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Children, की सुरक्षा को लेकर सख्त डीएम, बिना फिटनेस स्कूल बसों पर गिरेगी गाज

Moradabad मुरादाबाद : जनपद में स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया की अध्यक्षता में जिला विद्यालय यान समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्कूली वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था, फिटनेस, चालक सत्यापन और सड़क सुरक्षा मानकों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बच्चों की सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्कूल बसों और अन्य वाहनों की नियमित जांच जरूरी है, ताकि किसी भी दुर्घटना की संभावना को कम किया जा सके।
सभी स्कूली वाहनों का होगा फिटनेस सत्यापन
जिलाधिकारी ने एआरटीओ आनंद निर्मल को निर्देश दिए कि जनपद में संचालित सभी स्कूल बसों और अन्य स्कूली वाहनों का शत-प्रतिशत फिटनेस सत्यापन अभियान चलाकर जल्द पूरा किया जाए।
उन्होंने कहा कि बिना फिटनेस प्रमाणपत्र वाले किसी भी वाहन को बच्चों को लेकर सड़क पर चलने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। अगर जांच के दौरान कोई वाहन नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
चालक और परिचालक का सत्यापन जरूरी
बैठक में स्कूली वाहनों के चालकों और परिचालकों के सत्यापन पर भी विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा के लिए यह जरूरी है कि वाहन चलाने वाले व्यक्ति का पुलिस सत्यापन और आवश्यक दस्तावेजों की जांच पूरी हो।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूल प्रबंधन भी यह सुनिश्चित करें कि वाहन चालक अनुभवी और प्रशिक्षित हों। चालक द्वारा यातायात नियमों का पालन करना अनिवार्य है।
सड़क सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश
बैठक में स्कूली वाहनों में सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता को लेकर भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि बसों में प्राथमिक उपचार किट, अग्निशमन यंत्र, आपातकालीन निकास और अन्य जरूरी सुरक्षा इंतजाम मौजूद होने चाहिए।
इसके अलावा वाहनों में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने, तेज गति से वाहन चलाने और यातायात नियमों की अनदेखी करने पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए।
स्कूल प्रबंधन को भी जिम्मेदारी निभाने की अपील
जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि स्कूल प्रबंधन, वाहन संचालक और अभिभावकों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने स्कूल संचालकों से अपील की कि वे सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन करें और किसी भी लापरवाही से बचें।
उन्होंने कहा कि बच्चों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए समय-समय पर स्कूली वाहनों की जांच और कार्रवाई जारी रखी जाएगी।
बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी और जिला विद्यालय यान समिति के सदस्य मौजूद रहे। प्रशासन के इस कदम से उम्मीद है कि जिले में स्कूली वाहनों की व्यवस्था और सुरक्षित होगी तथा बच्चों की यात्रा को लेकर अभिभावकों की चिंताएं कम होंगी।





