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सौंग नदी पर पुल की मांग, खतरे में ग्रामीणों की आवाजाही

नई टिहरी। उत्तराखंड के टिहरी जनपद में लगातार हो रही बारिश ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जौनपुर विकासखंड के सौंदणा गांव सहित आसपास के कई गांवों के लोग सौंग नदी पर पुल नहीं होने के कारण भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। बरसात में नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद ग्रामीणों को मजबूरी में पोकलेन मशीन के सहारे जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ रही है।
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में ग्रामीण महिलाओं और अन्य लोगों को पोकलेन मशीन के माध्यम से नदी पार करते हुए देखा जा रहा है। यह वीडियो तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसके बाद शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से पुल निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अभी तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत सौंग नदी पर पुल निर्माण की योजना प्रस्तावित थी, लेकिन समय पर काम पूरा नहीं हो सका। अब बारिश के मौसम में नदी उफान पर आने से ग्रामीणों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हो गई है।
सौंदणा गांव और आसपास के क्षेत्रों के लोग रोजमर्रा के कामों के लिए इसी रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। ग्रामीणों को स्कूल, अस्पताल, बाजार और अन्य जरूरी कामों के लिए नदी पार करनी पड़ती है। बरसात के दौरान पानी का बहाव तेज होने से लोगों के सामने हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार नदी का जलस्तर इतना बढ़ जाता है कि लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। इसके बावजूद जरूरी कामों के लिए उन्हें किसी तरह नदी पार करनी पड़ती है। पोकलेन मशीन के सहारे नदी पार करना सुरक्षित विकल्प नहीं है, लेकिन पुल नहीं होने के कारण लोग मजबूरी में ऐसा करने को विवश हैं।
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से जल्द से जल्द पुल निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि बरसात अभी शुरू हुई है और आने वाले समय में बारिश बढ़ने पर स्थिति और गंभीर हो सकती है। यदि समय रहते व्यवस्था नहीं की गई तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।
सौंग बांध प्रभावित संघर्ष समिति के अध्यक्ष रविंद्र पंवार ने भी शासन-प्रशासन से इस मामले में तत्काल कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पुल नहीं होने से कई गांवों के लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों को हर दिन खतरा उठाकर नदी पार करनी पड़ रही है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन को केवल अस्थायी व्यवस्था करने के बजाय स्थायी समाधान की दिशा में काम करना चाहिए। पुल निर्माण में हो रही देरी से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है।
वहीं, लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में प्रशासन की ओर से भी लोगों से सतर्क रहने की अपील की जा रही है।
सौंग नदी पर पुल का निर्माण अब ग्रामीणों की सबसे बड़ी मांग बन गया है। लोगों का कहना है कि बेहतर सड़क और पुल जैसी मूलभूत सुविधाएं मिलने से ही पहाड़ी क्षेत्रों का विकास संभव है। फिलहाल ग्रामीणों की निगाहें शासन और प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।





