उत्तर प्रदेश

चक्रवात का डबल असर, पूर्वी यूपी और बुंदेलखंड में लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित

SHIDDHANT
28 Oct 2025 9:42 PM IST
चक्रवात का डबल असर, पूर्वी यूपी और बुंदेलखंड में लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित
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Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: कई हिस्सों में पिछले 24 घंटों से लगातार बारिश जारी है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) लखनऊ के निदेशक डॉ. मनीष रणकला ने जानकारी दी कि यह बारिश दो मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से हो रही है — एक ओर अरब सागर में सक्रिय लो-प्रेशर सिस्टम और दूसरी ओर बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहा ‘मोंथा’ चक्रवात। इन दोनों के कारण पूर्वी उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड क्षेत्र में लगातार वर्षा दर्ज की जा रही है। डॉ. रणकला ने बताया, “कल से लगातार बारिश हो रही है, खासकर बुंदेलखंड और पूर्वी यूपी के कुछ जिलों में। इसका मुख्य कारण अरब सागर में बना लो-प्रेशर क्षेत्र और बंगाल की खाड़ी में बन रहा मोंथा चक्रवात है। इन दोनों प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की जा रही है।”
मौसम विभाग ने बताया कि बारिश का सबसे ज़्यादा असर जालौन, झांसी, बांदा, चित्रकूट, महोबा, वाराणसी, गोरखपुर, बलिया और मऊ जिलों में देखने को मिला है। कई जगहों पर जलभराव, सड़कें टूटने और ग्रामीण इलाकों में मकान ढहने की घटनाएं भी सामने आई हैं। मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि अगले 24 से 48 घंटों तक बारिश का दौर जारी रहेगा। बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहा चक्रवात मोंथा अब उत्तर-उत्तरपश्चिम दिशा में बढ़ रहा है और इसका असर ओडिशा, झारखंड, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के मौसम पर भी देखने को मिलेगा। डॉ. रणकला ने कहा, “इस समय दोनों समुद्री तंत्र — अरब सागर का लो-प्रेशर और बंगाल की खाड़ी का डिप्रेशन — वायुमंडलीय नमी को उत्तर भारत की ओर खींच रहे हैं। इससे लगातार बादल छाए हुए हैं और वर्षा का क्रम बना हुआ है। हालांकि, जैसे-जैसे चक्रवात मोंथा आगे बढ़ेगा, बारिश की तीव्रता में कमी आने की संभावना है।”
भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त
लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी समेत कई जिलों में सड़कों पर पानी भर गया है। ग्रामीण इलाकों में खेतों में पानी जमा होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। धान की कटाई और गेहूं की बुवाई पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। बुंदेलखंड क्षेत्र में बारिश से पुराने तालाब और नालों में उफान आ गया है। बारिश की वजह से कई जगहों पर बिजली आपूर्ति बाधित रही और स्कूलों में उपस्थिति भी कम रही।
प्रशासन ने राहत दलों को किया तैनात
मौसम विभाग की चेतावनी के बाद राज्य सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को अलर्ट पर रखा है। बुंदेलखंड और पूर्वी यूपी के जिलों में एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल) की टीमें तैनात की गई हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
लखनऊ जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे पुराने या जर्जर मकानों में न रहें और अनावश्यक यात्रा से बचें। बिजली गिरने से सुरक्षा के लिए खेतों में काम करने वालों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
चक्रवात ‘मोंथा’ का प्रभाव बढ़ने की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बन रहा चक्रवात ‘मोंथा’ 29 अक्टूबर तक ओडिशा तट के करीब पहुंच सकता है। इसके बाद यह धीरे-धीरे कमजोर होते हुए पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार के कुछ हिस्सों में बारिश करवाएगा। इसका असर पूर्वी उत्तर प्रदेश तक रहेगा, जिससे आने वाले 2 दिनों में कुछ जिलों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।
डॉ. रणकला ने कहा कि अगले चरण में पश्चिमी यूपी में भी हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। “यह प्रणाली धीरे-धीरे कमजोर होगी, लेकिन इसके प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में ठंडक बढ़ेगी और तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी,” उन्होंने कहा।
कृषि और आमजन पर असर
मौसम विभाग का कहना है कि लगातार बारिश से खेतों में पानी भरने के कारण खरीफ फसल की कटाई में बाधा आ रही है। वहीं, रबी की फसलों की बुवाई पर भी असर पड़ सकता है। किसान संगठनों ने सरकार से बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में मुआवजे की मांग की है।
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