उत्तर प्रदेश

Faizabad: किसानों ने अफसरों पर लगाया धमकाने का आरोप

Admindelhi1
25 Jan 2025 9:30 AM GMT
Faizabad: किसानों ने अफसरों पर लगाया धमकाने का आरोप
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"अधिकारियों का कहना था कि किसानों की जमीन सड़क चौड़ीकरण में नहीं गई"

फैजाबाद: हाईकोर्ट के आदेश पर धनघटा तहसील के अधिकारियों की टीम नायब तहसीलदार हरिराम यादव के नेतृत्व में चकिया गांव के भरवलिया उर्फ टिकुईया गांव पहुंची. रामजानकी मार्ग के बगल के कई गाटा संख्या की टीम ने पैमाइश किया. असंतुष्ट किसानों ने पैमाइश को रुकवा दिया. टीम की सूचना पर एसडीएम धनघटा मौके पर पहुंच गए. किसानों का आरोप है कि अधिकारियों ने उन लोगों को धमकियां दीं. अधिकारियों का कहना था कि किसानों की जमीन सड़क चौड़ीकरण में नहीं गई है. किसान जबरन अपनी जमीन चौड़ीकरण में जाने की बात कहकर परेशान कर रहे हैं.

रामजानकी मार्ग के चौड़ीकरण में गई जमीन के मुआवजे के लिए किसानों ने जिला मजिस्ट्रेट संतकबीरनगर के आदेश के विरुद्ध इलाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. हाईकोर्ट के आदेश पर धनघटा तहसील के नायब तहसीलदार के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम पैमाइश के लिए पहुंची थी. कुदरहा ब्लॉक के पिपरपाती गांव के कुछ किसानों की भूमि संतकबीरनगर जिले के धनघटा तहसील के अंतर्गत आती है. रामजानकी मार्ग के चौड़ीकरण में पिपरपाती गांव के कुछ किसानों की भूमि चली गई है, जिसके मुआवजे के लिए किसानों ने धनघटा तहसील का कई बार चक्कर काटा लेकिन सुनवाई नहीं हुई. इसके बाद जिला मजिस्ट्रेट संकबीरनगर की कोर्ट में मुआवजे के लिए याचिका दायर की. वहां किसानों की याचिका खारिज हो गई. किसानों ने वर्ष 2020 में इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर किया. लगभग चार वर्ष बाद सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने डीएम के आदेश को रद्द कर दिया.

याचिकाकर्ताओ व उनके प्रतिनिधियों की मौजूदगी में उचित सर्वेक्षण के बाद मामले को 12 मई 2016 के सरकारी आदेश के अनुसार निर्णय लेने के लिए जिला स्तरीय समिति को वापस भेज दिया. यह भी आदेश दिया कि जिला स्तरीय समिति विवाद का निर्णय करते समय सभी राजस्व अभिलेखों की जांच करेगी.

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