- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- आजम खां और जौहर...
आजम खां और जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED का शिकंजा

लखनऊ/रामपुर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव मोहम्मद आजम खां और मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। ईडी की अलग-अलग टीमों ने सुबह तड़के एक साथ कई स्थानों पर छापेमारी शुरू की। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश के रामपुर, सहारनपुर और दिल्ली समेत करीब 10 ठिकानों पर की गई।
ईडी की टीमें सुबह करीब शुरुआती घंटों में जौहर यूनिवर्सिटी परिसर समेत संबंधित स्थानों पर पहुंचीं। अधिकारियों ने विश्वविद्यालय, जौहर ट्रस्ट और अन्य जुड़े परिसरों में दस्तावेजों की जांच शुरू की। कार्रवाई के दौरान टीमों ने वित्तीय लेन-देन, संपत्तियों से जुड़े रिकॉर्ड, ट्रस्ट के दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण कागजातों की पड़ताल की।
सूत्रों के अनुसार, ईडी की यह कार्रवाई कथित तौर पर जौहर यूनिवर्सिटी और उससे जुड़े संस्थानों में वित्तीय लेन-देन की जांच के तहत की गई है। जांच एजेंसी लंबे समय से इस मामले में विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। बुधवार को हुई छापेमारी इसी जांच की अगली कड़ी बताई जा रही है।
सुबह से रात तक चली कार्रवाई
ईडी की कार्रवाई करीब 16 घंटे तक जारी रही। दिनभर टीमों ने अलग-अलग परिसरों में रिकॉर्ड खंगाले। अधिकारियों ने कंप्यूटर, दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारियां जुटाईं। छापेमारी के दौरान सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम किए गए थे।
रात करीब साढ़े दस बजे ईडी की टीमें जौहर यूनिवर्सिटी, जौहर ट्रस्ट और अन्य संबंधित ठिकानों से कुछ दस्तावेज अपने साथ लेकर रवाना हुईं। इसके बाद टीमें लखनऊ के लिए रवाना हो गईं। हालांकि, जांच एजेंसी की ओर से बरामद दस्तावेजों या जांच में सामने आई जानकारी को लेकर आधिकारिक रूप से कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है।
जौहर यूनिवर्सिटी और ट्रस्ट की जांच
मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी रामपुर में स्थित एक निजी विश्वविद्यालय है, जिसकी स्थापना आजम खां से जुड़े जौहर ट्रस्ट द्वारा की गई थी। विश्वविद्यालय और ट्रस्ट को लेकर पिछले कुछ वर्षों में कई विवाद सामने आए हैं। जांच एजेंसियां जमीन, आर्थिक लेन-देन और अन्य मामलों से जुड़े पहलुओं की जांच करती रही हैं।
ईडी की जांच में कथित वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पहलुओं को देखा जा रहा है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि धन का स्रोत क्या था, किस तरह से लेन-देन हुए और क्या नियमों का उल्लंघन किया गया।
आजम खां पहले भी रहे हैं जांच के घेरे में
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां पिछले कुछ वर्षों में कई कानूनी मामलों को लेकर चर्चा में रहे हैं। उनके खिलाफ जमीन, निर्माण, सरकारी संसाधनों के कथित दुरुपयोग समेत कई मामलों में जांच और मुकदमे दर्ज हो चुके हैं।
जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मामलों में भी आजम खां और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ विभिन्न आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, समाजवादी पार्टी और आजम खां पक्ष लगातार इन आरोपों को राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताते रहे हैं।
सपा ने कार्रवाई पर उठाए सवाल
ईडी की कार्रवाई के बाद समाजवादी पार्टी की ओर से केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधे जाने की संभावना है। सपा नेताओं का आरोप रहा है कि जांच एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को परेशान करने के लिए किया जा रहा है। वहीं, जांच एजेंसियां अपने स्तर पर कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई करने की बात कहती रही हैं।
आगे की जांच पर नजर
बुधवार की छापेमारी के बाद अब ईडी जब्त किए गए दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच करेगी। अधिकारियों को यदि जांच में कोई महत्वपूर्ण तथ्य मिलते हैं तो आगे पूछताछ या अन्य कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल ईडी की ओर से इस मामले में कोई अंतिम निष्कर्ष जारी नहीं किया गया है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेजों और अन्य सामग्री से मामले में क्या नए तथ्य सामने आते हैं।
आजम खां और जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े इस मामले में ईडी की कार्रवाई ने एक बार फिर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में जांच की दिशा और संभावित कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।





