उत्तर प्रदेश

MLC चुनाव में मतदान को लेकर दिखा उत्साह, शाम 4 बजे तक 35.96 प्रतिशत वोटिंग

Kavita2
23 Oct 2026 5:44 PM IST
MLC चुनाव में मतदान को लेकर दिखा उत्साह, शाम 4 बजे तक 35.96 प्रतिशत वोटिंग
x

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के लखनऊ खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के द्विवार्षिक चुनाव के लिए शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को मतदान कराया गया। सुबह आठ बजे से निर्धारित मतदान केंद्रों पर मतदाताओं का पहुंचना शुरू हो गया। शुरुआती घंटों में मतदान की रफ्तार धीमी रही, लेकिन दिन चढ़ने के साथ मतदान प्रतिशत में बढ़ोतरी दर्ज की गई। उपलब्ध स्थानीय विवरण के अनुसार, सुबह 10 बजे तक स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 3.41 प्रतिशत और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 5.68 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। वहीं, दोपहर 12 बजे तक 12.69 प्रतिशत और शाम चार बजे तक 35.96 प्रतिशत मतदान होने की जानकारी सामने आई है।

चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। मतदान केंद्रों पर चुनाव अधिकारियों और पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। निर्वाचन आयोग के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मतदान सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक कराया गया।

सुबह धीमी रही मतदान की रफ्तार

लखनऊ खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में सुबह के समय मतदान अपेक्षाकृत धीमा रहा। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, सुबह 10 बजे तक स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 3.41 प्रतिशत और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 5.68 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले।

हालांकि, समय बढ़ने के साथ मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की भागीदारी में वृद्धि दर्ज की गई। दोपहर 12 बजे तक मतदान प्रतिशत 12.69 तक पहुंच गया।

इसके बाद मतदान की रफ्तार में और सुधार हुआ। शाम चार बजे तक 35.96 प्रतिशत मतदान दर्ज किए जाने की सूचना मिली।

इन आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि शुरुआती घंटों की तुलना में दिन के उत्तरार्ध में अधिक मतदाताओं ने चुनाव प्रक्रिया में भाग लिया।

31 हजार से अधिक मतदाता पंजीकृत

प्राप्त स्थानीय विवरण के अनुसार, संबंधित जिले में स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए कुल 24,261 मतदाता पंजीकृत हैं। वहीं, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 7,267 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में दर्ज हैं।

इस प्रकार दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 31,528 मतदाता पंजीकृत बताए गए हैं।

स्नातक निर्वाचन के लिए 29 मतदेय स्थल निर्धारित किए गए, जबकि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए 19 मतदेय स्थलों की व्यवस्था की गई।

इन केंद्रों पर मतदाताओं की सुविधा के लिए आवश्यक चुनाव सामग्री और मतदान कर्मचारियों की व्यवस्था की गई।

हालांकि, उपलब्ध विवरण में इन स्थानीय आंकड़ों से संबंधित जिले का नाम स्पष्ट नहीं है। लखनऊ जिले के आधिकारिक स्तर पर रिपोर्ट किए गए मतदाता और बूथों के आंकड़े इससे अलग हैं। इसलिए 31,528 मतदाताओं का आंकड़ा पूरे लखनऊ जिले का नहीं माना जाना चाहिए।

मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

विधान परिषद चुनाव को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए मतदान केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखी गई।

निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार, मतदान केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ एकत्र होने से रोकने और चुनावी गतिविधियों को व्यवस्थित रखने के लिए विशेष प्रबंध किए गए।

मतदान केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में अनधिकृत गतिविधियों, प्रचार सामग्री और भीड़ लगाने पर प्रतिबंध लागू किया गया।

इसके अलावा मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की पहचान और चुनाव संबंधी औपचारिकताओं को निर्धारित नियमों के अनुसार पूरा कराया गया।

अधिकारियों का उद्देश्य था कि सभी पात्र मतदाता स्वतंत्र और निर्भय होकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।

