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पीलीभीत गोलीकांड में तीन आरोपी हिरासत में
पीलीभीत : उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के अमरिया कस्बे में रामलीला मेला कमेटी के हिसाब-किताब को लेकर हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। सोमवार, 12 अक्टूबर की रात दो पक्षों के बीच कहासुनी के बाद फायरिंग हुई, जिसमें दो सगे भाइयों समेत तीन लोगों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान अंकित गुप्ता, उनके भाई मोहित गुप्ता और कुणाल श्रीवास्तव के रूप में हुई है। घटना के बाद कस्बे में अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बन गया।
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, रामलीला आयोजन और पिछले वर्ष के खर्च के हिसाब को लेकर दोनों पक्षों के बीच मतभेद थे। इसी विषय पर हुई बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया। आरोप है कि एक पक्ष की ओर से गोलियां चलाई गईं और वहां मौजूद लोग इसकी चपेट में आ गए। गोलीबारी के बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अमरिया अस्पताल पहुंचाया गया। अंकित और कुणाल को मृत घोषित किया गया, जबकि मोहित की गंभीर हालत को देखते हुए बेहतर उपचार के लिए बरेली भेजा गया। बाद में उनकी भी मौत हो गई।
घटना रात करीब साढ़े नौ बजे की बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, सूचना मिली थी कि अमरिया कस्बे में दो गुटों के बीच झड़प हुई है और एक पक्ष ने गोलीबारी की है। जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव मिश्रा और अन्य अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया और घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू हुई।
पुलिस अधीक्षक ने अंकित गुप्ता, मोहित गुप्ता और कुणाल श्रीवास्तव की मौत की पुष्टि की। उनके मुताबिक, मुख्य आरोपी कौशल गुप्ता को तत्काल हिरासत में लिया गया। इसके अलावा हर्षित गुप्ता और संतोष गुप्ता को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने संतोष गुप्ता के नाम पर पंजीकृत एक लाइसेंसी राइफल, एक अवैध देसी पिस्तौल और लकड़ी के डंडे बरामद किए हैं। वैज्ञानिक जांच के लिए संबंधित टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। पुलिस के प्रारंभिक बयान में विवाद का संबंध रामलीला कमेटी के खातों से बताया गया है। अधिकारियों के अनुसार, घटना से पहले इस विवाद को लेकर किसी पक्ष ने औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई थी। आरोपियों की भूमिका और गोलीबारी के पूरे क्रम की जांच की जा रही है।
घटनाक्रम से जुड़े एक अन्य विवरण के मुताबिक, अंकित गुप्ता और कौशल गुप्ता के पक्ष के बीच हिसाब-किताब को लेकर पहले से तनातनी थी। सोमवार की बैठक में कहासुनी होने के बाद विवाद दोबारा बढ़ा। आरोप है कि कौशल के घर के बाहर हुई कहासुनी के दौरान फायरिंग की गई। इस विवरण में कुणाल के वहां से गुजरते समय गोलीबारी की चपेट में आने की बात कही गई है।
कुणाल एक किताब की दुकान पर काम करता था और काम समाप्त होने के बाद घर लौट रहा था। उसी दौरान उसे गोली लगी। गोलीबारी में घायल एक अन्य युवक का अस्पताल में उपचार चलने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि, शुरुआती खबरों में घायलों की संख्या अलग-अलग बताई गई है। कुछ विवरणों में दो घायल बताए गए, जबकि बाद के विवरण में तीन मौतों के अलावा एक घायल का उल्लेख है। इसलिए घायलों की अंतिम संख्या स्पष्ट होना बाकी है।
पुलिस रामलीला कमेटी के पुराने विवाद, बैठक में हुई बातचीत और उसके बाद की घटनाओं की जांच कर रही है। उपलब्ध विवरणों में गोलीबारी शुरू होने के स्थान और क्रम को लेकर भी अंतर है। अधिकारियों की जांच से यह स्पष्ट होगा कि किस आरोपी ने क्या भूमिका निभाई और विवाद किस तरह गोलीबारी तक पहुंचा।
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