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हाई कोर्ट बार चुनाव में डीएस यादव वरिष्ठ उपाध्यक्ष बने, आशुतोष त्रिपाठी संयुक्त सचिव निर्वाचित

प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के सत्र 2026-27 के चुनाव में वरिष्ठ उपाध्यक्ष और संयुक्त सचिव प्रशासन पद के परिणाम गुरुवार को घोषित कर दिए गए। वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर धर्मेंद्र सिंह उर्फ डीएस यादव ने जीत दर्ज की, जबकि संयुक्त सचिव प्रशासन पद पर आशुतोष त्रिपाठी विजयी घोषित किए गए। दोनों पदों के लिए 10 हजार से अधिक मतों की गिनती पूरी होने के बाद परिणाम सामने आया।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद की मतगणना में धर्मेंद्र सिंह शुरू से ही बढ़त बनाए हुए थे। पहले राउंड से ही उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भगवान दत्त उर्फ बीडी पांडेय पर बढ़त बना ली थी। मतगणना के अंतिम चरण तक उनकी यह बढ़त कायम रही और उन्होंने 554 मतों के अंतर से जीत हासिल की।
धर्मेंद्र सिंह को कुल 1725 मत मिले, जबकि भगवान दत्त पांडेय को 1171 वोट प्राप्त हुए। मतों के अंतर ने स्पष्ट कर दिया कि वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर धर्मेंद्र सिंह को अधिवक्ताओं का मजबूत समर्थन मिला।
गुरुवार को मतगणना के दौरान बार एसोसिएशन परिसर में अधिवक्ताओं की भारी मौजूदगी रही। अलग-अलग प्रत्याशियों के समर्थक मतगणना के हर राउंड पर नजर बनाए हुए थे। जैसे-जैसे मतों की गिनती आगे बढ़ी, समर्थकों में उत्सुकता बढ़ती गई।
धर्मेंद्र सिंह की बढ़त शुरुआती दौर से कायम रहने के कारण उनके समर्थकों में उत्साह का माहौल रहा। अंतिम परिणाम घोषित होते ही समर्थकों ने उन्हें बधाई दी और जीत का स्वागत किया।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के महत्वपूर्ण पदों में माना जाता है। इस पद पर चुने गए प्रतिनिधि संगठन की गतिविधियों, अधिवक्ताओं के मुद्दों और प्रशासनिक निर्णयों में अहम भूमिका निभाते हैं।
धर्मेंद्र सिंह की जीत के बाद उनसे संगठन के भीतर अधिवक्ताओं की समस्याओं को प्रभावी तरीके से उठाने और बार तथा बेंच के बीच समन्वय मजबूत करने की अपेक्षा की जा रही है।
वहीं संयुक्त सचिव प्रशासन पद के चुनाव में आशुतोष त्रिपाठी को सफलता मिली। मतगणना पूरी होने के बाद उन्हें विजयी घोषित किया गया। इस पद पर जीत के साथ अब वह बार एसोसिएशन के प्रशासनिक कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
संयुक्त सचिव प्रशासन का दायित्व संगठन की आंतरिक व्यवस्था, बैठकों, पत्राचार और प्रशासनिक समन्वय से जुड़ा रहता है। ऐसे में इस पद पर विजयी प्रत्याशी से संगठन की कार्यप्रणाली को सुचारु रखने की उम्मीद रहती है।
मतगणना के दौरान पारदर्शिता और व्यवस्था बनाए रखने के लिए संबंधित टीम लगातार प्रक्रिया की निगरानी करती रही। हर चरण में मतों की गिनती के बाद आंकड़े सामने आते रहे।
हाई कोर्ट बार एसोसिएशन का चुनाव अधिवक्ता समुदाय के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इसमें विभिन्न पदों पर बड़ी संख्या में प्रत्याशी मैदान में उतरते हैं और अधिवक्ता अपने प्रतिनिधियों का चयन करते हैं।
