उत्तर प्रदेश

‘मोंथा’ तूफान और अरब सागर के दबाव ने बढ़ाई यूपी में बारिश

SHIDDHANT
28 Oct 2025 9:37 PM IST
‘मोंथा’ तूफान और अरब सागर के दबाव ने बढ़ाई यूपी में बारिश
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Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: पिछले दो दिनों से जारी लगातार बारिश ने राज्य के कई जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) लखनऊ के निदेशक डॉ. मनीष रानकलर ने मंगलवार को बताया कि बारिश का मुख्य कारण अरब सागर में बने निम्न दबाव का क्षेत्र (Low Pressure System) और बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहा चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ (Cyclone Montha) है। इन दोनों मौसमी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में लगातार वर्षा हो रही है। डॉ. रानकलर ने कहा, “कल से लगातार बारिश हो रही है, खासकर बुंदेलखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में स्थिति अधिक गंभीर है। अरब सागर के ऊपर बने लो-प्रेशर सिस्टम और बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवात ‘मोंथा’ का संयुक्त प्रभाव देखने को मिल रहा है।”
उन्होंने बताया कि बुंदेलखंड क्षेत्र, जिसमें झांसी, जालौन, बांदा और चित्रकूट शामिल हैं, में भारी बारिश दर्ज की गई है। वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, देवरिया, बलिया, आजमगढ़ और मऊ जिलों में भी रुक-रुककर तेज बारिश जारी है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों तक राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, ‘मोंथा’ तूफान का असर उत्तर प्रदेश के दक्षिण और पूर्वी हिस्सों पर सबसे ज्यादा देखा जा रहा है। अरब सागर से आने वाली नमी और बंगाल की खाड़ी के चक्रवातीय तंत्र के टकराव से वायुमंडल में व्यापक अस्थिरता बनी हुई है, जिसके कारण बारिश का सिलसिला फिलहाल थमने के आसार नहीं हैं।
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने बताया कि अब तक कई जिलों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज और फतेहपुर में कई निचले इलाकों में पानी भर गया है। प्रशासन ने राहत दलों को सक्रिय कर दिया है और लोगों को सावधानी बरतने की अपील की गई है। लखनऊ मौसम केंद्र ने यह भी कहा कि प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में अगले दो दिनों के दौरान बारिश में कमी आने की संभावना है, लेकिन पूर्वी और मध्य जिलों में यह स्थिति 30 अक्टूबर तक बनी रह सकती है। डॉ. रानकलर ने कहा कि “कृषि कार्यों पर भी इस बारिश का असर देखने को मिलेगा। हालांकि यह वर्षा धान की कटाई और रबी फसलों की बुवाई के लिए मिश्रित प्रभाव डाल सकती है — एक ओर मिट्टी की नमी बढ़ेगी, वहीं अत्यधिक बारिश से खेतों में जलभराव की समस्या पैदा हो सकती है। वहीं, राहत आयुक्त कार्यालय ने सभी जिला प्रशासन को अलर्ट जारी किया है कि नदी किनारे के क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति बनने की संभावना को देखते हुए राहत शिविरों और आपात दलों को तैयार रखा जाए।
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