उत्तर प्रदेश

आठवीं की छात्रा अनुष्का बनीं एक दिन की अफसर

Rajeshwari Nishad
13 Oct 2026 8:00 PM IST
आठवीं की छात्रा अनुष्का बनीं एक दिन की अफसर
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हापुड़: उत्तर प्रदेश में महिलाओं और बालिकाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे मिशन शक्ति 6.0 अभियान के तहत एक अनोखी पहल सामने आई है। कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में कक्षा आठ की छात्रा अनुष्का को एक दिन के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) बनने का अवसर दिया गया। मंगलवार को अनुष्का बीएसए कार्यालय पहुंचीं और प्रतीकात्मक रूप से अधिकारी का कार्यभार संभाला। इस पहल का उद्देश्य छात्राओं को प्रशासनिक कार्यप्रणाली से परिचित कराना और उनमें आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता तथा जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी दीपा भाटी ने बताया कि मिशन शक्ति 6.0 के तहत कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय की छात्रा अनुष्का को एक दिन के लिए बीएसए की जिम्मेदारी संभालने का अवसर दिया गया। यह जिम्मेदारी प्रतीकात्मक थी, जिसका उद्देश्य बालिकाओं को प्रशासनिक पदों की कार्यप्रणाली समझाना और उन्हें भविष्य में उच्च पदों तक पहुंचने के लिए प्रेरित करना है।
बीएसए कार्यालय पहुंचकर अनुष्का ने संभाली कुर्सी
मंगलवार को कक्षा आठ की छात्रा अनुष्का जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचीं। यहां उन्होंने एक दिन के लिए प्रतीकात्मक रूप से बीएसए का कार्यभार ग्रहण किया।सामान्य दिनों में विद्यालय की कक्षा में बैठकर पढ़ाई करने वाली अनुष्का को इस बार जिला स्तर के शिक्षा प्रशासन को करीब से देखने का अवसर मिला।
इस पहल के जरिए उन्हें यह समझने का मौका मिला कि शिक्षा विभाग के अधिकारी किस प्रकार प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालते हैं और विद्यालयों से संबंधित कार्यों का संचालन किया जाता है।
हालांकि, अनुष्का की भूमिका केवल शैक्षणिक और प्रतीकात्मक थी। उन्हें किसी प्रकार के वैधानिक प्रशासनिक अधिकार सौंपे जाने की जानकारी नहीं है।मिशन शक्ति 6.0 के तहत हुई विशेष पहल
उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान तथा स्वावलंबन को बढ़ावा देने के लिए मिशन शक्ति अभियान चलाया जा रहा है।इसी अभियान के छठे चरण के अंतर्गत छात्राओं को विभिन्न प्रशासनिक जिम्मेदारियों से परिचित कराने के उद्देश्य से विशेष गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।
इन गतिविधियों का उद्देश्य बालिकाओं को यह संदेश देना है कि वे भी शिक्षा, प्रशासन और अन्य क्षेत्रों में महत्वपूर्ण पदों तक पहुंच सकती हैं।अनुष्का को एक दिन के लिए बीएसए बनाने की पहल भी इसी उद्देश्य से की गई। इससे छात्राओं में बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने के लिए मेहनत करने की प्रेरणा मिल सकती है।
दीपा भाटी ने दी पहल की जानकारी
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी दीपा भाटी ने बताया कि मंगलवार को कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय की छात्रा अनुष्का को बीएसए कार्यालय बुलाया गया था।यहां उन्हें प्रतीकात्मक रूप से अधिकारी का कार्यभार ग्रहण करने का अवसर दिया गया।
इस प्रकार की पहल का उद्देश्य बालिकाओं को प्रशासनिक जिम्मेदारियों की जानकारी देना है। साथ ही उन्हें आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और भविष्य में नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित करना भी है।छात्राओं को प्रशासनिक कार्यालयों की कार्यप्रणाली से परिचित कराने से उन्हें सरकारी व्यवस्था को समझने का अवसर मिलता है।छात्राओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करना उद्देश्य
मिशन शक्ति के तहत आयोजित इस गतिविधि का सबसे
महत्वपूर्ण
उद्देश्य बालिकाओं में नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा देना है।विद्यालय में पढ़ाई के दौरान विद्यार्थियों को विभिन्न विषयों का ज्ञान प्राप्त होता है, लेकिन व्यावहारिक अनुभव भी उनके व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।जब छात्राओं को किसी प्रशासनिक अधिकारी की भूमिका समझने का अवसर मिलता है, तो वे जिम्मेदारियों और निर्णय लेने की प्रक्रिया के महत्व से परिचित होती हैं।इस प्रकार की गतिविधियां छात्राओं को सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित कर सकती हैं।
क्या होती है जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की जिम्मेदारी?
