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उत्तर प्रदेश
गंगा स्नान बना काल, मगरमच्छ के हमले में किशोर की मौत
Rajeshwari Nishad
14 Oct 2026 1:38 PM IST

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बुलंदशहर। गंगा स्नान के दौरान एक दर्दनाक हादसे में 16 वर्षीय किशोर की जान चली गई। जहांगीराबाद क्षेत्र के रामगढ़ी निवासी अनुज अपने परिवार के साथ अवंतिका देवी गंगा घाट पर स्नान करने गया था। परिवार के अन्य सदस्य स्नान करने के बाद बाहर निकल आए, लेकिन अनुज दोबारा गंगा में नहाने लगा। इसी दौरान अचानक मगरमच्छ ने उस पर हमला कर दिया। हमले में किशोर गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजनों ने शोर मचाया, जिसके बाद मगरमच्छ उसे गंगा के अंदर खींचकर नहीं ले जा सका। आनन-फानन में परिजन उसे अनूपशहर के चिकित्सालय लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया।
हादसे की खबर से रामगढ़ी गांव में भी शोक का माहौल है। जिस परिवार के लोग धार्मिक आस्था के साथ गंगा स्नान करने पहुंचे थे, उन्हें कुछ ही देर में ऐसी घटना का सामना करना पड़ा, जिसने उनकी खुशियां छीन लीं। अनुज अपने परिवार में तीन बहनों का इकलौता भाई था। उसकी मौत से माता-पिता और बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
परिवार के साथ गंगा स्नान करने गया था अनुज
जानकारी के अनुसार, जहांगीराबाद क्षेत्र के रामगढ़ी निवासी मुकेश अपने परिवार के साथ अवंतिका देवी गंगा घाट पर स्नान करने गए थे। परिवार के सभी सदस्य गंगा में स्नान करने के बाद बाहर निकल आए थे। इसी बीच 16 वर्षीय अनुज ने दोबारा स्नान करने का फैसला किया और वह फिर से गंगा में उतर गया।
परिवार के लोग शायद इस बात से अनजान थे कि कुछ ही पलों में वहां एक बड़ा हादसा हो जाएगा। अनुज जब गंगा में स्नान कर रहा था, तभी अचानक मगरमच्छ ने उस पर हमला कर दिया। हमले के कारण किशोर गंभीर रूप से घायल होकर वहीं गिर पड़ा।
घटना इतनी अचानक हुई कि परिजनों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। मगरमच्छ के हमले से अनुज की हालत गंभीर हो गई और घाट पर अफरा-तफरी मच गई।
परिजनों के शोर मचाने पर नहीं ले जा सका नदी के अंदर
मगरमच्छ के हमले के बाद परिवार के लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। परिजनों की आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोगों का ध्यान भी घटना की ओर गया। शोर मचने के कारण मगरमच्छ अनुज को गंगा के अंदर खींचकर नहीं ले जा सका।
हालांकि, मगरमच्छ के हमले में अनुज गंभीर रूप से घायल हो चुका था। परिवार के लोगों के लिए यह बेहद भयावह स्थिति थी। उन्होंने बिना देर किए किशोर को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की।
इस घटना ने एक बार फिर गंगा घाटों पर स्नान करने के दौरान सुरक्षा और सतर्कता के महत्व को सामने ला दिया है। नदी में मगरमच्छ जैसे जलीय जीवों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में स्नान करना जोखिम भरा हो सकता है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी चेतावनियों और सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करना जरूरी है।
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
मगरमच्छ के हमले में गंभीर रूप से घायल अनुज को परिजन तत्काल अनूपशहर के चिकित्सालय लेकर पहुंचे। परिवार को उम्मीद थी कि समय पर उपचार मिलने से उसकी जान बचाई जा सकेगी, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
किशोर की मौत की खबर मिलते ही परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। जिस बेटे के साथ परिवार गंगा स्नान के लिए आया था, उसकी मौत से सभी सदमे में आ गए। परिजनों के लिए इस दुखद घटना पर विश्वास करना भी मुश्किल हो रहा था।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि घटना के बाद वन विभाग या स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई विशेष कार्रवाई की गई या नहीं। हादसे के संबंध में प्रशासनिक स्तर पर आगे की जानकारी सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
तीन बहनों का इकलौता भाई था अनुज
अनुज अपने परिवार में तीन बहनों के बीच इकलौता भाई था। उसकी मौत ने पूरे परिवार को गहरे दुख में डाल दिया है। जिन माता-पिता ने अपने बेटे के बेहतर भविष्य के सपने देखे थे, उन्हें अब उसकी असमय मौत का सामना करना पड़ रहा है।
अनुज के पिता मुकेश राजमिस्त्री का काम करते हैं। परिवार की आजीविका मेहनत-मजदूरी पर निर्भर है। ऐसे परिवार के लिए बेटे को खोने का दुख शब्दों में बयां करना मुश्किल है। अनुज की तीनों बहनों के लिए भी यह बेहद बड़ी क्षति है।
परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। धार्मिक यात्रा के दौरान हुई इस घटना ने पूरे परिवार को झकझोर दिया है। गांव और आसपास के क्षेत्र में भी हादसे को लेकर दुख का माहौल है।
गंगा घाटों पर सतर्कता बरतने की जरूरत
गंगा नदी में स्नान करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु और परिवार पहुंचते हैं। धार्मिक आस्था के कारण लोग घाटों पर स्नान करते हैं, लेकिन नदी के कुछ हिस्सों में पानी की गहराई, तेज बहाव और जलीय जीवों की मौजूदगी गंभीर खतरा पैदा कर सकती है।
इसलिए स्नान करने से पहले घाट पर लगाए गए चेतावनी बोर्ड और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना जरूरी है। जहां मगरमच्छ की मौजूदगी की आशंका हो या प्रशासन ने स्नान करने से मना किया हो, वहां पानी में उतरने से बचना चाहिए। बच्चों और किशोरों को नदी में अकेले स्नान नहीं करने देना चाहिए।
रामगढ़ी निवासी अनुज की मौत एक दुखद घटना है, जिसने परिवार की खुशियां छीन लीं। यह हादसा बताता है कि धार्मिक स्थलों पर भी सुरक्षा संबंधी सावधानियों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
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