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Noida नोएडा : गौतमबुद्धनगर जिले में साइबर अपराधियों का जाल लगातार बढ़ता जा रहा है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा के अलग-अलग क्षेत्रों में रहने वाले नौ लोग साइबर ठगी का शिकार हो गए हैं। इनमें तीन महिलाएं भी शामिल हैं। साइबर अपराधियों ने अलग-अलग तरीकों से लोगों को झांसा देकर कुल 71 लाख रुपये से अधिक की रकम ठग ली। सभी मामलों में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस उपायुक्त साइबर क्राइम शैव्या गोयल ने बताया कि ठगी के मामलों में आरोपियों ने शेयर मार्केट निवेश, ऑनलाइन गेम, फर्जी बैंक अधिकारी, पार्ट टाइम जॉब और फर्जी लिंक जैसे तरीकों का इस्तेमाल किया। पुलिस अब बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रांजेक्शन की जांच कर रही है।
शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 7.24 लाख की ठगी
बरौला गांव निवासी वीरेंद्र बिष्ट ने पुलिस को शिकायत दी कि साइबर अपराधियों ने उन्हें शेयर मार्केट में ट्रेडिंग से मोटा मुनाफा कमाने का लालच दिया। शुरुआत में आरोपियों ने कुछ लाभ दिखाकर उनका भरोसा जीता। इसके बाद अलग-अलग खातों में उनसे 7.24 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। जब उन्होंने अपनी रकम वापस निकालने का प्रयास किया तो उन्हें ग्रुप से बाहर कर दिया गया।
बैंक खाते से लाखों रुपये उड़ाए
एक अन्य मामले में राजकुमार ने शिकायत दर्ज कराई कि साइबर अपराधियों ने उनके इंडसइंड बैंक खाते से धोखाधड़ी कर 8.48 लाख रुपये निकाल लिए। वहीं, सेक्टर-34 स्थित हिमगिरि अपार्टमेंट निवासी शशि सहगल के खाते से भी ठगों ने 7.49 लाख रुपये निकाल लिए।
ऑनलाइन गेम के जरिए बच्चे को बनाया शिकार
सेक्टर-45 निवासी शबनम खातून ने पुलिस को बताया कि उनका 11 वर्षीय बेटा फैजान ऑनलाइन गेम खेलते समय साइबर ठगों के संपर्क में आ गया। आरोपियों ने बच्चे को अलग-अलग तरीकों से अपने जाल में फंसाया और उससे विभिन्न खातों में 5.32 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए।
फर्जी कंपनी कर्मचारी बनकर की ठगी
आरती तिवारी ने शिकायत में बताया कि अमित मेहता नाम के व्यक्ति ने खुद को जीवन सुरक्षा कंपनी का कर्मचारी बताया। आरोपी ने उनकी पॉलिसी वापस दिलाने का भरोसा दिया और अलग-अलग किश्तों में उनसे 5.50 लाख रुपये ठग लिए।
वहीं, सेक्टर-61 निवासी राजेश ने बताया कि उन्होंने पीएनबी क्रेडिट कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। इसके बाद एक व्यक्ति ने खुद को बैंक कर्मचारी बताते हुए उनसे संपर्क किया और एक ऐप डाउनलोड करवाया। ऐप डाउनलोड होते ही उनका मोबाइल हैक हो गया और खाते से 7.80 लाख रुपये निकाल लिए गए।
फर्जी चालान और पार्ट टाइम जॉब के नाम पर भी ठगी
मनोज कुमार पटेल को आरटीओ चालान का फर्जी संदेश भेजा गया। जैसे ही उन्होंने लिंक पर क्लिक किया, उनका मोबाइल हैक हो गया और खाते से 14.55 लाख रुपये निकाल लिए गए।
इसके अलावा शंभूनाथ को पार्ट टाइम जॉब का झांसा देकर ठगा गया। साइबर ठगों ने पहले छोटे भुगतान कर उनका विश्वास जीता और फिर अधिक मुनाफे का लालच देकर उनसे 7.02 लाख रुपये निवेश करा लिए। बाद में आरोपियों ने संपर्क तोड़ दिया।
हेमंत कुमार शर्मा से भी साइबर अपराधियों ने बैंक कर्मचारी बनकर संपर्क किया। आरोपियों ने उनसे एक ऐप डाउनलोड करवाया और मोबाइल हैक कर खाते से 8.46 लाख 625 रुपये निकाल लिए।
तकनीकी जांच में जुटी पुलिस
डीसीपी साइबर क्राइम शैव्या गोयल ने बताया कि सभी मामलों में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस डिजिटल साक्ष्यों, बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और ऑनलाइन लेनदेन की जांच कर रही है। तकनीकी टीम की मदद से आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, बैंक कर्मचारी बताकर फोन करने वालों से सावधान रहें और किसी भी संदिग्ध ऐप को डाउनलोड करने से बचें। साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्कता ही सबसे बड़ा सुरक्षा उपाय है।





