उत्तर प्रदेश

ककरहवा सीमा पर कस्टम समय घटा, यात्रियों की बढ़ेगी परेशानी

Saba Naaz
22 July 2026 6:23 PM IST
ककरहवा सीमा पर कस्टम समय घटा, यात्रियों की बढ़ेगी परेशानी
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उत्तर प्रदेश: भारत-नेपाल सीमा के ककरहवा नाके पर भारतीय वाहनों के लिए भंसार (कस्टम) प्रक्रिया के समय में बदलाव किया गया है। नेपाल के ककरहवा स्थित लुंबिनी छोटी भन्सार कार्यालय ने भारत से नेपाल प्रवेश करने वाले वाहनों के लिए नई भंसार बनाने का समय दो घंटे घटा दिया है। अब भारतीय वाहन चालकों को नेपाली समय के अनुसार शाम 6 बजे तक ही भंसार प्रक्रिया पूरी करानी होगी। इससे पहले यह सुविधा रात 8 बजे तक उपलब्ध थी।

समय में इस बदलाव का सबसे अधिक असर लुंबिनी जाने वाले भारतीय पर्यटकों पर पड़ने की संभावना है। गौतम बुद्ध की जन्मस्थली लुंबिनी जाने के लिए बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटक ककरहवा सीमा का उपयोग करते हैं। इसके अलावा तिलौराकोट, कपिलवस्तु और नेपाल के अन्य धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों की यात्रा करने वाले लोग भी इसी मार्ग से नेपाल पहुंचते हैं।

नई व्यवस्था के अनुसार, अब शाम 6 बजे के बाद ककरहवा सीमा पर पहुंचने वाले भारतीय वाहनों को नेपाल प्रवेश के लिए अगले दिन तक इंतजार करना पड़ सकता है। लंबी दूरी तय कर आने वाले पर्यटकों के लिए यह परेशानी का कारण बन सकता है। कई बार यात्री शाम के समय सीमा पर पहुंचते हैं और उन्हें उम्मीद रहती है कि रात 8 बजे तक भंसार प्रक्रिया पूरी हो जाएगी, लेकिन अब समय घटने से उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ेगा।

ककरहवा सीमा भारत से नेपाल जाने वाले प्रमुख मार्गों में शामिल है। यहां से हर दिन बड़ी संख्या में पर्यटक, व्यापारी और आम यात्री आवागमन करते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सीमा पर आने-जाने वालों की संख्या को देखते हुए भंसार का समय कम करने का फैसला उचित नहीं है। उनका कहना है कि इससे पर्यटन गतिविधियों पर भी असर पड़ सकता है।

भारत-नेपाल सीमा के अन्य प्रमुख भंसार कार्यालयों में नेपाली समय के अनुसार रात 8 बजे तक वाहन प्रवेश की प्रक्रिया जारी रहने की बात सामने आ रही है। ऐसे में ककरहवा छोटी भन्सार कार्यालय का समय शाम 6 बजे कर दिए जाने पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय व्यापारियों और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों ने पुरानी व्यवस्था को बहाल करने की मांग शुरू कर दी है।

पर्यटन व्यवसायियों का कहना है कि लुंबिनी क्षेत्र में भारतीय पर्यटकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। अगर शाम के समय सीमा पार करने में परेशानी होगी तो इसका सीधा असर होटल, परिवहन और अन्य व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ सकता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पर्यटकों की सुविधा को देखते हुए भंसार का समय दोबारा रात 8 बजे तक किया जाए।

हालांकि, नेपाल से भारत लौटने वाले वाहनों के लिए भंसार प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं किया गया है। नेपाल से भारत आने वाले वाहनों की एग्जिट प्रक्रिया पहले की तरह नेपाली समय के अनुसार रात 10 बजे तक जारी रहेगी। समय में कटौती केवल भारत से नेपाल में प्रवेश करने वाले वाहनों के लिए नई भंसार बनाने की प्रक्रिया में की गई है।

स्थानीय सामाजिक संगठनों और व्यापारियों का कहना है कि भारत और नेपाल के बीच धार्मिक, सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंध काफी मजबूत हैं। ऐसे में सीमा पर यात्रियों के लिए सुविधाजनक व्यवस्था होना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों से अपील की है कि ककरहवा छोटी भन्सार कार्यालय के समय की समीक्षा की जाए और यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पुरानी व्यवस्था लागू की जाए।

फिलहाल नई व्यवस्था लागू हो चुकी है और भारतीय यात्रियों को नेपाल यात्रा की योजना बनाते समय भंसार के नए समय का ध्यान रखना होगा। शाम 6 बजे के बाद पहुंचने वाले यात्रियों को होने वाली परेशानी को देखते हुए आने वाले दिनों में स्थानीय स्तर पर इस मुद्दे पर निर्णय की उम्मीद जताई जा रही है।

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