उत्तर प्रदेश

'Education के मंदिर को मत उजाड़िए', जौहर यूनिवर्सिटी पर सियासत तेज

Ratna Netam
16 July 2026 5:18 PM IST
Education  के मंदिर को मत उजाड़िए, जौहर यूनिवर्सिटी पर सियासत तेज
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Saharanpur सहारनपुर : रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी पर प्रस्तावित बुलडोजर कार्रवाई को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ता जा रहा है। सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि किसी भी शिक्षा संस्थान पर बुलडोजर चलाना छात्रों और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।

इमरान मसूद ने जौहर यूनिवर्सिटी मामले को लेकर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शिक्षा संस्थान समाज के विकास का आधार होते हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी भवन के निर्माण में नियमों से जुड़ी कोई समस्या है तो उसका समाधान कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से निकाला जा सकता है। उन्होंने सरकार से कार्रवाई पर पुनर्विचार करने की मांग की।

कांग्रेस सांसद ने कहा कि शिक्षा के मंदिर पर बुलडोजर चलाने का असर केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था पर नहीं पड़ता, बल्कि वहां पढ़ने वाले हजारों छात्रों के भविष्य पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी में बड़ी संख्या में छात्र शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं और किसी भी कदम से पहले छात्रों के हितों को ध्यान में रखा जाना चाहिए।

इमरान मसूद ने कहा कि अगर विश्वविद्यालय का भवन मानचित्र के अनुसार नहीं बना है तो भी इसके समाधान के कई विकल्प मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि नियमों के तहत कंपाउंडिंग जैसी प्रक्रियाओं के माध्यम से विवाद को सुलझाया जा सकता है। किसी भी शिक्षा संस्थान को अचानक नुकसान पहुंचाना उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि एक विश्वविद्यालय को खड़ा करने में वर्षों की मेहनत, संसाधन और समय लगता है। सरकार लगातार शिक्षा को बढ़ावा देने की बात करती है और प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री भी शिक्षा के विस्तार पर जोर देते हैं। ऐसे में किसी शिक्षा संस्थान पर बुलडोजर कार्रवाई करना सरकार की नीतियों से मेल नहीं खाता।

कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि जौहर यूनिवर्सिटी के खिलाफ की जा रही कार्रवाई राजनीतिक द्वेष से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई केवल इसलिए की जा रही है क्योंकि सरकार की नाराजगी आजम खान से है। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेदों का असर शिक्षा व्यवस्था पर नहीं पड़ना चाहिए।

गौरतलब है कि रामपुर स्थित जौहर यूनिवर्सिटी लंबे समय से राजनीतिक और कानूनी विवादों में रही है। विश्वविद्यालय की जमीन, निर्माण और अन्य मामलों को लेकर अलग-अलग स्तरों पर विवाद सामने आते रहे हैं। प्रशासन की ओर से नियमों के उल्लंघन को लेकर कार्रवाई की बात कही जाती रही है।

वहीं, इस मामले में कांग्रेस सांसद के बयान के बाद राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। कांग्रेस जहां इसे छात्रों के हितों से जुड़ा मामला बता रही है, वहीं सरकार और प्रशासन का पक्ष है कि सभी कार्रवाई कानून और नियमों के अनुसार की जा रही है।

फिलहाल जौहर यूनिवर्सिटी मामले को लेकर सियासी बयानबाजी जारी है। आने वाले दिनों में प्रशासनिक कार्रवाई और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं पर सभी की नजर बनी हुई है।

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