचीत के दौरान कुछ शब्दों का इस्तेमाल हुआ।

मामला करीब एक माह पुराना बताया जा रहा है, लेकिन वीडियो अब वायरल होने के बाद प्रशासनिक स्तर पर चर्चा शुरू हो गई है। वीडियो की सत्यता और पूरे घटनाक्रम की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

किसानों के लिए सरकार की ओर से खाद वितरण व्यवस्था को आसान बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन इस तरह के विवाद सामने आने से व्यवस्था पर सवाल उठते हैं। अब देखना होगा कि वायरल वीडियो और किसान की शिकायत के आधार पर प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है।

फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और किसान संगठन भी इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि शिकायत मिलने और जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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