उत्तर प्रदेश

स्कूटी चलाते समय ENT डॉक्टर को आया हार्ट अटैक

Kavita2
5 Oct 2026 9:23 AM IST
स्कूटी चलाते समय ENT डॉक्टर को आया हार्ट अटैक
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कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। यहां स्कूटी चलाते समय एक ईएनटी डॉक्टर की अचानक तबीयत बिगड़ गई। बताया जा रहा है कि उन्हें हार्ट अटैक आया, जिसके बाद स्कूटी पर उनका संतुलन बिगड़ गया। बेकाबू स्कूटी स्पीड ब्रेकर से उछली और डॉक्टर सड़क पर गिर पड़े। हादसे में उनके हाथ और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

घटना शनिवार देर शाम की बताई जा रही है। डॉक्टर अपनी स्कूटी से जा रहे थे। इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और वह स्कूटी पर नियंत्रण नहीं रख सके। प्रत्यक्ष तौर पर घटना सड़क हादसे जैसी दिखाई दी, लेकिन बाद में डॉक्टर की मौत के पीछे अचानक आए हार्ट अटैक की बात सामने आई।

स्कूटी अनियंत्रित होने के बाद सामने आए स्पीड ब्रेकर से उछल गई। झटका इतना तेज था कि डॉक्टर स्कूटी से नीचे सड़क पर जा गिरे। गिरने के कारण उनके चेहरे और हाथ पर गंभीर चोटें लगीं। हादसा देखकर आसपास मौजूद लोग तत्काल उनकी मदद के लिए पहुंचे।

राहगीरों ने डॉक्टर को सड़क से उठाया और उनकी हालत गंभीर देखकर अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उनकी जांच की, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। घटना की जानकारी मिलने के बाद डॉक्टर के परिजनों को सूचना दी गई। अचानक हुई मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।

घटना शनिवार देर शाम होने के बाद रविवार को शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिवार ने कानपुर के भैरोघाट पर उनका अंतिम संस्कार किया। अचानक हुई इस घटना से परिवार के साथ डॉक्टर को जानने वाले लोग भी स्तब्ध हैं।

इस मामले में सबसे अहम बात यह है कि डॉक्टर स्वयं ईएनटी विशेषज्ञ थे। स्कूटी चलाने के दौरान अचानक स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने के कारण उन्हें संभलने का मौका नहीं मिला। इसी दौरान वाहन का संतुलन बिगड़ा और वह सड़क पर गिर गए। अचानक तबीयत बिगड़ने और सड़क पर गिरने की घटना इतनी तेजी से हुई कि आसपास मौजूद लोगों को भी शुरुआत में स्थिति समझने का समय नहीं मिला।

सड़क पर वाहन चलाते समय किसी व्यक्ति की अचानक तबीयत खराब होने की स्थिति बेहद खतरनाक हो सकती है। दोपहिया वाहन पर संतुलन पूरी तरह चालक पर निर्भर होता है। ऐसे में चक्कर आने, बेहोशी या दिल से संबंधित अचानक गंभीर समस्या होने पर वाहन अनियंत्रित हो सकता है। कानपुर में हुई इस घटना में भी डॉक्टर की स्कूटी का संतुलन बिगड़ने के बाद स्पीड ब्रेकर से टकराकर उछलने की बात सामने आई है।

डॉक्टर के सड़क पर गिरने से उनके शरीर पर चोटें भी आई थीं। उनके हाथ और चेहरे पर गंभीर चोटें बताई गईं। राहगीरों की ओर से उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी। पोस्टमार्टम के बाद रविवार को अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई।

घटना के बाद यह सवाल भी सामने आया कि डॉक्टर की मौत की मुख्य वजह अचानक आया हार्ट अटैक था या सड़क पर गिरने से लगी चोटों ने भी उनकी हालत को गंभीर बनाया। इस संबंध में पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्थिति और स्पष्ट हो सकती है। उपलब्ध जानकारी में स्कूटी चलाते समय हार्ट अटैक आने की बात कही गई है।

इस तरह की घटनाओं में तत्काल चिकित्सा सहायता बेहद महत्वपूर्ण होती है। दिल का दौरा पड़ने के दौरान समय पर इलाज मिलने से मरीज को बचाने की संभावना बढ़ सकती है। लेकिन चलते वाहन पर ऐसी स्थिति बनने पर खतरा और बढ़ जाता है, क्योंकि व्यक्ति के साथ सड़क दुर्घटना भी हो सकती है। कानपुर की घटना में डॉक्टर के साथ यही परिस्थिति सामने आई।

शनिवार देर शाम हुई इस घटना की जानकारी परिवार को मिली तो मातम छा गया। किसी को उम्मीद नहीं थी कि सामान्य रूप से स्कूटी से निकले डॉक्टर के साथ रास्ते में ऐसी घटना हो जाएगी। रविवार को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिवार और करीबियों की मौजूदगी में भैरोघाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया।

कानपुर की यह घटना अचानक होने वाली स्वास्थ्य आपात स्थिति की गंभीरता को भी सामने लाती है। यदि वाहन चलाते समय सीने में तेज दर्द, घबराहट, सांस लेने में परेशानी, चक्कर या असामान्य कमजोरी महसूस हो तो वाहन को सुरक्षित स्थान पर रोककर तत्काल मदद लेना जरूरी है। हालांकि हर मामले में हार्ट अटैक के लक्षण पहले से स्पष्ट हों, यह जरूरी नहीं है।

फिलहाल डॉक्टर की अचानक मौत से परिवार शोक में है। स्कूटी चलाते समय तबीयत बिगड़ने, वाहन के अनियंत्रित होने और सड़क पर गिरने की पूरी घटना कुछ ही पलों में हुई। राहगीरों ने उन्हें बचाने की कोशिश करते हुए अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम के बाद रविवार को भैरोघाट में अंतिम संस्कार के साथ परिवार ने उन्हें अंतिम विदाई दी।

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