उत्तर प्रदेश

जर्जर मकान गिरा, बच्ची की मौत; 7 घायल

Kavita2
28 July 2026 1:50 PM IST
जर्जर मकान गिरा, बच्ची की मौत; 7 घायल
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करौली : कैला देवी थाना क्षेत्र के चंदन कटी मौजा गांव में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहां एक जर्जर मकान अचानक भरभराकर गिर गया, जिसके मलबे में दबने से एक बच्ची की मौत हो गई, जबकि सात लोग घायल हो गए। हादसे के बाद गांव में चीख-पुकार मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण राहत और बचाव कार्य में जुट गए।

जानकारी के अनुसार, चंदन कटी मौजा गांव निवासी रामचंद्र का परिवार इस पुराने और जर्जर मकान में रह रहा था। मंगलवार सुबह अचानक मकान का एक हिस्सा कमजोर होकर गिर गया और देखते ही देखते पूरा ढांचा मलबे में तब्दील हो गया। हादसे के समय घर में मौजूद परिवार के सदस्य इसकी चपेट में आ गए।

मकान गिरने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने तुरंत मलबा हटाने का काम शुरू किया और अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की। काफी मशक्कत के बाद मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला गया और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

इस हादसे में रामचंद्र की बेटी दीपांशी की मलबे में दबने से मौत हो गई। मासूम की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी इस घटना के बाद शोक का माहौल है।

हादसे में घायल हुए सात लोगों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है। घायलों की स्थिति की जानकारी लेने के लिए प्रशासनिक अधिकारी भी सक्रिय हुए और घटना की जानकारी जुटाई गई।

ग्रामीणों के अनुसार, रामचंद्र का परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है और लंबे समय से इसी पुराने मकान में रह रहा था। मकान की हालत खराब होने के बावजूद परिवार के पास दूसरा सुरक्षित ठिकाना नहीं था। ग्रामीणों ने बताया कि जर्जर मकान के कारण पहले भी खतरे की आशंका बनी हुई थी।

घटना के बाद प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। अधिकारियों ने राहत कार्यों की जानकारी ली और पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में कई परिवार आर्थिक मजबूरी के कारण पुराने और कमजोर मकानों में रहने को मजबूर हैं। बारिश के मौसम में ऐसे मकानों के गिरने का खतरा और बढ़ जाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जर्जर मकानों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित कराने की मांग की है।

मकान गिरने की घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में आवास सुरक्षा के मुद्दे को सामने ला दिया है। कमजोर आर्थिक स्थिति वाले परिवारों के लिए सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना बड़ी चुनौती बनी हुई है।

ग्रामीणों ने बताया कि लगातार बारिश और समय के साथ मकान की मजबूती कम हो गई थी। अगर समय रहते इसकी मरम्मत या परिवार को सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराया जाता तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था।

प्रशासन की ओर से अब घटना की जांच की जा रही है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि क्या पीड़ित परिवार किसी सरकारी आवास योजना या अन्य सहायता का पात्र था।

दीपांशी की मौत से परिवार को गहरा सदमा पहुंचा है। परिजनों ने बताया कि उन्हें इस हादसे में अपनी मासूम बच्ची को खोना पड़ा, जिसका दर्द शब्दों में बयां करना मुश्किल है।

गांव के लोगों ने पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद और घायलों के बेहतर इलाज की मांग की है। उनका कहना है कि प्रशासन को ऐसे गरीब परिवारों की मदद के लिए विशेष कदम उठाने चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

फिलहाल प्रशासन राहत और सहायता कार्यों में जुटा हुआ है। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और चिंता का माहौल है। जर्जर मकान गिरने की इस घटना ने कमजोर आवासों में रह रहे परिवारों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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