उत्तर प्रदेश

Cyber ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश, राजस्थान का आरोपी गिरफ्तार

Ratna Netam
16 July 2026 7:42 PM IST
Cyber ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश, राजस्थान का आरोपी गिरफ्तार
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Mathura मथुरा : उत्तर प्रदेश के मथुरा में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कोतवाली पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने साइबर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 1.25 लाख रुपये नकद, विभिन्न बैंकों के 23 एटीएम कार्ड, दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन और ठगी में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद की है।

पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर की गई। बुधवार देर रात करीब 11:05 बजे पुलिस टीम को जानकारी मिली कि साइबर ठगी गिरोह से जुड़ा एक आरोपी बीएसएस पुलिया के पास मौजूद है। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और साइबर सेल की टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान जसमीर सिंह (33) पुत्र जंगीर सिंह निवासी कुरकैन, थाना नगर, जिला डींग, राजस्थान के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क को लेकर कई महत्वपूर्ण जानकारी दी है। पुलिस के मुताबिक, जसमीर सिंह अकेले इस काम को अंजाम नहीं देता था, बल्कि वह अपने दो अन्य साथियों हारिस और जाहुल के साथ मिलकर साइबर ठगी के गिरोह को संचालित कर रहा था।

जांच में सामने आया है कि गिरोह के अन्य सदस्य पहले लोगों को अलग-अलग तरीकों से निशाना बनाकर ठगी करते थे। इसके बाद ठगी से हासिल रकम को अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कराया जाता था। रकम खाते में पहुंचने के बाद व्हाट्सएप कॉल के जरिए जसमीर सिंह को निर्देश दिए जाते थे कि किस एटीएम कार्ड से कितनी रकम निकालनी है।

पुलिस के अनुसार, जसमीर का काम एटीएम कार्ड की मदद से नकदी निकालना था। वह अलग-अलग एटीएम केंद्रों पर जाकर रकम निकालता था और उसमें से अपना कमीशन रखकर बाकी पैसा अपने साथियों तक पहुंचा देता था।

पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि उसके पास से बरामद 1.25 लाख रुपये की रकम गिरफ्तारी वाले दिन ही निकाली गई थी। उसने बैंक ऑफ महाराष्ट्र के एटीएम से चार अलग-अलग एटीएम कार्ड का इस्तेमाल कर यह राशि निकाली थी। पुलिस ने आरोपी के पास से बरामद सभी एटीएम कार्ड और मोबाइल फोन को जांच के लिए कब्जे में ले लिया है।

पुलिस अब बरामद एटीएम कार्ड, बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की जांच कर रही है, ताकि साइबर ठगी के इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ा जा सके। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचा जा सकेगा।

मामले में शामिल अन्य आरोपी हारिस और जाहुल अभी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। साइबर सेल और स्थानीय पुलिस की अलग-अलग टीमें दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। ऐसे गिरोह लोगों को फोन कॉल, ऑनलाइन माध्यमों और अन्य तरीकों से ठगी का शिकार बनाते हैं। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ बैंक खाते, एटीएम कार्ड, ओटीपी या अन्य निजी जानकारी साझा न करें।

मथुरा पुलिस की इस कार्रवाई से साइबर ठगी करने वाले गिरोहों में हड़कंप मच गया है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों, बैंक खातों और ठगी के मामलों की जानकारी जुटाने में लगी हुई है। अधिकारियों का मानना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद साइबर ठगी से जुड़े कई और मामलों का खुलासा हो सकता है।

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