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भाजपा कार्यक्रम में कुर्सी को लेकर विवाद, दो पदाधिकारियों में हुई मारपीट

कानपुर। भाजपा कानपुर दक्षिण के एक कार्यक्रम में बुधवार को उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब स्वागत समारोह के दौरान कुर्सी पर बैठने को लेकर दो पदाधिकारी आपस में भिड़ गए। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों के बीच हाथापाई की नौबत आ गई। आरोप है कि इस दौरान जूते-चप्पल भी चल गए। मौके पर मौजूद अन्य कार्यकर्ताओं ने बीच-बचाव कर किसी तरह मामला शांत कराया।
जानकारी के अनुसार, भाजपा कानपुर दक्षिण की ओर से प्रदेश महामंत्री और कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के प्रभारी शंकर लाल लोधी के स्वागत के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे।
बताया जा रहा है कि स्वागत समारोह के दौरान बैठने की व्यवस्था को लेकर विवाद शुरू हुआ। भाजपा दक्षिण के सह मीडिया प्रभारी डॉ. विनय सिंह राठौर और पूर्व जिला मंत्री शिवपूजन सविता के बीच कुर्सी पर बैठने को लेकर कहासुनी हो गई।
शुरुआत में दोनों पदाधिकारियों के बीच केवल बहस हुई, लेकिन कुछ ही देर में मामला बढ़ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक के बाद हाथापाई शुरू हो गई। आरोप है कि विवाद के दौरान दोनों ओर से जूते-चप्पल चलाए गए।
कार्यक्रम स्थल पर अचानक हुए इस हंगामे से कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। वहां मौजूद कार्यकर्ता और पदाधिकारी हैरान रह गए। कई लोगों ने तुरंत दोनों नेताओं को अलग किया और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
मौजूद कार्यकर्ताओं ने काफी प्रयास के बाद दोनों पक्षों को शांत कराया। इसके बाद कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया। हालांकि, इस घटना की चर्चा पूरे कार्यक्रम स्थल पर होती रही।
भाजपा नेताओं के बीच हुए इस विवाद को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में भी तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, अभी तक दोनों पक्षों की ओर से इस मामले में कोई विस्तृत बयान सामने नहीं आया है।
राजनीतिक कार्यक्रमों में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के बीच छोटी-मोटी कहासुनी की घटनाएं सामने आती रहती हैं, लेकिन सार्वजनिक कार्यक्रम में इस तरह विवाद बढ़ जाना चर्चा का विषय बन गया है।
बताया जा रहा है कि कार्यक्रम में प्रदेश महामंत्री शंकर लाल लोधी के स्वागत को लेकर पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता जुटे थे। इसी दौरान बैठने की व्यवस्था को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि अन्य लोगों को हस्तक्षेप करना पड़ा।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, संगठन स्तर पर मामले की जानकारी ली जा सकती है। भाजपा में अनुशासन को काफी महत्व दिया जाता है, ऐसे में सार्वजनिक कार्यक्रम में हुए विवाद को लेकर संगठन की ओर से प्रतिक्रिया आने की संभावना है।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि नेताओं और पदाधिकारियों को आपसी मतभेदों को बातचीत के जरिए सुलझाना चाहिए। सार्वजनिक मंच पर इस तरह की घटनाएं पार्टी की छवि को प्रभावित कर सकती हैं।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि विवाद के बाद दोनों पदाधिकारियों के बीच कोई समझौता हुआ है या नहीं। पार्टी स्तर पर आगे क्या कार्रवाई होगी, इस पर सभी की नजरें बनी हुई हैं।
इस घटना ने भाजपा कानपुर दक्षिण के कार्यक्रम को कुछ समय के लिए चर्चा में ला दिया। जहां कार्यक्रम का उद्देश्य संगठन को मजबूत करना और पदाधिकारियों का स्वागत करना था, वहीं कुर्सी विवाद के कारण माहौल अचानक बदल गया।





