उत्तर प्रदेश

Faizabad: दुराही कुंआ क्षेत्र में जल निकासी का संकट सामने आया

Admindelhi1
10 Dec 2024 12:39 PM IST
Faizabad: दुराही कुंआ क्षेत्र में जल निकासी का संकट सामने आया
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राजघाट ट्रीटमेंट प्लांट तक जाएगा पानी

फैजाबाद: श्रीरामजन्म भूमि परिसर के पानी की निकासी से दुराही कुंआ वासी बीते बारिश के समय से पानी-पानी हो रहे हैं. लेकिन इनकी समस्या के समाधान की अवधि लंबी होती जा रही है. उनकी समस्या का सबसे बड़ा कारण नये रास्ते से जल निकासी का मार्ग निर्माण होने के पहले ही जल निकासी के पुराने रास्ते को बंद कर दिया जाना है. यद्यपि कि नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि इस समस्या का निदान अगले महीने तक हो जाएगा और आमजन की शिकायतें दूर हो जाएंगी.

नगर निगम के अवसर अभियंता अमित जायसवाल बताते हैं कि समस्या के निदान के लिए करीब डेढ़ करोड़ की लागत से नाले का निर्माण कराया जा रहा है. उनका कहना है कि धनैजा कुंड से होकर दुराही कुंआ तक नाले का निर्माण कराया जा रहा है. उन्होंने बताया कि इस नाले से दुराही कुंआ चौराहे के एंड स्थल पर लाने के बाद रामजन्म भूमि की ओर से आ रहे नाले को सड़क क्रास करके जोड़ देने के बाद जलभराव का संकट दूर हो जाएगा. उनका यह भी कहना है कि इस नाले में विलंब का कई कारण हैं. पहला कारण यह है कि नाला खुदाई स्थल के बगल से 11 हजार की भूमिगत एचटी लाइन है. वहीं उसके बगल पुराना नाला व सीवर लाइन है. उन्होंने बताया कि इसके चलते मैनुअल काम 10-10 मीटर के सेक्शन में कराया जा रहा है. 11 हजार विद्युत लाइन व सीवर लाइन को बचाते हुए पुराने नाले को तोड़कर खुदाई की जा रही है और फिर नया नाला निर्माण हो रहा है.

यूसुफ आरामशीन के पीछे से आ रहा रास्ता अधिग्रहण के समय से है बंद बताया गया कि गायत्री भवन के सामने से यूसुफ आरा मशीन की ओर जाने वाला रास्ता छह 1992 की घटना के बाद 70 एकड़ जमीन अधिग्रहण में अधिग्रहीत हो चुका है. वहीं यूसुफ आरामशीन के अगल-बगल की जमीन को श्रीरामजन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ने क्रय कर लिया है. यही पर प्रेक्षागृह व अतिथि गृह के अलावा तीर्थ क्षेत्र के नये कार्यालय का निर्माण प्रस्तावित है. उधर क्षेत्रीय लोगों की शिकायत है कि नया नाला निर्माण के पहले ही जल निकासी के पुराने रास्ते जो युसुफ आरामशीन के बगल से कजियाना होते हुए रेलवे स्टेशन के अंडर पास से होकर बाग बिजैसी होते हुए तिलिया नाला के रास्ते को अवरूद्ध कर दिया गया है जिसके कारण संकट बढ़ गया.

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