इस बार भी चुनाव को लेकर लंबे समय से तैयारियां चल रही थीं। प्रचार अभियान के दौरान प्रत्याशियों ने अधिवक्ताओं से संपर्क कर समर्थन मांगा था और अपने-अपने मुद्दे तथा प्राथमिकताएं सामने रखी थीं।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद के उम्मीदवार धर्मेंद्र सिंह ने भी चुनाव प्रचार के दौरान अधिवक्ताओं से सीधे संपर्क किया था। उनके समर्थकों का कहना था कि वह बार के मुद्दों को मजबूती से उठाने और अधिवक्ताओं के हितों के लिए काम करने पर जोर देंगे।
भगवान दत्त पांडेय भी इस पद के मजबूत उम्मीदवारों में शामिल थे। मतगणना के दौरान वह दूसरे स्थान पर रहे और उन्हें 1171 मत मिले।
धर्मेंद्र सिंह की जीत का अंतर 554 मत रहा। यह अंतर वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद के चुनाव में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
परिणाम घोषित होने के बाद समर्थकों ने विजयी प्रत्याशियों का स्वागत किया। बार परिसर में बधाइयों का दौर शुरू हो गया।
अधिवक्ताओं ने धर्मेंद्र सिंह और आशुतोष त्रिपाठी को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। चुनाव में हारने वाले प्रत्याशियों के समर्थकों ने भी परिणाम स्वीकार करते हुए संगठन के लिए मिलकर काम करने की बात कही।
बार एसोसिएशन में चुनाव के बाद सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी नई कार्यकारिणी के सामने होती है। अधिवक्ताओं की मूलभूत सुविधाएं, कोर्ट परिसर की व्यवस्थाएं, सुरक्षा, बैठने की जगह, चैंबर, स्वास्थ्य सुविधा और अन्य प्रशासनिक समस्याएं हमेशा प्रमुख मुद्दों में रहती हैं।
इसके अलावा युवा अधिवक्ताओं के लिए अवसर और सुविधाएं बढ़ाने की मांग भी समय-समय पर उठती रहती है।
नई कार्यकारिणी से उम्मीद होगी कि वह इन सभी मुद्दों पर प्राथमिकता के आधार पर काम करे और अधिवक्ताओं तथा न्यायिक प्रशासन के बीच बेहतर संवाद स्थापित करे।
हाई कोर्ट बार एसोसिएशन में वरिष्ठ उपाध्यक्ष का पद संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों के साथ वरिष्ठ उपाध्यक्ष कई अहम बैठकों और निर्णयों में भाग लेते हैं।
धर्मेंद्र सिंह की जीत के बाद अब उनके सामने चुनाव के दौरान किए गए वादों को जमीन पर उतारने की जिम्मेदारी होगी।
संयुक्त सचिव प्रशासन के रूप में आशुतोष त्रिपाठी भी संगठन के प्रशासनिक कामकाज में सक्रिय रहेंगे। उनसे बार की बैठकों, कार्यक्रमों और कार्यालय व्यवस्था को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने की अपेक्षा रहेगी।
गुरुवार को मतगणना पूरी होने के बाद दोनों पदों का परिणाम घोषित कर दिया गया, जिससे इन सीटों को लेकर चली आ रही उत्सुकता समाप्त हो गई।
10 हजार से अधिक मतों की गिनती के बाद सामने आए परिणाम ने यह भी दिखाया कि बार चुनाव में अधिवक्ताओं ने बड़ी संख्या में भागीदारी की।
धर्मेंद्र सिंह ने पहले राउंड से अंतिम चरण तक अपनी बढ़त बनाए रखी और अंत में 1725 मत प्राप्त कर विजयी रहे। भगवान दत्त पांडेय 1171 मतों के साथ दूसरे स्थान पर रहे।
वहीं संयुक्त सचिव प्रशासन पद पर आशुतोष त्रिपाठी की जीत के बाद उनके समर्थकों में भी उत्साह देखा गया।
अब इलाहाबाद हाई कोर्ट बार एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी के बाकी पदों के परिणामों के साथ पूरा संगठनात्मक ढांचा स्पष्ट होगा।
फिलहाल वरिष्ठ उपाध्यक्ष और संयुक्त सचिव प्रशासन पद पर जीत हासिल करने वाले दोनों प्रत्याशियों को अधिवक्ता समुदाय की ओर से बधाई दी जा रही है। नई जिम्मेदारी संभालने के बाद उनसे संगठन को मजबूत करने और अधिवक्ताओं की समस्याओं के समाधान की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने की उम्मीद है।