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जिले में बेसिक शिक्षा से जुड़े प्रशासनिक कार्यों के लिए जिम्मेदार प्रमुख अधिकारी होते हैं।उनके कार्यक्षेत्र में परिषदीय विद्यालयों के संचालन की निगरानी, शैक्षणिक व्यवस्थाओं का निरीक्षण और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े विभिन्न कार्य शामिल होते हैं।
इसके अलावा शिक्षकों से संबंधित प्रशासनिक मामलों और विद्यालयों में आवश्यक सुविधाओं की निगरानी भी शिक्षा विभाग की व्यवस्था का हिस्सा होती है।जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी का पद शिक्षा व्यवस्था के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।ऐसे पद की जिम्मेदारियों से परिचित होना किसी भी छात्रा के लिए उपयोगी शैक्षणिक अनुभव हो सकता है।
कस्तूरबा गांधी विद्यालय की छात्राओं के लिए प्रेरणा
कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों का उद्देश्य मुख्य रूप से वंचित वर्गों की बालिकाओं को शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।इन विद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं को शैक्षणिक गतिविधियों के साथ व्यक्तित्व विकास के अवसर देना भी महत्वपूर्ण है।अनुष्का को बीएसए कार्यालय में एक दिन की प्रतीकात्मक जिम्मेदारी मिलने की पहल अन्य छात्राओं के लिए भी प्रेरणा बन सकती है।इससे यह संदेश मिलता है कि मेहनत, शिक्षा और आत्मविश्वास के जरिए बालिकाएं भविष्य में प्रशासनिक तथा अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपनी पहचान बना सकती हैं।
बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य केवल महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना नहीं है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए प्रेरित करना भी है।बालिकाओं को विभिन्न क्षेत्रों में अवसर प्रदान करने से उनकी क्षमताओं को विकसित करने में मदद मिल सकती है।
प्रशासनिक कार्यालयों का भ्रमण, अधिकारियों से संवाद और प्रतीकात्मक रूप से जिम्मेदारी संभालने जैसी गतिविधियां विद्यार्थियों के लिए व्यावहारिक शिक्षा का माध्यम बन सकती हैं।इस प्रकार के अनुभव छात्राओं को भविष्य में अपने करियर के बारे में सोचने और बड़े लक्ष्य निर्धारित करने में सहायता कर सकते हैं।
एक दिन की अधिकारी बनकर मिला खास अनुभव
कक्षा आठ की छात्रा अनुष्का के लिए मंगलवार का दिन सामान्य स्कूली दिनों से अलग रहा। उन्हें जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचकर एक प्रशासनिक पद की भूमिका समझने का अवसर मिला।
हालांकि, इस अवसर पर अनुष्का ने किन दस्तावेजों का अवलोकन किया या किन प्रशासनिक गतिविधियों में हिस्सा लिया, इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।फिलहाल यह स्पष्ट है कि उन्हें मिशन शक्ति 6.0 अभियान के तहत एक दिन के लिए
प्रतीकात्मक
रूप से बीएसए बनाया गया था।बालिकाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदममिशन शक्ति 6.0 के तहत अनुष्का को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बनने का अवसर देना बालिका सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रेरक पहल है।
इस आयोजन के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि बेटियों को शिक्षा के साथ नेतृत्व और जिम्मेदारी निभाने के अवसर भी मिलने चाहिए।जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी दीपा भाटी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इस गतिविधि का उद्देश्य छात्राओं में आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित करना है।एक दिन के लिए बीएसए की भूमिका निभाने वाली अनुष्का का यह अनुभव शिक्षा और प्रशासन के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा दे सकता है।
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