उत्तर प्रदेश

तैमूरपुर स्कूल पहुंचीं डीएम कम उपस्थिति पर मांगा जवाब

Ratna Netam
14 Aug 2026 9:01 PM IST
तैमूरपुर स्कूल पहुंचीं डीएम कम उपस्थिति पर मांगा जवाब
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बिजनौर। जिलाधिकारी जसजीत कौर ने शुक्रवार को विकासखंड मोहम्मदपुर देवमल के पूर्व माध्यमिक विद्यालय तैमूरपुर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान विद्यालय में छात्र-छात्राओं की कम उपस्थिति और मध्याह्न भोजन से संबंधित कई अव्यवस्थाएं सामने आईं। जिलाधिकारी ने कमियों पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी विद्यालयों में शिक्षा भोजन स्वच्छता और विद्यार्थियों की उपस्थिति को लेकर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व देवेंद्र पाल सिंह जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विद्यालय के प्रधानाध्यापक और सहायक अध्यापक मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने सबसे पहले विद्यालय की उपस्थिति पंजिका का अवलोकन किया। रिकॉर्ड देखने के बाद उन्होंने कक्षाओं में उपस्थित विद्यार्थियों की वास्तविक संख्या की जांच की। मौके पर बच्चों की संख्या बेहद कम मिलने पर उन्होंने प्रधानाध्यापक और शिक्षकों से इसका कारण पूछा।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि विद्यालय में पंजीकृत सभी विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए अभिभावकों से संपर्क किया जाए। लगातार अनुपस्थित रहने वाले बच्चों की पहचान कर उनके परिवारों को शिक्षा के महत्व के बारे में समझाया जाए। उन्होंने कहा कि केवल पंजीकरण बढ़ाना पर्याप्त नहीं है बल्कि विद्यार्थियों का प्रतिदिन विद्यालय आना और नियमित रूप से पढ़ाई करना जरूरी है।
इसके बाद जिलाधिकारी ने मध्याह्न भोजन की व्यवस्था का निरीक्षण किया। प्रधानाध्यापक ने बताया कि शुक्रवार को बच्चों के लिए तहरी तैयार की गई थी। जांच के दौरान मौके पर बने हुए भोजन का कोई नमूना सुरक्षित नहीं मिला। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की और प्रधानाध्यापक को प्रतिदिन तैयार होने वाले मध्याह्न भोजन का नमूना निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सुरक्षित रखने के निर्देश दिए।
विद्यालय में मध्याह्न भोजन तैयार करने के लिए पर्याप्त राशन भी मौजूद नहीं पाया गया। प्रधानाध्यापक ने बताया कि ग्राम प्रधान की ओर से प्रतिदिन आवश्यक राशन विद्यालय भेजा जाता है। जिलाधिकारी ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि भोजन बनाने के लिए पर्याप्त मात्रा में राशन विद्यालय में उपलब्ध रहना चाहिए। प्रतिदिन राशन पहुंचने पर निर्भर रहने से किसी दिन भोजन व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को राशन की उपलब्धता और उसके इस्तेमाल की नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों को दिए जाने वाले भोजन की मात्रा और गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप होनी चाहिए। राशन के भंडारण साफ-सफाई और तैयार भोजन की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता।
निरीक्षण में यह भी सामने आया कि विद्यालय में विद्यार्थियों के मध्याह्न भोजन के लिए पर्याप्त बर्तन उपलब्ध नहीं हैं। कई बच्चे अपने घरों से बर्तन लेकर विद्यालय आते हैं और उनमें भोजन करते हैं। जिलाधिकारी ने इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक संख्या में थाली कटोरी और अन्य बर्तन तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी बच्चे को घर से बर्तन लाने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए।
विद्यालय परिसर में बच्चों के हाथ धोने के लिए हैंडवॉश और साबुन की व्यवस्था भी नहीं मिली। जिलाधिकारी ने विद्यालय प्रशासन को भोजन से पहले और बाद में बच्चों के हाथ धोने की समुचित व्यवस्था करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता की कमी से बच्चों में संक्रमण और दूसरी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए साफ पानी साबुन और हाथ धोने के निर्धारित स्थान की व्यवस्था प्राथमिकता के आधार पर की जाए।
जिलाधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को विद्यालय का नियमित निरीक्षण करने और मिली सभी कमियों को समयबद्ध रूप से दूर कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति गुणवत्तापूर्ण शिक्षा परिसर की स्वच्छता और सुरक्षित मध्याह्न भोजन प्रत्येक विद्यालय की जिम्मेदारी है। सुधारात्मक कार्रवाई के बाद व्यवस्थाओं की दोबारा जांच की जाए।
विद्यालय के निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी ने ग्राम रावली के पास स्थित रपटे का जायजा लिया। निरीक्षण के समय रपटे पर आवागमन सामान्य मिला। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि नदी में जलस्तर बढ़ने पर किसी भी स्थिति में रपटा पार करने का प्रयास न करें। बारिश के दौरान पानी का बहाव अचानक तेज हो सकता है इसलिए प्रशासन की चेतावनी का पालन किया जाए।
इसके बाद जिलाधिकारी ने मध्य गंगा बैराज के बाएं अफलक बंध का भी निरीक्षण किया। मौके पर गंगा नदी का जलस्तर सामान्य पाया गया। उन्होंने अधिकारियों को जलस्तर और बंध की स्थिति की नियमित निगरानी करने तथा किसी भी बदलाव की तत्काल सूचना देने का निर्देश दिया।
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