उत्तर प्रदेश

यूपी के गांवों में टूटी सड़कों की होगी मरम्मत, 1 अक्टूबर से चलेगा विशेष अभियान

Kavita2
29 Sept 2026 9:12 AM IST
यूपी के गांवों में टूटी सड़कों की होगी मरम्मत, 1 अक्टूबर से चलेगा विशेष अभियान
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल योजनाओं के लिए पाइपलाइन बिछाने के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत को लेकर योगी सरकार ने विशेष अभियान चलाने की तैयारी की है। यह अभियान 1 अक्टूबर से शुरू होकर 10 नवंबर 2026 तक चलेगा। इसके तहत गांवों में उन सड़कों की मरम्मत और बहाली पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जो पेयजल पाइपलाइन बिछाने के बाद टूट गई हैं या खराब स्थिति में पहुंच गई हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल पहुंचाने के लिए बड़े पैमाने पर पाइपलाइन बिछाने का काम किया गया है। इस दौरान कई स्थानों पर सड़कें खोदी गईं और पाइपलाइन डालने के बाद सड़कें पूरी तरह से पहले जैसी स्थिति में नहीं लौट सकीं। इससे ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कहीं सड़क पर गड्ढे बन गए हैं तो कहीं मिट्टी बैठने के कारण रास्ता खराब हो गया है।

अब सरकार ने ऐसे मामलों को व्यवस्थित तरीके से ठीक करने के लिए विशेष सड़क मरम्मत अभियान चलाने का निर्णय लिया है। अभियान के दौरान उन गांवों और मार्गों को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां पाइपलाइन बिछाने के कारण सड़कें ज्यादा प्रभावित हुई हैं। संबंधित विभागों को सड़क बहाली के कार्यों की नियमित निगरानी करने के निर्देश भी दिए जाएंगे।

इस अभियान की खास बात यह है कि ग्रामीण भी सीधे सड़क की स्थिति से जुड़ी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। इसके लिए जल सारथी ऐप पर विशेष सुविधा उपलब्ध कराई गई है। ग्रामीण सड़क की खराब स्थिति की फोटो और वीडियो मोबाइल से अपलोड कर शिकायत दर्ज कर सकेंगे।

डिजिटल माध्यम से शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित सड़क की वास्तविक स्थिति का पता लगाना आसान होगा। इससे अधिकारियों को मौके की जानकारी तुरंत मिल सकेगी और मरम्मत की जरूरत वाले स्थानों की पहचान तेजी से की जा सकेगी। शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया में भी पारदर्शिता बढ़ाने की कोशिश की गई है।

जल सारथी ऐप के जरिए ग्रामीण केवल शिकायत ही दर्ज नहीं करेंगे, बल्कि सड़क की वास्तविक स्थिति से संबंधित दृश्य प्रमाण भी भेज सकेंगे। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि सड़क किस स्थान पर टूटी है, कितना हिस्सा प्रभावित है और वहां तत्काल मरम्मत की आवश्यकता है या नहीं।

ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कें स्थानीय लोगों के रोजमर्रा के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। गांव से बाजार, स्कूल, अस्पताल और अन्य स्थानों तक पहुंचने के लिए इन्हीं मार्गों का इस्तेमाल किया जाता है। सड़क खराब होने की स्थिति में सामान्य आवागमन के साथ ही आपातकालीन सेवाओं और अन्य जरूरी गतिविधियों पर भी असर पड़ता है।

पेयजल पाइपलाइन बिछाने का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना है, लेकिन पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़क बहाली में देरी होने से कई जगह लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या को देखते हुए सरकार ने अब सड़क मरम्मत के लिए तय समय सीमा के साथ विशेष अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है।

एक अक्टूबर से शुरू होने वाले अभियान में सड़क मरम्मत के लंबित मामलों की पहचान की जाएगी। इसके बाद संबंधित क्षेत्रों में सड़क को पहले जैसी स्थिति में लाने का काम किया जाएगा। अभियान 10 नवंबर तक चलेगा और इस अवधि में अधिक से अधिक क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत पूरी करने का लक्ष्य रखा जाएगा।

सरकार की ओर से डिजिटल निगरानी पर भी जोर दिया गया है। जल सारथी ऐप के माध्यम से आने वाली शिकायतों को सड़क बहाली के काम से जोड़ा जाएगा। इससे अधिकारियों को केवल विभागीय रिपोर्ट पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, बल्कि ग्रामीणों से सीधे प्राप्त तस्वीरों और वीडियो के आधार पर भी कार्रवाई की जा सकेगी।

ऐप पर शिकायत दर्ज करने की सुविधा मिलने से ग्रामीणों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत भी कम होगी। किसी सड़क की स्थिति खराब होने पर वे मौके से ही शिकायत दर्ज कर सकेंगे। इससे शिकायत दर्ज करने और उसके समाधान के बीच लगने वाला समय भी कम होने की उम्मीद है।

विशेष अभियान के दौरान यह भी देखा जाएगा कि पाइपलाइन बिछाने के बाद किन स्थानों पर सड़क बहाली का काम अधूरा है और कहां मरम्मत की गुणवत्ता में सुधार की जरूरत है। संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाकर काम को तय समय में पूरा करने की योजना बनाई गई है।

ग्रामीणों से मिलने वाली शिकायतों के आधार पर स्थानीय स्तर पर भी सड़कों की स्थिति की समीक्षा की जा सकेगी। इससे उन मार्गों की पहचान आसान होगी जो विभागीय रिकॉर्ड में मरम्मत के लिए दर्ज नहीं हैं, लेकिन वास्तव में खराब स्थिति में हैं।

सरकार का उद्देश्य पेयजल योजना के साथ-साथ ग्रामीण बुनियादी ढांचे को भी बेहतर स्थिति में बनाए रखना है। पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़क को ठीक करना इस प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसी कारण सड़क बहाली को लेकर अलग से विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

1 अक्टूबर से 10 नवंबर तक चलने वाले इस अभियान के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में टूटी सड़कों की मरम्मत के साथ शिकायतों के डिजिटल निस्तारण पर भी नजर रखी जाएगी। जल सारथी ऐप पर फोटो और वीडियो के माध्यम से शिकायत दर्ज करने की सुविधा से ग्रामीणों की भागीदारी बढ़ेगी और सड़क मरम्मत की निगरानी को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।

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