उत्तर प्रदेश

अखिलेश के “दिवाली-क्रिसमस” बयान पर दिनेश शर्मा का जवाब

SHIDDHANT
19 Oct 2025 10:23 PM IST
अखिलेश के “दिवाली-क्रिसमस” बयान पर दिनेश शर्मा का जवाब
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Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश। समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव के “दिवाली-क्रिसमस” वाले बयान को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। भाजपा सांसद और उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने इस पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सभी धर्मों का सम्मान किया जाना चाहिए, लेकिन हिंदू धर्म की प्राचीन परंपराओं और सांस्कृतिक महत्ता को समझना जरूरी है। दिनेश शर्मा ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “सभी धर्म अच्छे हैं और मैं सभी धर्मों का सम्मान करता हूं। लेकिन सबसे प्राचीन धर्म हिंदू धर्म का अपमान करने से पहले उन्हें हमारा धर्म सीखना चाहिए। दिवाली हिंदू धर्म का प्रमुख त्योहार है और इसे समझने और सम्मान देने की आवश्यकता है। यह केवल रोशनी का त्योहार नहीं, बल्कि हमारे धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों का प्रतीक है।”
उन्होंने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश में रामोत्सव और दीपोत्सव जैसे आयोजनों के माध्यम से न केवल धार्मिक आस्था को बल मिलता है, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक एकता भी मजबूत होती है। “रामलला के भव्य मंदिर और अयोध्या में चल रहे दीपोत्सव इस बात का प्रमाण हैं कि हमारी संस्कृति और परंपराओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। ऐसे आयोजनों में कोई भी व्यक्ति या दल धार्मिक भावनाओं का अपमान करने का प्रयास न करे,” उन्होंने कहा। दिनेश शर्मा ने यह भी स्पष्ट किया कि दिवाली और अन्य हिंदू त्योहार केवल धार्मिक उत्सव नहीं हैं, बल्कि यह सामाजिक सहिष्णुता और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक भी हैं। उन्होंने कहा, “राजनीति में इस तरह के बयान न केवल भ्रम फैलाते हैं, बल्कि समाज में गलत संदेश भी देते हैं। हमें एक-दूसरे के धर्म और परंपराओं का सम्मान करना चाहिए और राजनीति को धर्म विरोध के माध्यम से नहीं चलाना चाहिए।”
भाजपा नेताओं के अनुसार, इस बयान के माध्यम से विपक्षी दल हिंदू धर्म और उसकी परंपराओं को चुनौती देने का प्रयास कर रहे हैं। दिनेश शर्मा ने कहा कि अयोध्या में आयोजित दीपोत्सव और रामोत्सव के आयोजनों के दौरान पूरी तरह से शांतिपूर्ण माहौल रहा है और जनता ने इसे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया। वहीं, उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वे धार्मिक त्योहारों का राजनीतिकरण न करें। “सभी राजनीतिक दलों को चाहिए कि वे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों का सम्मान करें और इसे राजनीति का माध्यम न बनाएं। हमारा उद्देश्य केवल समाज में सामूहिक सम्मान और सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाना होना चाहिए,” उन्होंने जोर देकर कहा।
दिनेश शर्मा ने अंत में कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार और भाजपा द्वारा आयोजित धार्मिक आयोजनों का उद्देश्य केवल आस्था को बढ़ावा देना और समाज में सौहार्द बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि हर नागरिक को अपने धर्म के महत्व और उसकी प्राचीनता को समझना चाहिए और किसी भी तरह का अपमान या भेदभाव सहन नहीं किया जाएगा।
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