उत्तर प्रदेश

आजमगढ़ लोकसभा चुनाव के लिए धर्मेंद्र यादव आज करेंगे नामांकन

Sarita
6 Jun 2022 10:04 AM IST
Dharmendra Yadav will file nomination for Azamgarh Lok Sabha elections today
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फाइल फोटो 

अखिलेश यादव द्वारा खाली की गई सीट पर हो रहे उपचुनाव को लेकर सरगर्मी बढ़ गई है। सपा की तरफ से कई नाम सामने आए।

जनता से रिश्ता वेबडेस्क। अखिलेश यादव द्वारा खाली की गई सीट पर हो रहे उपचुनाव को लेकर सरगर्मी बढ़ गई है। सपा की तरफ से कई नाम सामने आए। लेकिन अंत में फैसला हुआ कि इस बार भी मुलायम परिवार से ही प्रत्याशी है।

आजमगढ़ लोकसभा सीट पर धर्मेंद्र यादव उपचुनाव चुनाव लड़ेंगे। धर्मेंद्र यादव को आजमगढ़ से चुनाव लड़ने के लिए राजी कर लिया गया है। धर्मेंद्र यादव आज नामांकन करने आजमगढ़ पहुंच रहे हैं।
लोकसभा उपचुनाव में सपा प्रत्याशी को लेकर काफी दिनों से कयास लगाए जा रहे थे। कभी पूर्व राज्यसभा सांसद बलिहारी बाबू के पुत्र सुशील कुमार आनंद का नाम सामने आया तो कभी पूर्व सांसद और वर्तमान विधायक रमाकांत यादव का नाम। इस बीच शीर्ष नेतृत्व जीत हासिल करने के लिए मंथन करता रहा।
टिकट के बारे में हालांकि पार्टी पदाधिकारी कुछ बोलने को तैयार नहीं है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि सुशील कुमार आनंद के नाम पर पार्टी के कई नेताओं ने विरोध जता दिया था, जिससे उनका पत्ता कट गया। इसके बाद पार्टी मुखिया की ओर से जिले के नेताओं को चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया गया, लेकिन सभी ने हाथ खड़े कर दिए। अब आज धर्मेंद्र यादव नामांकन दाखिल करेंगे, इसकी पुष्टि सपा जिला अध्यक्ष ने की है।
अपने गढ़ को गंवाना नहीं चाहती सपा
आजमगढ़ संसदीय सीट शुरू से ही सपा के हाथ में रही है। मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव भी इस सीट से सांसद रह चुके हैं। ऐसे में यह सीट सपा के लिए खास है। सपा इस सीट को किसी भी कीमत पर खोना नहीं चाहती है। जिसके चलते भी सपा इस सीट को लेकर मंथन में जुटी है कि कौन ऐसा है जो इस सीट पर जीत हासिल कर सकता है।
रमाकांत को छोड़ जिले का कोई सपा नेता नहीं जीता
सपा और बसपा के उदय के बाद यह सीट सपा और बसपा की झोली में ही झूलती रही है। सपा इस सीट पर पार्टी के क्षेत्रीय दिग्गज नेताओं बलराम यादव और दुर्गा प्रसाद यादव को भी मैदान में उतार चुकी है, लेकिन दोनों ही जीत हासिल करने में नाकामयाब रहे। हालांकि रमाकांत यादव सपा के टिकट पर इस सीट से सांसद बन चुके हैं। उनके अलावा सपा के किसी क्षेत्रीय नेता को इस सीट पर जीत नहीं मिली है।
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