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उत्तर प्रदेश
विंध्यवासिनी मंदिर के दानपात्र खुले, 20 लाख से ज्यादा की राशि मिली
nidhi
1 Oct 2026 8:48 AM IST

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मिर्जापुर: मां विंध्यवासिनी मंदिर में दानपात्रों की गणना के दौरान बड़ी राशि सामने आई है। मंदिर परिसर में रखे गए गोलकों को कड़ी निगरानी और CCTV कैमरों की मौजूदगी में खोला गया। इस दौरान सिर्फ दो दानपात्रों से ही 20.37 लाख रुपये की नकदी प्राप्त हुई। दान की रकम सामने आने के बाद मंदिर प्रशासन ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत गिनती और रिकॉर्ड तैयार करने का काम पूरा किया।
मां विंध्यवासिनी धाम देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है, जहां सालभर बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन और पूजा के लिए पहुंचते हैं। श्रद्धालु अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार मंदिर के दानपात्रों में नकद राशि चढ़ाते हैं। समय-समय पर इन दानपात्रों को प्रशासनिक व्यवस्था के तहत खोला जाता है और उनमें जमा राशि की गिनती की जाती है।
इस बार दानपात्र खोलने की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी रखने के लिए CCTV कैमरों की निगरानी में कार्रवाई की गई। संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की मौजूदगी में गोलक खोले गए। इसके बाद उनमें मौजूद नोट और सिक्कों को अलग कर व्यवस्थित तरीके से गिनती शुरू की गई।
गिनती के दौरान दो ही गोलकों से 20 लाख 37 हजार रुपये की राशि निकलने पर सभी का ध्यान इस ओर गया। यह राशि श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर में चढ़ाए गए दान से प्राप्त हुई है। दानपात्रों से मिली रकम का पूरा विवरण तैयार कर उसे नियमानुसार दर्ज किया गया।
मंदिर प्रशासन की ओर से दानपात्रों की गणना में विशेष सावधानी बरती जाती है। नकदी की गिनती से लेकर उसे सुरक्षित रखने तक पूरी प्रक्रिया निगरानी में की जाती है। CCTV रिकॉर्डिंग का उद्देश्य व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना और किसी भी तरह की गड़बड़ी की आशंका को खत्म करना है।
दानपात्र खोलने के दौरान मंदिर से जुड़े अधिकारी और अधिकृत कर्मचारी मौजूद रहे। गोलक से निकली राशि को अलग-अलग मूल्य वर्ग के अनुसार बांटकर गिना गया। गिनती पूरी होने के बाद कुल राशि का मिलान किया गया और रिकॉर्ड तैयार किया गया।
मां विंध्यवासिनी के दर्शन के लिए सामान्य दिनों के अलावा नवरात्रि और अन्य धार्मिक अवसरों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। इन मौकों पर मंदिर में चढ़ावे और दान की मात्रा भी बढ़ जाती है। श्रद्धालु नकदी के अलावा अन्य रूपों में भी अपनी श्रद्धा अर्पित करते हैं।
दान से प्राप्त राशि मंदिर की व्यवस्थाओं और धार्मिक गतिविधियों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा, साफ-सफाई, सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं के लिए भी इस तरह प्राप्त धन का इस्तेमाल नियमानुसार किया जाता है।
दानपात्रों से बड़ी रकम निकलने के बाद यह भी स्पष्ट हुआ कि श्रद्धालुओं की आस्था मां विंध्यवासिनी धाम के प्रति लगातार बनी हुई है। बड़ी संख्या में आने वाले भक्त दर्शन के साथ दान भी करते हैं, जिससे मंदिर के दानपात्रों में लगातार राशि जमा होती रहती है।
CCTV की निगरानी में दानपात्र खोलने और रकम की गिनती करने से पूरी प्रक्रिया की विश्वसनीयता बढ़ती है। अधिकारी इस दौरान हर चरण का रिकॉर्ड रखते हैं, ताकि बाद में किसी तरह का विवाद या सवाल खड़ा न हो।
मंदिर से जुड़े दान की गणना में नकदी को सुरक्षित तरीके से रखने के साथ उसका दस्तावेजीकरण भी जरूरी होता है। इसी प्रक्रिया के तहत इस बार भी प्राप्त राशि को दर्ज किया गया और आगे की औपचारिकताएं पूरी की गईं।
दो गोलकों से 20.37 लाख रुपये निकलना अपने आप में बड़ी राशि मानी जा रही है। अभी अन्य दानपात्रों में जमा राशि की गणना होने पर कुल दान का आंकड़ा और बढ़ सकता है। हालांकि अंतिम राशि सभी संबंधित दानपात्रों की गणना पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
मां विंध्यवासिनी मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार अधिक रहती है। धार्मिक आस्था के साथ लोग यहां अपनी मनोकामनाओं और पूजा-अर्चना के बाद दान करते हैं। इसी कारण मंदिर के गोलकों में बड़ी मात्रा में राशि जमा होती है।
फिलहाल दो दानपात्रों की गिनती में सामने आए 20.37 लाख रुपये को नियमानुसार सुरक्षित कर लिया गया है। पूरी प्रक्रिया CCTV की निगरानी में होने से प्रशासन ने पारदर्शिता और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।
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