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उत्तर प्रदेश
यूपी की स्कूटी योजना में शहीद परिवार की बेटियों को मिलेगी बड़ी राहत
nidhi
4 Sept 2026 9:29 AM IST

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स्कूटी यूपी सरकार ने बदले नियम
लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने वाली रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना 2026 में शहीद परिवारों की बेटियों के लिए बड़ी राहत दी है। अब सशस्त्र बलों और अर्द्धसैनिक बलों के शहीद जवानों की बेटियां सामान्य मेरिट से 10 प्रतिशत तक कम अंक होने पर भी मुफ्त स्कूटी पाने की पात्र होंगी। इस योजना का उद्देश्य छात्राओं को कॉलेज और विश्वविद्यालय तक आने-जाने में सुविधा देना और उच्च शिक्षा में उनकी भागीदारी बढ़ाना है। योजना के तहत स्नातक स्तर की मेधावी छात्राओं को स्कूटी उपलब्ध कराई जाएगी। सामान्य श्रेणी की छात्राओं का चयन मेरिट के आधार पर होगा, जबकि शहीद परिवार, दिव्यांग और निराश्रित वर्ग की छात्राओं को अतिरिक्त छूट दी गई है।
शहीद परिवार की बेटियों को कैसे मिलेगा लाभ
सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार, शहीद परिवार की वे बेटियां पात्र होंगी जिनके माता-पिता या आश्रित परिवार के सदस्य सशस्त्र बलों या अर्द्धसैनिक बलों में ड्यूटी के दौरान शहीद हुए हैं। अगर शहीद जवान अविवाहित थे तो उनकी मां या अविवाहित बहन को भी आश्रित श्रेणी में शामिल किया जा सकता है।
टॉप 5 प्रतिशत छात्राओं का होगा चयन
रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के तहत संबंधित शैक्षणिक सत्र में स्नातक पास करने वाली छात्राओं में से टॉप 5 प्रतिशत मेधावी छात्राओं का चयन किया जाएगा। इसके लिए छात्रा का उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना जरूरी होगा।
स्कूटी के साथ मिलेंगी ये सुविधाएं
सरकार की ओर से मिलने वाली स्कूटी के साथ कई अन्य सुविधाएं भी दी जाएंगी। इसमें—
स्कूटी का पंजीकरण शुल्क
वाहन बीमा
हेलमेट
जरूरी एसेसरीज
चार लीटर पेट्रोल
शामिल हैं।
किन छात्राओं को मिलेगी विशेष छूट
शहीद परिवारों के अलावा दिव्यांग और निराश्रित छात्राओं को भी मेरिट में राहत दी गई है। इन वर्गों की छात्राएं सामान्य चयन सूची की तुलना में 10 प्रतिशत तक कम अंक होने पर भी योजना का लाभ ले सकेंगी।
सरकार का उद्देश्य
राज्य सरकार का कहना है कि कई छात्राएं केवल आने-जाने की समस्या के कारण उच्च शिक्षा बीच में छोड़ देती हैं। स्कूटी मिलने से खासकर ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों की छात्राओं को कॉलेज पहुंचने में आसानी होगी और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगी। योजना को लागू करने के लिए विश्वविद्यालयों और कॉलेजों से पात्र छात्राओं का विवरण मांगा जाएगा। सत्यापन के बाद चयनित छात्राओं को स्कूटी उपलब्ध कराई जाएगी।
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