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कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में बारिश के बीच एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां कच्चा मकान अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे में एक व्यक्ति और उसकी तीन बेटियों की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। एक ही परिवार के चार लोगों की मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया है।
बताया जा रहा है कि लगातार बारिश के कारण मकान कमजोर हो गया था। देर रात अचानक घर का एक हिस्सा गिरा और देखते ही देखते पूरा कच्चा मकान मलबे में तब्दील हो गया। उस समय परिवार के सदस्य घर के अंदर मौजूद थे, जिससे उन्हें संभलने का मौका नहीं मिल पाया।
बारिश के कारण कमजोर हुआ था मकान
जानकारी के मुताबिक, क्षेत्र में पिछले कई दिनों से लगातार बारिश हो रही थी। बारिश का पानी कच्चे मकान की दीवारों और छत में समा गया था। इसके चलते मकान की मजबूती कम हो गई थी।
परिवार को अंदाजा नहीं था कि कमजोर हो चुका यह घर इतनी बड़ी त्रासदी का कारण बन जाएगा। हादसे वाली रात अचानक तेज आवाज के साथ मकान गिर गया और अंदर सो रहे लोग मलबे के नीचे दब गए।
मलबे में दबे परिवार को बचाने की कोशिश
मकान गिरने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। लोगों ने अपने हाथों से मलबा हटाकर परिवार के सदस्यों को बाहर निकालने की कोशिश की।
घटना की सूचना पुलिस और प्रशासन को दी गई। इसके बाद राहत टीम भी मौके पर पहुंची और मलबा हटाने का काम शुरू किया गया।
काफी मशक्कत के बाद मलबे से परिवार के सदस्यों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
पिता और तीन बेटियों की मौत
हादसे में पिता और उनकी तीन बेटियों की मौत हो गई। एक ही परिवार के चार लोगों की जान जाने से गांव में शोक की लहर फैल गई।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिन बेटियों के भविष्य के सपने परिवार ने देखे थे, उनकी अचानक मौत ने सभी को सदमे में डाल दिया।
इलाके में पसरा मातम
घटना के बाद आसपास के लोग पीड़ित परिवार के घर पहुंचने लगे। हर कोई इस दर्दनाक हादसे से दुखी नजर आया।
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों पर हमेशा खतरा बना रहता है। कई बार आर्थिक मजबूरी के कारण लोग कमजोर घरों में रहने को मजबूर होते हैं।
प्रशासन ने लिया घटना का जायजा
हादसे की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने राहत कार्यों की निगरानी की और पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिया।
प्रशासन की ओर से मृतकों के परिवार को सहायता राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।
बारिश में बढ़ जाता है कच्चे मकानों का खतरा
मानसून के दौरान कच्चे मकानों के गिरने की घटनाएं अक्सर सामने आती हैं। लगातार बारिश से मिट्टी की दीवारें कमजोर हो जाती हैं और छतों पर दबाव बढ़ जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के मौसम से पहले पुराने और कमजोर मकानों की जांच जरूरी है। प्रशासन को भी ऐसे घरों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए कदम उठाने चाहिए।
परिवार की खुशियां मातम में बदलीं
जिस घर में कभी बच्चों की हंसी गूंजती थी, वहां अब मातम छा गया है। कुछ ही पलों में एक परिवार ने अपने चार सदस्यों को खो दिया।
स्थानीय लोगों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि ऐसे परिवारों की मदद की जाए और बारिश के मौसम में कमजोर मकानों में रहने वाले लोगों के लिए सुरक्षित व्यवस्था की जाए।
हादसे ने खड़े किए कई सवाल
कानपुर की इस घटना ने एक बार फिर गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों के सुरक्षित आवास के मुद्दे को सामने ला दिया है। हर साल बारिश के दौरान कई परिवार ऐसे हादसों का शिकार होते हैं।
जरूरत है कि समय रहते जर्जर मकानों की पहचान की जाए और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए, ताकि ऐसी दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।
फिलहाल प्रशासन मामले की जांच कर रहा है और पीड़ित परिवार को सहायता देने की प्रक्रिया जारी है। इस हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है।
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