उत्तर प्रदेश

विमुक्त और घुमंतू समुदाय स्वतंत्रता संग्राम के असली नायक: CM Yogi

Kavita2
6 Aug 2026 3:06 PM IST

लखनऊ: कभी ब्रिटिश शासन के दौरान ‘क्रिमिनल ट्राइब’ घोषित कर दमन और भेदभाव का सामना करने वाले विमुक्त एवं घुमंतू समुदायों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम का असली नायक बताया है। उन्होंने कहा कि इन समुदायों का देश की आजादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण योगदान रहा है, जिसे लंबे समय तक उचित पहचान नहीं मिल सकी।

घुमंतू विकास बोर्ड के गठन के अवसर पर आयोजित आभार कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विमुक्त और घुमंतू समाज ने कठिन परिस्थितियों में भी देश, संस्कृति और परंपराओं की रक्षा में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि इन समुदायों के संघर्ष और योगदान को इतिहास में सम्मानजनक स्थान मिलना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अंग्रेजी शासन के दौरान कई घुमंतू और विमुक्त समुदायों को गलत तरीके से ‘क्रिमिनल ट्राइब’ घोषित कर दिया गया था। इसके कारण उन्हें सामाजिक बहिष्कार, कानूनी परेशानियों और भेदभाव का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा अन्याय था, जिसने इन समुदायों के जीवन पर लंबे समय तक असर डाला।

उन्होंने कहा कि भारत के संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने इन समुदायों को कानूनी सम्मान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संविधान के माध्यम से समानता और अधिकारों का रास्ता खुला, जिससे विमुक्त एवं घुमंतू समाज को आगे बढ़ने का अवसर मिला।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और राज्य सरकार इन समुदायों के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक पुनर्सम्मान के लिए लगातार काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना नहीं है, बल्कि इन समुदायों के गौरवशाली इतिहास और विरासत को भी पहचान दिलाना है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विकास बोर्ड का गठन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके माध्यम से विमुक्त और घुमंतू समुदायों की समस्याओं को समझने, उनके विकास के लिए योजनाएं बनाने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने में सहायता मिलेगी।

उन्होंने कहा कि किसी भी समाज का विकास तभी संभव है जब उसे सम्मान, अवसर और अपनी पहचान मिले। सरकार इन समुदायों के बच्चों की शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा के लिए भी प्रयास कर रही है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की संस्कृति और परंपराओं को बचाने में घुमंतू समुदायों का योगदान बहुत पुराना है। इन समुदायों ने अपनी लोककला, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को पीढ़ियों तक सुरक्षित रखा है। उन्होंने कहा कि उनकी इस भूमिका को सम्मान देना समाज की जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय तक उपेक्षित रहे इन समुदायों को अब विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार चाहती है कि इनके युवाओं को शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर मिलें, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।

विशेषज्ञों के अनुसार, विमुक्त और घुमंतू समुदाय देश के कई राज्यों में बड़ी संख्या में रहते हैं और उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए विशेष प्रयासों की आवश्यकता है। विकास बोर्ड जैसे संस्थान उनकी समस्याओं के समाधान और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

कार्यक्रम के दौरान समुदाय के प्रतिनिधियों ने घुमंतू विकास बोर्ड के गठन के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करने से समुदाय में नई उम्मीद जगी है।

सरकार की ओर से कहा गया कि आने वाले समय में इन समुदायों के लिए विशेष योजनाओं और कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया जाएगा। उनका उद्देश्य शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा के माध्यम से इन वर्गों को मजबूत बनाना है।

कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विमुक्त एवं घुमंतू समुदायों को देश के इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए उनके सम्मान और विकास के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। घुमंतू विकास बोर्ड का गठन इन समुदायों को पहचान और अवसर देने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

Next Story