- Home
- /
- राज्य
- /
- उत्तर प्रदेश
- /
- मासूम की मौत से मचा...
उत्तर प्रदेश
मासूम की मौत से मचा हड़कंप नाले की व्यवस्था पर उठे सवाल
Ratna Netam
20 Sept 2026 4:23 PM IST

x
गोरखपुर/उत्तर प्रदेश। शहर में एक दर्दनाक हादसे ने लोगों को झकझोर दिया है। खेलते-खेलते घर के बाहर पहुंची 18 महीने की बच्ची खुले नाले में गिर गई, जिससे उसकी मौत हो गई। हादसे के बाद इलाके में मातम पसरा हुआ है। वहीं, नाले को ढकने के लिए लगाए गए स्लैब की स्थिति और रखरखाव को लेकर प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं।जानकारी के अनुसार, बच्ची अपने घर के आसपास खेल रही थी। इसी दौरान वह अचानक नाले के पास पहुंच गई और नाले को ढकने के लिए रखे गए स्लैब के बीच बने खाली हिस्से से नीचे गिर गई। परिजनों और आसपास के लोगों को जब इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने तुरंत बच्ची को बाहर निकालने की कोशिश की।स्थानीय लोगों ने काफी प्रयास के बाद बच्ची को नाले से बाहर निकाला और इलाज के लिए अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
स्लैब की स्थिति पर उठे सवाल
हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल नाले को ढकने के लिए लगाए गए स्लैब की गुणवत्ता और रखरखाव को लेकर उठ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नाले पर लगाए गए स्लैब ठीक तरीके से व्यवस्थित नहीं थे और उनमें जगह-जगह खाली स्थान बने हुए थे।लोगों का आरोप है कि यदि नाले को सही तरीके से ढका गया होता और समय-समय पर उसकी जांच की जाती तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था। घटना के बाद स्थानीय लोगों में नगर प्रशासन के प्रति नाराजगी भी देखने को मिली।
जिम्मेदारी तय करने की मांग
मासूम की मौत के बाद स्थानीय लोगों ने मांग की है कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि खुले या कमजोर ढके नाले शहर के कई हिस्सों में हादसों का कारण बन सकते हैं।उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि ऐसे सभी स्थानों की जांच कराई जाए, जहां नाले खुले हैं या उनके ऊपर लगाए गए स्लैब खराब स्थिति में हैं, ताकि भविष्य में किसी और बच्चे या व्यक्ति की जान न जाए।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
18 महीने की बच्ची की मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। जिस उम्र में बच्ची को खेलना और परिवार के साथ खुशियां बांटनी थीं, उसी उम्र में एक हादसे ने उसकी जिंदगी छीन ली।परिजनों ने बताया कि बच्ची घर के आसपास ही खेल रही थी। उन्हें अंदाजा नहीं था कि कुछ ही समय में इतनी बड़ी घटना हो जाएगी। हादसे के बाद परिवार के लोग प्रशासन से न्याय की मांग कर रहे हैं।
प्रशासन की भूमिका पर सवाल
घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में कई जगह नाले और जल निकासी व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं हैं, लेकिन समय रहते उनका समाधान नहीं किया जाता।बारिश के मौसम में खुले नाले और कमजोर ढक्कन खासतौर पर खतरनाक साबित हो सकते हैं। छोटे बच्चों के लिए ऐसे स्थान गंभीर खतरा बन जाते हैं।
जांच की जरूरत
पुलिस और प्रशासन की ओर से मामले की जांच की जा रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि नाले पर लगे स्लैब की स्थिति क्या थी और उसके रखरखाव की जिम्मेदारी किस विभाग की थी।जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि हादसे के लिए कौन जिम्मेदार है और किन स्तरों पर लापरवाही हुई।
शहरों में सुरक्षा व्यवस्था की चुनौती
यह घटना केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं है, बल्कि शहरी सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है। नगर निकायों की जिम्मेदारी होती है कि सार्वजनिक स्थानों को सुरक्षित रखा जाए और ऐसी जगहों की नियमित निगरानी की जाए।नाले, खुले गड्ढे और खराब सड़कें अक्सर दुर्घटनाओं का कारण बनती हैं। ऐसे मामलों में समय रहते सुधारात्मक कदम उठाना बेहद जरूरी होता है।
Next Story





