- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- न्यायपालिका में देरी...
उत्तर प्रदेश
न्यायपालिका में देरी से न्याय मिलना खुद में एक अन्याय है: रविदास मेहरोत्रा
SHIDDHANT
5 Jan 2026 11:31 PM IST

x
Lucknow लखनऊ। उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट द्वारा खारिज किए जाने पर समाजवादी पार्टी (सपा) नेता रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि न्यायपालिका में न्याय मिलने में कोई भी देरी खुद एक अन्याय है। लखनऊ में सपा नेता रविदास मेहरोत्रा ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि 24 फरवरी 2020 को सीएए कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क गई थी, जिसमें सात लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने उनमें से पांच को जमानत दे दी है और दो अन्य की जमानत याचिका खारिज कर दी है। हम न्यायपालिका के स्तंभ सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का सम्मान करते हैं। हालांकि, सच्चाई यह है कि इस मामले में सुनवाई चल रही है और अभी तक पूरी नहीं हुई है। न्यायपालिका में न्याय मिलने में कोई भी देरी खुद एक अन्याय है, इसलिए इस सुनवाई को जल्द से जल्द पूरा किया जाना चाहिए, ताकि यदि कोई निर्दोष है तो उसे बेवजह परेशान या प्रताड़ित न किया जाए।
सपा नेता ने संघ प्रमुख मोहन भागवत के 'लव जिहाद' बयान पर कहा कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने हाल ही में 'लव जिहाद' के बारे में बयान दिए हैं। उन्हें देश में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और बढ़ते अपराधों के साथ-साथ भाजपा शासित राज्यों में बिगड़ती सार्वजनिक सेवाओं पर भी बात करनी चाहिए। कई नेताओं ने खुद अंतर-जातीय या अंतर-धार्मिक शादियों में मदद की है। भाजपा के नेता और संघ के लोग जनता के मुद्दों पर भी अपनी राय रखें।
उन्होंने पंजाब की कानून व्यवस्था पर तंज कसते हुए कहा कि पंजाब में हुई हत्या और हिंसक घटना बहुत दुखद है। जो भी दोषी और जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ तुरंत और कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए तथा आरोपियों को बिना किसी देरी के गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
रविदास मेहरोत्रा ने सोमनाथ मंदिर का जिक्र करते हुए कहा कि मंदिर देश में लाखों लोगों की आस्था का केंद्र है, और हर साल लाखों लोग दर्शन के लिए यहां आते हैं। जब देश अंग्रेजों के गुलाम था, तब भी अंग्रेजों ने सोमनाथ मंदिर को कई बार लूटने की कोशिश की थी। इसके बावजूद, सोमनाथ मंदिर लोगों के लिए उम्मीद, आस्था और भक्ति का प्रतीक बना हुआ है, लेकिन भाजपा सरकार जनता के मुख्य मुद्दों पर ध्यान नहीं दे रही है। वह महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, बढ़ते अपराध और लोगों की समस्याओं के बारे में बात नहीं करना चाहती। इसके बजाय, उनका मकसद सिर्फ जनता को गुमराह करना है।
Tagsसपारविदास मेहरोत्राउमर खालिदशरजील इमामसुप्रीम कोर्टजमानत याचिकान्याय में देरीलव जिहादमोहन भागवतपंजाब कानून व्यवस्थासोमनाथ मंदिरमहंगाईबेरोजगारीभ्रष्टाचारजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारहिंन्दी समाचारजनताJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperjantasamachar newssamacharHindi news
Next Story





