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Loan के झांसे में फंसाते थे लोग, फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश

Noida नोएडा : ग्रेटर नोएडा में थाना बिसरख पुलिस ने लोन दिलाने का झांसा देकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन और एक डायरी (नोटबुक) बरामद की गई है। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है।
थाना बिसरख पुलिस के अनुसार, लोकल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर अजनारा ली गार्डन सोसाइटी स्थित एक फ्लैट में संचालित हो रहे फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी की गई। इस दौरान पुलिस ने सागर चौहान पुत्र संजय चौहान और कुलदीप पुत्र देवेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपी लोगों को फोन कर आसान और अधिक रकम का लोन दिलाने का लालच देकर ठगी का शिकार बनाते थे।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे लोगों को फोन करके Loan112 ऐप के माध्यम से बड़ा लोन उपलब्ध कराने का दावा करते थे। इसके बाद पीड़ितों को विश्वास में लेने के लिए फर्जी लोन अप्रूवल लेटर भेजे जाते थे। जब लोग इनके झांसे में आ जाते थे तो पुराने लोन को बंद कराने या लोन प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर उनसे रुपये अपने फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर करा लेते थे।
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे अलग-अलग लोन ऐप से लोन लेने वाले लोगों का डाटा भी हासिल करते थे। इस डाटा के आधार पर वे संबंधित लोगों से संपर्क कर उन्हें नए और ज्यादा रकम वाले लोन का झांसा देते थे। फर्जी दस्तावेज और झूठे आश्वासन देकर लोगों से रकम ऐंठने के बाद आरोपी मोबाइल फोन और सिम कार्ड को नष्ट कर देते थे, जिससे उनकी पहचान छिपी रहे।
जांच में पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि ठगी के इस नेटवर्क में कई अन्य लोग भी शामिल हैं। फर्जी बैंक खाते और सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाला एक व्यक्ति ठगी की रकम में से 20 प्रतिशत कमीशन रखता था, जबकि बाकी 80 प्रतिशत रकम आरोपियों तक पहुंचाई जाती थी। वह व्यक्ति केवल व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से संपर्क करता था और अलग-अलग मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करता था।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों और ठगी में इस्तेमाल किए गए खातों की जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और कितनी रकम की ठगी की है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के फोन पर लोन के झांसे में न आएं और अपनी निजी जानकारी, बैंक डिटेल या ओटीपी किसी के साथ साझा न करें। ऑनलाइन लोन से जुड़े मामलों में सावधानी बरतना बेहद जरूरी है, क्योंकि साइबर ठग नए-नए तरीकों से लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं।





