उत्तर प्रदेश

राहुल गांधी के बयान पर दीनेश शर्मा का पलटवार, मां छठी के अपमान का आरोप

SHIDDHANT
30 Oct 2025 9:51 PM IST
राहुल गांधी के बयान पर दीनेश शर्मा का पलटवार, मां छठी के अपमान का आरोप
x
Lucknow लखनऊ: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जो टिप्पणी की गई—जिसका मज़ाकिया संदर्भ ‘डांस’ से जोड़ा गया—उस पर भाजपा के सांसद दीनेश शर्मा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। लखनऊ में मीडिया से बातचीत के दौरान शर्मा ने कहा कि राहुल गांधी को अपनी भाषा पर संयम रखना चाहिए और उन्होंने राहुल से सार्वजनिक माफी की मांग भी कर दी। दीनेश शर्मा ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी ने एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, मेडिकल कॉलेज, चौड़ी सड़कें, मेट्रो, स्कूल और 1.25 लाख करोड़ रुपये के योजनात्मक कार्य कराए हैं। राहुल गांधी लगातार हार रहे हैं और लगता है कि उन्होंने डांस में महारत हासिल कर ली है। चुनाव हारने के बाद वे नृत्य कर लेते हैं।” उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी ने छठी मई्या (छठी माईया) के प्रति जो अपमानजनक संकेत दिए हैं, वह आस्था का मसला है और इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। “छठी मईया हमारी मातृभक्ति की एक प्रतिमूर्ति हैं—अगर कोई उसकी गंभीरता में नाच कर दिखाता है तो यह श्रद्धा का अपमान है,” शर्मा ने कहा।

भाजपा सांसद ने यह भी जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री एक संवैधानिक पद पर हैं और ऐसे में विपक्ष के नेता के शब्दों पर समाज की नजर रहती है। उन्होंने राहुल गांधी को चेतावनी दी कि बीते चुनावों की तरह उन्हें बिहार चुनाव में भी हार का सामना करना पड़ सकता है और ऐसे विवादित बयानों के लिए सार्वजनिक रूप से माफी माँगनी चाहिए। शर्मा ने कहा, “हमें लगता है कि अब उन्हें अपनी गलती स्वीकार कर सार्वजनिक माफी देनी चाहिए। राहुल गांधी के समर्थकों और विपक्षी नेताओं ने हालांकि इसे राजनीतिक बयानबाजी करार दिया है और कहा कि पीएम पर कटाक्ष लोकतांत्रिक संवाद का हिस्सा है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी मौसम के बीच ऐसी घटनाएं राजनीतिक ध्रुवीकरण को और बढ़ाती हैं और बयानबाजियों का लाभ-हानि आकलन दोनों पक्ष करते हैं।

राजनीतिक पटल पर यह टिप्पणी बड़ी संवेदनशीलता लेकर देखी जा रही है क्योंकि छठ पूजा जैसी धार्मिक आस्थाएँ खास तौर पर बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में गहरी जनसंस्कृति का हिस्सा हैं। किसी सार्वजनिक नेता द्वारा उनका संदर्भ राजनीतिक रेखाओं में ला देने से सामाजिक प्रतिक्रियाएँ उभर सकती हैं। वहीं, भाजपा ने अपने प्रत्याशियों और कार्यकर्ताओं को चेतावनी दी है कि वे सार्वजनिक डीबेट और विरोध को संयम के साथ संभालें और किसी भी तरह की भावनात्मक चिंगारी को हवा न दें। राजनीतिक हलकों में अब यह देखना दिलचस्प होगा कि राहुल गांधी या कांग्रेस इस पर क्या प्रतिक्रिया देती है और क्या कोई औपचारिक माफीनामा या स्पष्टीकरण आता है।
Next Story