स्नातक और शिक्षक मतदाता चुन रहे प्रतिनिधि

विधान परिषद के स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव सामान्य विधानसभा और लोकसभा चुनाव से अलग होता है।

स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में वही मतदाता वोट डाल सकते हैं, जिन्होंने निर्धारित शैक्षणिक और अन्य पात्रताएं पूरी की हैं तथा संबंधित निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराया है।

इसी प्रकार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में निर्धारित नियमों के अनुसार पात्र शिक्षकों को मतदान करने का अधिकार मिलता है।

इन चुनावों से निर्वाचित सदस्य उत्तर प्रदेश विधान परिषद में अपने निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।

विधान परिषद राज्य की विधायी व्यवस्था का महत्वपूर्ण अंग है। इसके सदस्य विभिन्न विधेयकों, नीतियों और सार्वजनिक हित के विषयों पर चर्चा में भाग लेते हैं।

बैलेट पेपर से कराया गया मतदान

इस चुनाव में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के बजाय मतपत्रों का इस्तेमाल किया गया।

मतदाताओं को उम्मीदवारों के नाम के सामने अपनी प्राथमिकता अंकित करनी होती है। इसके लिए निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित विशेष पेन का इस्तेमाल किया जाता है।

स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में मतदाता उम्मीदवारों को प्राथमिकता के आधार पर वोट देते हैं।

मतदाता को अपनी पहली पसंद के उम्मीदवार के सामने अंक एक दर्ज करना आवश्यक होता है। इसके बाद वह चाहे तो अन्य उम्मीदवारों को भी प्राथमिकता क्रम दे सकता है।

इस व्यवस्था के कारण मतदान और मतगणना की प्रक्रिया सामान्य चुनावों से अलग होती है।

प्रदेश की 11 विधान परिषद सीटों पर चुनाव

उत्तर प्रदेश में शुक्रवार को विधान परिषद की कुल 11 सीटों के लिए मतदान कराया गया।

इनमें पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ और इलाहाबाद-झांसी शामिल हैं।

वहीं, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में लखनऊ, आगरा, वाराणसी, मेरठ, बरेली-मुरादाबाद और गोरखपुर-फैजाबाद शामिल हैं।

प्रदेशभर में इन चुनावों के लिए लगभग 14.81 लाख मतदाता पंजीकृत बताए गए हैं। मतदान के लिए 2,697 मतदेय स्थल निर्धारित किए गए और कुल 152 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं।

27 अक्टूबर को होगी मतगणना

उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार, विधान परिषद के इन निर्वाचन क्षेत्रों में मतगणना 27 अक्टूबर 2026 को कराई जाएगी।

मतदान के बाद मतपेटियों को निर्धारित सुरक्षा व्यवस्था के तहत सुरक्षित रखा जाएगा। मतगणना के दौरान उम्मीदवारों को प्राप्त प्राथमिकता मतों की गणना संबंधित निर्वाचन नियमों के अनुसार की जाएगी।

निर्वाचन आयोग ने 31 अक्टूबर से पहले पूरी चुनाव प्रक्रिया संपन्न कराने का कार्यक्रम निर्धारित किया है।

मतदान प्रतिशत पर टिकी निगाहें

लखनऊ खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में मतदाताओं की भागीदारी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

सुबह कम मतदान के बाद दोपहर और शाम तक मतदान प्रतिशत बढ़ने से चुनावी प्रक्रिया में मतदाताओं की सक्रियता देखने को मिली।

उपलब्ध स्थानीय आंकड़ों के अनुसार, शाम चार बजे तक 35.96 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। हालांकि, अंतिम मतदान प्रतिशत की पुष्टि संबंधित जिला निर्वाचन कार्यालय की आधिकारिक रिपोर्ट से ही होगी।

अब सभी की निगाहें 27 अक्टूबर को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं। मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगा कि स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों से कौन से उम्मीदवार विधान परिषद पहुंचेंगे।

Next Story