उत्तर प्रदेश

भिनगा से दद्दन खां AIMIM उम्मीदवार

Kavita2
5 Oct 2026 9:30 AM IST
भिनगा से दद्दन खां AIMIM उम्मीदवार
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श्रावस्ती। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने श्रावस्ती की भिनगा विधानसभा सीट पर अपना दांव साफ कर दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार को भिनगा में आयोजित जनसभा में हाजी दद्दन खां को पार्टी का प्रत्याशी घोषित किया। दद्दन खां हाल ही में बहुजन समाज पार्टी से अलग होकर AIMIM में शामिल हुए थे।

ओवैसी के श्रावस्ती पहुंचने और उम्मीदवार की घोषणा के साथ जिले में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। भिनगा-सेमरी मार्ग पर राजापुररानी गांव के पास आयोजित जनसभा में बड़ी संख्या में पार्टी समर्थक पहुंचे। ओवैसी ने मंच से दद्दन खां की उम्मीदवारी का ऐलान करते हुए आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी की तैयारियों का संकेत दिया।

हाजी दद्दन खां पहले बहुजन समाज पार्टी से जुड़े हुए थे। बसपा से अलग होने के बाद उन्होंने AIMIM का दामन थामा। सितंबर में उनके AIMIM में शामिल होने के बाद से ही उन्हें भिनगा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव मैदान में उतारे जाने की चर्चा चल रही थी। अब ओवैसी ने सार्वजनिक सभा में उनके नाम का ऐलान कर इन चर्चाओं पर विराम लगा दिया है।

जनसभा के दौरान ओवैसी ने उत्तर प्रदेश की सत्तारूढ़ भाजपा के साथ समाजवादी पार्टी को भी निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में मुस्लिम समुदाय से जुड़े मुद्दों को लेकर राजनीतिक दल पर्याप्त आवाज नहीं उठा रहे हैं। उन्होंने मदरसों, धार्मिक स्थलों और अन्य मुद्दों का जिक्र करते हुए सपा की भूमिका पर सवाल उठाए। ये ओवैसी के राजनीतिक आरोप हैं, जिन पर संबंधित दलों का पक्ष अलग हो सकता है।

ओवैसी ने जनसभा में समाजवादी पार्टी के साथ संभावित गठबंधन को लेकर भी अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि यदि उद्देश्य उत्तर प्रदेश में भाजपा को तीसरी बार सरकार बनाने से रोकना है तो AIMIM गठबंधन के लिए हाथ बढ़ाने को तैयार है। इसके साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि गठबंधन नहीं होने की स्थिति में उनकी पार्टी अपने दम पर चुनाव मैदान में उतर सकती है।

ओवैसी का यह बयान ऐसे समय आया है, जब उत्तर प्रदेश में विपक्षी दल 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी-अपनी रणनीति बनाने में जुटे हैं। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच भी सीट शेयरिंग को लेकर बातचीत की तैयारी चल रही है। इसी बीच AIMIM की सक्रियता और भिनगा से उम्मीदवार की घोषणा ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के राजनीतिक समीकरणों में पार्टी की चुनावी तैयारी को सामने ला दिया है।

भिनगा विधानसभा क्षेत्र में AIMIM की नजर स्थानीय राजनीतिक और सामाजिक समीकरणों पर है। हाजी दद्दन खां का क्षेत्र में अपना राजनीतिक आधार होने का दावा किया जाता रहा है। AIMIM ने ऐसे समय उन्हें उम्मीदवार बनाया है, जब पार्टी उत्तर प्रदेश में अपनी राजनीतिक मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश कर रही है।

ओवैसी ने श्रावस्ती की सामाजिक और आर्थिक स्थिति का मुद्दा भी अपनी जनसभा में उठाया। उन्होंने गरीबी, शिक्षा, बिजली और पेयजल जैसी समस्याओं का जिक्र करते हुए पूर्व और वर्तमान सरकारों पर क्षेत्र के विकास की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। उन्होंने नीति आयोग के आंकड़ों का हवाला देते हुए श्रावस्ती में गरीबी की स्थिति पर भी सवाल उठाए।

AIMIM प्रमुख ने मुस्लिम मतदाताओं को लेकर भी विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय को केवल वोट बैंक के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए और उसे राजनीतिक प्रतिनिधित्व भी मिलना चाहिए। ओवैसी ने अपनी पार्टी की राजनीतिक भागीदारी को इसी मुद्दे से जोड़ते हुए समर्थकों से संगठन मजबूत करने की अपील की।

भिनगा से उम्मीदवार घोषित किए गए दद्दन खां पिछले महीने ही AIMIM में आए थे। उनके पार्टी में शामिल होने के बाद श्रावस्ती में AIMIM की गतिविधियां बढ़ी हैं। पार्टी अब इस सीट पर काफी पहले प्रत्याशी घोषित करके चुनावी तैयारी के लिए लंबा समय देना चाहती दिखाई दे रही है। हालांकि विधानसभा चुनाव में अभी समय है और राजनीतिक समीकरणों में आगे बदलाव भी हो सकते हैं।

ओवैसी ने गठबंधन के सवाल पर जहां समाजवादी पार्टी के लिए दरवाजा पूरी तरह बंद नहीं किया, वहीं स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने की तैयारी का भी संदेश दिया। इससे साफ है कि AIMIM उत्तर प्रदेश में अपनी चुनावी रणनीति को केवल संभावित गठबंधन पर निर्भर नहीं रखना चाहती। पार्टी अपने उम्मीदवार घोषित करके संगठन को विधानसभा स्तर पर सक्रिय करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

श्रावस्ती की जनसभा से पहले भी ओवैसी उत्तर प्रदेश में पार्टी के विस्तार को लेकर सक्रिय रहे हैं। भिनगा में दद्दन खां के नाम की घोषणा इसी अभियान का हिस्सा मानी जा रही है। अब यह सीट उन विधानसभा क्षेत्रों में शामिल हो गई है जहां AIMIM ने चुनाव से काफी पहले अपना चेहरा सामने कर दिया है।

भिनगा में हुई जनसभा के बाद स्थानीय स्तर पर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है। दद्दन खां के मैदान में उतरने से इस सीट पर भाजपा, सपा, बसपा और AIMIM के बीच चुनावी समीकरणों को लेकर चर्चा बढ़ गई है। हालांकि चुनावी मुकाबले की वास्तविक तस्वीर अन्य दलों के उम्मीदवार घोषित होने और संभावित गठबंधनों की स्थिति साफ होने के बाद ही सामने आएगी।

फिलहाल ओवैसी के श्रावस्ती दौरे का सबसे बड़ा राजनीतिक संदेश भिनगा से हाजी दद्दन खां की उम्मीदवारी की घोषणा है। इसके साथ ही AIMIM ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि वह 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर अभी से उम्मीदवारों और संगठन के स्तर पर तैयारी आगे बढ़ा रही है।

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