उत्तर प्रदेश

साइबर गैंग का पर्दाफाश, कानपुर देहात पुलिस ने दबोचे 10 आरोपी

Saba Naaz
11 July 2026 4:25 PM IST
साइबर गैंग का पर्दाफाश, कानपुर देहात पुलिस ने दबोचे 10 आरोपी
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कानपुर देहात। साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कानपुर देहात पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ये ठग सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और अश्लील वीडियो से जुड़ी ब्लैकमेलिंग का झांसा देकर लोगों से पैसे ऐंठते थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से कई सिम कार्ड समेत अन्य सामग्री बरामद की है।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी 19 से 33 वर्ष की उम्र के बीच हैं। ये लोग लोगों को अलग-अलग तरीकों से अपने जाल में फंसाते थे। कभी सरकारी योजनाओं में लाभ दिलाने का लालच दिया जाता था तो कभी पोर्न वीडियो या आपत्तिजनक सामग्री के नाम पर डराकर पैसे वसूले जाते थे।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी पीड़ितों से संपर्क करने के बाद उन्हें अलग-अलग बहानों से पैसे भेजने के लिए मजबूर करते थे। इसके लिए वे क्यूआर कोड का इस्तेमाल करते थे। क्यूआर कोड के जरिए खाते में रकम आने के बाद आरोपी उस पैसे को अपने निजी शौक पूरे करने में खर्च करते थे।

कानपुर देहात के पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पांडेय ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि जिले के कुछ गांवों में साइबर अपराध से जुड़े लोग सक्रिय हैं और लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने जांच शुरू की और आरोपियों तक पहुंचने में सफलता हासिल की।

पुलिस ने अकबरपुर क्षेत्र के ज्योतिष गांव निवासी सूरज और राजेश कुमार, कैलाश नगर गजनेर निवासी शिवम, विजय नगर गजनेर निवासी रजनीश और हरिओम, फत्तेपुर रोशनाई गांव निवासी राहुल और गोरे, आर्यनगर निवासी अंकित, सर्वेश और जय सिंह को गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने आरोपियों के पास से 12 सिम कार्ड भी बरामद किए हैं। इन सिम कार्ड का इस्तेमाल साइबर ठगी के लिए किया जा रहा था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन नंबरों से कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया गया और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोग कौन-कौन हैं।

अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराधी लगातार ठगी के नए तरीके अपना रहे हैं। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। पुलिस ने अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, मैसेज या लिंक पर भरोसा न करें और सरकारी योजना का लाभ दिलाने के नाम पर मांगी जाने वाली निजी जानकारी साझा न करें।

पुलिस ने बताया कि अश्लील वीडियो या किसी भी आपत्तिजनक सामग्री के नाम पर डराकर पैसे मांगना साइबर अपराध का एक तरीका है। ऐसे मामलों में पीड़ितों को डरने के बजाय तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन को सूचना देनी चाहिए।

जांच एजेंसियां अब इस गिरोह के आर्थिक नेटवर्क और इनके संपर्क में रहे अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही हैं। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान साइबर ठगी से जुड़े कई और मामलों का खुलासा हो सकता है।

कानपुर देहात पुलिस की इस कार्रवाई से साइबर अपराधियों में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस का कहना है कि जिले में साइबर अपराध के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और लोगों को ठगी से बचाने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।

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