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सुल्तानपुर : उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में शुक्रवार तड़के पुलिस और कथित मादक पदार्थ तस्करों के बीच मुठभेड़ हो गई। अखंडनगर थाना क्षेत्र के सहजनपुर अंडरपास के पास हुई इस कार्रवाई में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुठभेड़ के दौरान पुलिस की जवाबी गोलीबारी में दो आरोपी घायल हो गए। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब पांच करोड़ रुपये कीमत की 1.8 किलोग्राम अवैध मॉर्फिन, दो तमंचे, जिंदा एवं खोखा कारतूस और दो कारें बरामद करने का दावा किया है।
पुलिस के अनुसार, 14 अगस्त की सुबह करीब साढ़े चार बजे सूचना मिली थी कि मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले एक गिरोह के सदस्य भारी मात्रा में नशीला पदार्थ लेकर उसकी डिलीवरी करने जा रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम को तत्काल सक्रिय किया गया। अखंडनगर क्षेत्र में सहजनपुर अंडरपास के पास घेराबंदी कर वाहनों की जांच शुरू की गई।
इसी दौरान पुलिस को एक बलेनो और एक वरना कार आती हुई दिखाई दी। पुलिसकर्मियों ने दोनों वाहनों को रुकने का संकेत दिया, लेकिन कारों में सवार आरोपियों ने कथित रूप से पुलिस टीम पर गोली चला दी। अचानक हुई गोलीबारी के बाद पुलिस ने अपनी सुरक्षा में जवाबी फायरिंग की। इस दौरान दो आरोपियों के पैर में गोली लगी और वे घायल होकर गिर पड़े। पुलिस टीम ने मौके की घेराबंदी कर दोनों घायल आरोपियों सहित पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
घायल आरोपियों की पहचान बलरामपुर जिले के जैतपुर निवासी खुर्शीद आलम और सुल्तानपुर के बल्दीराय क्षेत्र निवासी प्रशांत सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों के पास से तमंचे, खोखा कारतूस और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इनके साथ मौजूद रोहित तिवारी, अंकुर प्रजापति और रामबाबू को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस सभी आरोपियों के आपराधिक इतिहास और उनके खिलाफ विभिन्न थानों में दर्ज मामलों की जानकारी जुटा रही है।
कार्रवाई के बाद पुलिस ने दोनों वाहनों की तलाशी ली। इस दौरान कारों से कुल एक किलो 800 ग्राम संदिग्ध मादक पाउडर बरामद हुआ। प्रारंभिक जांच में इस पदार्थ की पहचान मॉर्फिन के रूप में की गई है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक बरामद मॉर्फिन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब पांच करोड़ रुपये है। मादक पदार्थ की जांच और पुष्टि के लिए नमूने को प्रयोगशाला भेजने की प्रक्रिया भी की जा रही है।
सीओ कादीपुर विनय कुमार ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े कई महत्वपूर्ण खुलासे किए हैं। पुलिस के मुताबिक आरोपी मॉर्फिन को ओडिशा से लाकर उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में पहुंचाते थे। इसके लिए अलग-अलग वाहनों और रास्तों का इस्तेमाल किया जाता था, ताकि पुलिस तथा अन्य जांच एजेंसियों को उनके आवागमन पर संदेह न हो।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गिरोह मॉर्फिन की खेप ओडिशा में किस व्यक्ति या समूह से प्राप्त करता था। उत्तर प्रदेश में इस मादक पदार्थ की आपूर्ति किन जिलों और किन लोगों को की जानी थी, इसकी भी जांच की जा रही है। आरोपियों के मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड, बैंक खातों और डिजिटल लेनदेन से संबंधित विवरण खंगाले जाने की तैयारी है। दोनों कारों के स्वामित्व और इनके पहले के इस्तेमाल की जानकारी भी जुटाई जा रही है।
मुठभेड़ में घायल खुर्शीद आलम और प्रशांत सिंह को पुलिस की निगरानी में अखंडनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों की टीम दोनों का उपचार कर रही है। उनकी स्थिति के आधार पर आगे किसी बड़े अस्पताल में रेफर करने का निर्णय लिया जा सकता है। गिरफ्तार किए गए अन्य तीन आरोपियों से पुलिस और संबंधित एजेंसियां पूछताछ कर रही हैं।
पुलिस ने मामले में मादक पदार्थ तस्करी और पुलिस टीम पर फायरिंग सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। बरामदगी के बाद क्षेत्र में मादक पदार्थों की आपूर्ति से जुड़े नेटवर्क की तलाश तेज कर दी गई है।
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