उत्तर प्रदेश

UP में कक्षा 6 से 8 तक के बच्चों को कोडिंग और एआई की शिक्षा: डायट प्रवक्ताओं को प्रशिक्षण

Ashish verma
3 Jun 2025 8:34 PM IST
UP में कक्षा 6 से 8 तक के बच्चों को कोडिंग और एआई की शिक्षा: डायट प्रवक्ताओं को प्रशिक्षण
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UP में कक्षा 6 से 8 तक के बच्चों को कोडिंग और एआई की शिक्षा

Mirzapur.मिर्जापुर। परिषदीय विद्यालयों में कक्षा छह से आठ तक के बच्चे कोडिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डिजिटल साक्षरता सीखेंगे। इसके लिए कक्षा छह, सात और आठ में कंप्यूटर विषय की नई किताबें चलाई जाएंगी।जिले के 1828 परिषदीय विद्यालयों के कक्षा छह से आठ तक के बच्चे लाभान्वित होंगे। इसके लिए डायट प्रवक्ताओं को आईआईआईटी में कोडिंग, एआई और डिजिटल साक्षरता का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। बेसिक शिक्षा विभाग में निजी विद्यालयों की तर्ज पर परिषदीय विद्यालयों में भी स्मार्ट क्लास चलाई जा रही हैं।इसके लिए जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) के प्रशिक्षित प्रवक्ता मास्टर ट्रेनर के रूप में काम करेंगे। इसके बाद परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों को इन विषयों की बारीकियां सिखाई जाएंगी। वर्तमान में तकनीक का प्रयोग तेजी से बढ़ रहा है। इसका लक्ष्य छात्रों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाना है, ताकि वे आधुनिक तकनीक का प्रभावी ढंग से प्रयोग कर सकें।बेसिक शिक्षा विभाग में कक्षा छह से आठ तक में कंप्यूटर का नया विषय लागू किया जा रहा है।

इसमें एआई, कोडिंग की पढ़ाई होगी। डायट प्रवक्ता नीरज कुमार ने बताया कि छात्रों को इन विषयों का बेहतर और सतर्कता से प्रयोग करना सिखाया जाएगा।राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद की डिजिटल साक्षरता, कम्प्यूटेशनल थिंकिंग, कोडिंग एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पुस्तक पढ़ाई जाएगी। कक्षा छह में बच्चे कंप्यूटर, माइक्रोसॉफ्ट पेंट, माइक्रोसॉफ्ट वर्ड, स्टेप बाई स्टेप थिंकिंग, स्केच, पायथन, इंटेलिजेंस पढ़ेंगे। कक्षा सात में बच्चे कंप्यूटर एवं इंटरनेट, माइक्रोसॉफ्ट वर्ड, माइक्रोसॉफ्ट एक्सेल का प्रयोग, तार्किक चिंतन, स्क्रैच से कोडिंग, पायथन टोकन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सीखेंगे। कक्षा आठ में बच्चे नेटवर्किंग एवं साइबर सुरक्षा, माइक्रोसॉफ्ट वर्ड, माइक्रोसॉफ्ट एक्सेल, स्क्रैच से कोडिंग, पायथन में यूजर इनपुट, डाटा एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पढ़ेंगे। बेसिक शिक्षा में कक्षा छह से आठ तक के बच्चों को एनसीईआरटी की पुस्तकों से कोडिंग एवं एआई आदि पढ़ाया जाएगा। इससे उनका कंप्यूटर विषय का ज्ञान बढ़ेगा। - अनिल कुमार वर्मा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।


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