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Etah: नकल पर प्रशासन का एक्शन, सॉल्वर गैंग पर कार्रवाई

एटा: जनपद में माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा के दौरान सोमवार को प्रशासन पूरी तरह सतर्क और सक्रिय नजर आया। महत्वपूर्ण विषयों—हाईस्कूल अंग्रेजी और इंटरमीडिएट जीव विज्ञान—की परीक्षा के बीच नकल माफिया और सॉल्वर गिरोह पर शिकंजा कसते हुए दो फर्जी परीक्षार्थियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक छात्रा पर नकल करते हुए कार्रवाई की गई। परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए जिले भर में मजिस्ट्रेट और सचल दल तैनात रहे।
हाईस्कूल अंग्रेजी की सुबह की पाली में सदर तहसीलदार नीरज वार्ष्णेय ने मलावन स्थित आरकेएस उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में औचक निरीक्षण किया। यहां पंजीकृत परीक्षार्थियों के स्थान पर परीक्षा दे रहे दो सॉल्वर पकड़े गए। इनमें 19 वर्षीय अंशुल पुत्र संजय निवासी ग्राम उदयपुर रिजोर थाना सकीट तथा एक नाबालिग शामिल था, जो दूसरे अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा दे रहा था। दोनों को तत्काल मलावन पुलिस के हवाले कर दिया गया। उनके विरुद्ध उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। दोनों सॉल्वर सगे भाई बताए जा रहे हैं।
उधर, अलीगंज क्षेत्र को अति संवेदनशील मानते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. इंद्रजीत ने स्वयं परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। एसकेडी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में सचल दल की सदस्य जिपसा राजपूत ने दीक्षा राजपूत को नकल करते हुए पकड़ लिया। छात्रा की उत्तर पुस्तिका और नकल सामग्री सील कर नियमानुसार कार्रवाई की गई। डीआईओएस ने अन्य संवेदनशील केंद्रों का भी निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार हाईस्कूल अंग्रेजी परीक्षा में 29,888 पंजीकृत परीक्षार्थियों के सापेक्ष 27,436 उपस्थित रहे, जबकि 2,452 छात्र अनुपस्थित रहे। वहीं दूसरी पाली में इंटरमीडिएट जीव विज्ञान की परीक्षा में 20,558 में से 19,142 परीक्षार्थी शामिल हुए और 1,416 अनुपस्थित रहे। अधिकारियों ने उत्तर पुस्तिकाओं की संख्या, रखरखाव और स्ट्रांग रूम की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग का भी सत्यापन किया।
मलावन केंद्र पर सॉल्वर पकड़े जाने के मामले को गंभीरता से लेते हुए डीआईओएस ने केंद्र व्यवस्थापक और संबंधित कक्ष निरीक्षकों की भूमिका की जांच के निर्देश दिए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
लगातार दूसरे दिन सॉल्वर गिरोह के पकड़े जाने से यह स्पष्ट है कि कुछ लोग आर्थिक लालच में छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने से बाज नहीं आ रहे। हालांकि प्रशासन की सख्ती से परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने का प्रयास जारी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नकल और फर्जी परीक्षार्थियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।





