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उत्तर प्रदेश
प्रवेश कार्ड मांगने पर विवाद, स्टेडियम कर्मचारी ने दारोगा पर लगाया पिटाई का आरोप
nidhi
24 Oct 2026 8:45 AM IST

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महिला को बिना कार्ड प्रवेश से रोका
आगरा: एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम में महिला से प्रवेश कार्ड मांगने के बाद शुरू हुआ विवाद पुलिस चौकी तक पहुंच गया। स्टेडियम के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रोहित कुमार ने सौदागर लाइन चौकी प्रभारी रिक्की पूनिया पर चौकी में बुलाकर गालीगलौज और लात-घूंसों से पिटाई करने का आरोप लगाया है। कर्मचारी का दावा है कि उन्हें कई घंटे बैठाए रखने के बाद जबरन माफीनामा लिखवाया गया। उन्होंने पुलिस आयुक्त से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। प्रकरण की जांच एसीपी हरीपर्वत को सौंपी गई है।
रोहित कुमार के मुताबिक, उनकी ड्यूटी स्टेडियम के मुख्य प्रवेश द्वार पर आने वाले लोगों के पहचान और प्रवेश कार्ड देखने की रहती है। इसी दौरान एक महिला स्टेडियम में प्रवेश करने पहुंचीं। उन्होंने महिला से कार्ड दिखाने को कहा। आरोप है कि महिला ने कार्ड दिखाने के बजाय चौकी प्रभारी से परिचय होने की बात कही। इसके बावजूद कर्मचारी ने बिना कार्ड प्रवेश देने से मना कर दिया। महिला वहां से चली गईं और बाद में कर्मचारी के पास चौकी आने के लिए फोन पहुंचा।
कर्मचारी का कहना है कि फोन आने के बाद वह चौकी पहुंचे। वहां चौकी प्रभारी के नहीं मिलने पर उन्होंने उन्हें कॉल किया। कुछ देर बाद दारोगा चौकी पहुंचे और उन्हें अंदर ले गए। रोहित का आरोप है कि वहां उनसे अभद्रता की गई और विरोध करने पर मारपीट शुरू कर दी गई। उनका दावा है कि करीब 20 मिनट तक उन्हें पीटा गया। उन्होंने मोबाइल लेने और उसमें कॉल विवरण देखने का भी आरोप लगाया है। रोहित ने शिकायत में कहा है कि उन्हें पांच से छह घंटे तक चौकी पर बैठाए रखा गया। बाद में माफीनामा लिखवाकर जाने दिया गया। उनका आरोप है कि घटना के बारे में किसी को बताने पर झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दी गई। कर्मचारी ने सिर और शरीर में चोट तथा दर्द की शिकायत करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि चौकी में उनके साथ हुआ व्यवहार पूछताछ तक सीमित नहीं था।
मामले से जुड़ी एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सामने आई है। कर्मचारी का दावा है कि उन्होंने मोबाइल में बातचीत रिकॉर्ड कर ली थी। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, रिकॉर्डिंग में गालीगलौज सुनाई देने की बात कही गई है। हालांकि, इस ऑडियो की स्वतंत्र तकनीकी पुष्टि की जानकारी सामने नहीं आई है। रिकॉर्डिंग किस समय और किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जांच से शिकायत के घटनाक्रम को समझने में मदद मिल सकती है। दूसरी ओर, डीसीपी सिटी रविंद्र कुमार के मुताबिक, महिला ने कर्मचारी के खिलाफ अभद्रता की शिकायत की थी। इसी शिकायत पर कर्मचारी को पूछताछ के लिए चौकी बुलाया गया था। पुलिस का कहना है कि कर्मचारी ने माफीनामा लिखकर दिया और बाद में चौकी प्रभारी पर पिटाई के आरोप लगाए। डीसीपी ने स्पष्ट किया है कि एसीपी हरीपर्वत की जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
इस प्रकरण में दोनों पक्षों के विवरण में मुख्य अंतर चौकी के भीतर हुए व्यवहार और माफीनामे की परिस्थितियों को लेकर है। कर्मचारी उसे दबाव में लिखवाया गया दस्तावेज बता रहे हैं, जबकि पुलिस के प्रारंभिक पक्ष में कर्मचारी द्वारा माफीनामा देने की बात कही गई है। केवल माफीनामा मौजूद होने से यह प्रश्न समाप्त नहीं होता कि उसे स्वेच्छा से लिखा गया था या दबाव में। इसी तरह कर्मचारी के आरोपों की पुष्टि भी जांच के निष्कर्ष से होनी बाकी है।
जांच के लिहाज से महिला की शुरुआती शिकायत, कर्मचारी को चौकी बुलाने का कारण, वहां बिताया गया समय और कथित मारपीट का घटनाक्रम महत्वपूर्ण बिंदु होंगे। कर्मचारी की ओर से बताई गई चोटों तथा ऑडियो रिकॉर्डिंग की पुष्टि भी आरोपों के आकलन में उपयोगी हो सकती है। उपलब्ध खबरों में मेडिकल परीक्षण की रिपोर्ट या ऑडियो की फॉरेंसिक जांच का विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए इन पहलुओं पर अभी कोई निश्चित निष्कर्ष निकालना संभव नहीं है। फिलहाल मामला शिकायत और विभागीय जांच के स्तर पर है। संबंधित दारोगा को दोषी ठहराने वाली अंतिम जांच रिपोर्ट उपलब्ध नहीं है। कर्मचारी अपने साथ मारपीट और धमकी दिए जाने की शिकायत पर कार्रवाई चाहते हैं। वहीं, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी जांच के बाद निर्णय लेने की बात कह रहे हैं। अब जांच से स्पष्ट होगा कि प्रवेश कार्ड को लेकर शुरू हुआ विवाद चौकी तक कैसे पहुंचा और वहां कर्मचारी के साथ वास्तव में क्या हुआ।
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