उत्तर प्रदेश

HIGH COURT में पेशी पर गए DGP फंसे, कहा गया- जिला ना छोड़े, जानिए पूरा मामला

Rounak
15 Sep 2021 10:50 AM GMT
HIGH COURT में पेशी पर गए DGP फंसे, कहा गया- जिला ना छोड़े, जानिए पूरा मामला
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प्रयागराज: मैनपुरी के जवाहर नवोदय विद्यालय में छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपना रुख कड़ा किया है. इस मामले में एक जनहित याचिका दायर की गई थी, जिसको लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस महानिदेशक मुकुल गोयल को तलब किया था. इस मामले में डीजीपी कोर्ट में हाजिर हुए लेकिन सफाई नहीं दे पाए जिसपर कोर्ट ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए गुरुवार को फिर कोर्ट में पेश होने और प्रयागराज न छोड़ने का आदेश दिया है.

वहीं, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश के डीजीपी को एसपी मैनपुरी के खिलाफ भी कार्रवाई करने का निर्देश दिया. कोर्ट ने कहा है कि एसपी मैनपुरी को हटाये या जबरन सेवा निवृत्त करें. कोर्ट ने अदालत में पेश की गई जवाहर नवोदय विद्यालय मैनपुरी की छात्रा की फांसी के बाद पंचनामे की वीडियो रिकॉर्डिंग भी देखी. कोर्ट ने वीडियो देखने के बाद पुलिस के रवैये पर कड़ी नाराजगी जाहिर की और डीजीपी को पूरी तैयारी के साथ कल भी कोर्ट में मौजूद रहने का निर्देश दिया है.
कोर्ट ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट देखने से लगता है कि छेड़छाड़ की गई है. गले में फांसी के निशान संदेह पैदा कर रहे हैं. कोर्ट ने डीजीपी से कार्रवाई करने को कहा है और अगर कार्रवाई नहीं की तो कोर्ट सख्त कदम भी उठाएगी.इस मामले में महेंद्र प्रताप सिंह ने जनहित याचिका दाखिल की थी और दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच की मांग की गई थी. जिसकी सुनवाई एक्टिंग चीफ जस्टिस एमएन भंडारी और जस्टिस एके ओझा की खंडपीठ कर रही है.
याचिकाकर्ता महेंद्र प्रताप सिंह की ओर जनहित याचिका दाखिल कर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है. इस मामले में अब कल भी कोर्ट में सुनवाई जारी रहेगी.
क्या है मामला?
दरअसल, 16 सितंबर 2019 को मैनपुरी के जवाहर नवोदय विद्यालय में कक्षा 11 में पढ़ने वाली एक छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. और छात्रावास में ही उस छात्रा का शव मिला था. पुलिस और प्रशासन ने इसे आत्महत्या माना था लेकिन परिजनों ने दुष्कर्म के बाद हत्या का आरोप लगाते हुए मैनपुरी थाने में मुकदमा दर्ज कराया था.
इस मामले में 26 सितंबर को राज्य सरकार ने सीबीआई जांच की भी सिफारिश भी कर दी थी. आगरा की एफएसएल रिपोर्ट में भी दुष्कर्म की पुष्टि हुई थी. स्लाइड में मेल स्पर्म पाये गये थे. लैब ने 15 नवंबर 2019 को पुलिस को सौंप दी थी.
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