उत्तर प्रदेश

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे विवाद: टिकैत बोले- मांग पूरी न हुई तो चक्का जाम

Saba Naaz
13 July 2026 4:46 PM IST
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे विवाद: टिकैत बोले- मांग पूरी न हुई तो चक्का जाम
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बागपत/दोघट। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर (ग्रीनफील्ड हाईवे) पर कट (इंटरचेंज) की मांग को लेकर क्षेत्र के किसानों और खाप चौधरियों का आंदोलन अब बेहद आक्रामक रूप अख्तियार करता जा रहा है। बागपत के दोघट कस्बे में आयोजित खाप चौधरियों की एक महापंचायत में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बालियान खाप के मुखिया चौधरी नरेश टिकैत ने साफ लहजे में सरकार और प्रशासन को 15 अगस्त तक का अल्टीमेटम दे दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि स्वतंत्रता दिवस तक गांगनौली गांव के पास एक्सप्रेसवे पर कट देने की मांग पूरी नहीं की गई, तो 15 अगस्त को किसान देश के सम्मान के साथ अपनी मांग बुलंद करते हुए इस हाईवे पर विशाल 'ट्रैक्टर तिरंगा यात्रा' निकालेंगे।

दोघट में जुटी खाप चौधरियों की पंचायत, टिकैत ने भरी हुंकार

रविवार को दोघट कस्बे में स्थित किसान नेता राजेंद्र चौधरी के आवास पर क्षेत्र के प्रमुख खाप चौधरियों और किसान प्रतिनिधियों की एक महत्वपूर्ण पंचायत बुलाई गई थी। इस पंचायत में दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के निर्माण के बाद क्षेत्र के लोगों को आ रही आवागमन की समस्याओं पर गंभीर मंथन किया गया। पंचायत को संबोधित करते हुए भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि किसान अपनी जायज मांग को लेकर लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन और नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) उनकी अनदेखी कर रहा है। चौधरी नरेश टिकैत ने दोटूक शब्दों में कहा, "15 अगस्त देश की आजादी का पावन पर्व है। यदि तब तक सरकार ने हमारी मांग पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया, तो हम स्वतंत्रता दिवस पर धरनास्थल से ही सीधे दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर अपने ट्रैक्टरों के साथ चढ़ेंगे। इस ट्रैक्टर तिरंगा यात्रा में सभी खाप चौधरी अपने ट्रैक्टरों पर सबसे आगे तिरंगा लेकर चलेंगे और उनके पीछे क्षेत्र की जनता होगी। गांगनौली से शुरू होकर यह यात्रा बिजरौल तक निकाली जाएगी।"

गांगनौली अंडरपास के नीचे 66 दिनों से जारी है धरना

गौरतलब है कि दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के निर्माण कार्य की शुरुआत से ही स्थानीय ग्रामीणों द्वारा गांगनौली गांव के समीप कट या इंटरचेंज दिए जाने की मांग लगातार उठाई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि कट न होने की वजह से आसपास के दर्जनों गांवों के किसानों और राहगीरों को हाईवे पर चढ़ने या उतरने के लिए कई किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ेगा, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद होंगे। अपनी इसी मांग को लेकर गांगनौली अंडरपास के नीचे पिछले 66 दिनों से क्षेत्र के लोगों का अनिश्चितकालीन धरना लगातार जारी है। बारिश और गर्मी के बावजूद किसान अपनी मांग पर अडिग हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकल सका है।

आंदोलन को धार देने की रणनीति तैयार

दोघट में हुई इस खाप पंचायत के बाद आंदोलन को राष्ट्रव्यापी पर्व से जोड़ने की रणनीति तैयार की गई है। खाप चौधरियों का मानना है कि 15 अगस्त को निकाली जाने वाली ट्रैक्टर तिरंगा यात्रा पूरी तरह अनुशासित और राष्ट्रभक्ति की भावना से ओतप्रोत होगी, लेकिन यह सरकार की हठधर्मिता के खिलाफ किसानों का एक बड़ा लोकतांत्रिक विरोध भी होगा। इस महापंचायत में बालियान खाप के अलावा क्षेत्र की अन्य खापों के चौधरियों और गणमान्य लोगों ने भी हिस्सा लिया। सभी ने एक सुर में चौधरी नरेश टिकैत के फैसले का समर्थन किया और गांव-गांव जाकर किसानों को 15 अगस्त की ट्रैक्टर यात्रा के लिए लामबंद करने का संकल्प लिया। इस अल्टीमेटम के बाद अब जिला प्रशासन और एनएचएआई के अधिकारियों में भी खलबली मच गई है, क्योंकि 15 अगस्त जैसे राष्ट्रीय पर्व पर एक्सप्रेसवे पर बड़ी संख्या में ट्रैक्टरों का उतरना सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिहाज से एक बड़ी चुनौती बन सकता है।

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