उत्तर प्रदेश

महिला जज से 30 लाख दहेज की मांग, मर्चेंट नेवी इंजीनियर पति और ससुराल वालों पर FIR

Kavita2
18 Oct 2026 9:12 AM IST
महिला जज से 30 लाख दहेज की मांग, मर्चेंट नेवी इंजीनियर पति और ससुराल वालों पर FIR
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फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले से दहेज उत्पीड़न का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां ग्राम न्यायालय में तैनात एक महिला न्यायाधीश ने अपने मर्चेंट नेवी इंजीनियर पति और ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, मारपीट और धमकी देने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई है। महिला जज का आरोप है कि शादी तय होने के समय से ही ससुराल पक्ष ने दहेज की मांग शुरू कर दी थी। शादी के दौरान कुछ मांगें पूरी किए जाने के बावजूद ससुराल वालों की अपेक्षाएं लगातार बढ़ती गईं। आरोप है कि अब उनसे 30 लाख रुपये की मांग की जा रही है। मांग पूरी नहीं होने पर शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने तथा तलाक दिलवाकर पति की दूसरी शादी कराने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। महिला न्यायिक अधिकारी द्वारा अपने ही पति और ससुराल वालों के खिलाफ दर्ज कराए गए इस मुकदमे ने दहेज उत्पीड़न और महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।

शादी तय होते ही शुरू हो गई थी दहेज की मांग

महिला न्यायाधीश ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि शादी तय होने के बाद से ही पति और उसके परिवार के सदस्यों ने दहेज को लेकर दबाव बनाना शुरू कर दिया था। विवाह के दौरान परिवार की ओर से कुछ मांगें पूरी भी की गईं, लेकिन इसके बाद भी ससुराल पक्ष संतुष्ट नहीं हुआ।

पीड़िता के मुताबिक, समय बीतने के साथ दहेज की मांग लगातार बढ़ती चली गई। आरोप है कि ससुराल वाले 30 लाख रुपये की मांग को लेकर दबाव बनाने लगे। महिला का कहना है कि मांग पूरी नहीं होने के कारण उन्हें लगातार प्रताड़ना झेलनी पड़ी।

शिकायत में बताया गया है कि दहेज को लेकर विवाद केवल आर्थिक मांग तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने कथित रूप से शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न का रूप ले लिया।

मर्चेंट नेवी में इंजीनियर है महिला जज का पति

इस मामले में महिला न्यायाधीश का पति मर्चेंट नेवी में इंजीनियर के पद पर कार्यरत बताया गया है। आरोप है कि पति के साथ-साथ ससुराल पक्ष के अन्य सदस्यों ने भी दहेज की मांग को लेकर महिला पर दबाव बनाया।

महिला जज ने शिकायत में आरोप लगाया है कि विवाह के बाद भी उन्हें दहेज के लिए परेशान किया जाता रहा। परिवार में शांति बनाए रखने के प्रयासों के बावजूद कथित प्रताड़ना समाप्त नहीं हुई।

हालांकि, आरोपी पति और ससुराल पक्ष के अन्य सदस्यों का विस्तृत पक्ष अभी उपलब्ध जानकारी में सामने नहीं आया है। पुलिस जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।

दहेज के लिए मारपीट और मानसिक उत्पीड़न का आरोप

महिला न्यायाधीश ने अपने पति और ससुराल वालों पर दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर मारपीट करने और मानसिक रूप से परेशान करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

शिकायत के अनुसार, लगातार बढ़ती मांगों के कारण वैवाहिक जीवन में तनाव पैदा हो गया। महिला का आरोप है कि उन्हें दहेज के लिए दबाव में रखा गया और विरोध करने पर दुर्व्यवहार किया गया।

इन आरोपों के बाद पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि कथित घटनाएं कब और किन परिस्थितियों में हुईं। इसके साथ ही शिकायत में उल्लेखित अन्य तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों की भी जांच की जाएगी।

तलाक दिलाकर दूसरी शादी कराने की धमकी का आरोप

महिला न्यायाधीश ने शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि ससुराल पक्ष के लोग उन्हें तलाक लेने के लिए धमकाते हैं। पीड़िता के अनुसार, उनसे कहा जाता है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो बेटे का तलाक कराकर उसकी शादी दूसरी जगह कर दी जाएगी।

महिला का आरोप है कि इस तरह की धमकियों से उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया गया। उनका कहना है कि दहेज की मांग और वैवाहिक संबंध तोड़ने की धमकियों ने उनकी परेशानियां बढ़ा दी हैं।

मामले में सबसे गंभीर बात यह है कि शिकायत करने वाली महिला स्वयं न्यायिक सेवा में कार्यरत हैं। इसके बावजूद उन्होंने वैवाहिक जीवन में उत्पीड़न झेलने का आरोप लगाया है।

पुलिस ने दर्ज की एफआईआर, जांच शुरू

महिला न्यायाधीश की शिकायत पर पुलिस ने उनके मर्चेंट नेवी इंजीनियर पति और ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है।

जांच के दौरान विवाह में दिए गए सामान, कथित आर्थिक मांगों, मारपीट के आरोपों और धमकियों से संबंधित साक्ष्यों की पड़ताल की जा सकती है। इसके अलावा दोनों पक्षों के बयान भी मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

फिलहाल उपलब्ध जानकारी में आरोपियों की गिरफ्तारी या किसी अन्य कानूनी कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

दहेज उत्पीड़न के खिलाफ कानून में कड़े प्रावधान

भारत में दहेज लेना और देना दोनों दहेज प्रतिषेध अधिनियम, 1961 के तहत प्रतिबंधित हैं। वहीं पति या उसके रिश्तेदारों द्वारा किसी विवाहित महिला के साथ क्रूरता किए जाने की स्थिति में भारतीय न्याय संहिता के तहत भी कार्रवाई का प्रावधान है।

दहेज की मांग को लेकर मानसिक या शारीरिक प्रताड़ना के आरोप गंभीर कानूनी विषय हैं। हालांकि, किसी भी मामले में आरोपों की पुष्टि साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही की जाती है।

महिला जज की शिकायत से चर्चा में आया मामला

फर्रुखाबाद में महिला न्यायाधीश द्वारा पति और ससुराल वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का मामला चर्चा का विषय बन गया है। यह घटना समाज में दहेज प्रथा की समस्या और वैवाहिक संबंधों में महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े सवालों को सामने लाती है।

फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। महिला न्यायाधीश ने जहां 30 लाख रुपये दहेज मांगने, मारपीट करने और तलाक की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं इन आरोपों का न्यायिक रूप से सिद्ध होना अभी बाकी है। अब जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।

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