उत्तर प्रदेश

बंगाल की खाड़ी के सिस्टम का असर, यूपी में भारी बरसात शुरू

Ratna Netam
28 July 2026 9:49 PM IST
बंगाल की खाड़ी के सिस्टम का असर, यूपी में भारी बरसात शुरू
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लखनऊ : उत्तर प्रदेश में एक बार फिर मानसून सक्रिय हो गया है। बंगाल की खाड़ी में बने मौसमी सिस्टम के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में अगले तीन दिनों तक भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने बुधवार को लेकर प्रदेश के कई जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है।

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी से उठा गहन अवदाब (डीप डिप्रेशन) ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तट को पार करने के बाद अब पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। इस मौसमी सिस्टम का असर उत्तर भारत के मौसम पर भी दिखाई देने लगा है। इसके अलावा प्रदेश के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में निचले क्षोभमंडल में बने चक्रवाती परिसंचरण और सक्रिय मॉनसूनी ट्रफ के कारण बारिश की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है।

यूपी-उत्तराखंड के अमौसी स्थित मौसम विभाग मुख्यालय के मुताबिक, इन सभी मौसमी परिस्थितियों के चलते प्रदेश में मानसून की सक्रियता बढ़ेगी। अगले तीन दिनों के दौरान राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहने और व्यापक स्तर पर बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां भारी बारिश के साथ जलभराव और बिजली गिरने का खतरा बना रह सकता है।

मौसम विभाग ने बुधवार के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग की चेतावनी के अनुसार, अगले 24 घंटों में सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, बिजनौर, अमरोहा और मुरादाबाद समेत आसपास के क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इन जिलों में तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने की संभावना भी जताई गई है।

मेरठ समेत आसपास के जिलों में बारिश को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। प्रशासन को भी संभावित हालात से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। भारी बारिश के दौरान नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों को सावधानी बरतने की अपील की गई है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की यह सक्रियता किसानों के लिए राहत लेकर आ सकती है। धान और अन्य खरीफ फसलों के लिए बारिश फायदेमंद साबित होगी। हालांकि अत्यधिक बारिश होने की स्थिति में खेतों में जलभराव की समस्या भी पैदा हो सकती है, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है।

बारिश के साथ बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों से खुले स्थानों पर जाने से बचने की अपील की है। तेज आंधी और गरज-चमक के दौरान पेड़, बिजली के खंभों और खुले मैदानों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।

प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ गई थीं, जिससे कई इलाकों में उमस और गर्मी बढ़ गई थी। अब बंगाल की खाड़ी में बने नए सिस्टम के कारण मानसून ने फिर रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में अच्छी बारिश देखने को मिलेगी।

प्रशासन ने भी सभी संबंधित विभागों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। नगर निकायों को जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने और बिजली विभाग को संभावित खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने को कहा गया है। लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करें और अनावश्यक रूप से खराब मौसम में बाहर निकलने से बचें।

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