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CRPF कमांडो ने परिवार पर हमले के बाद सुरक्षा और न्याय की मांग की

Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: कानपुर में एक CRPF कोबरा कमांडो ने अपने परिवार के खिलाफ कथित हमला होने के बाद सुरक्षा और न्याय की मांग की है। यह मामला महाराजपुर इलाके का है, जहां कमांडो मनीष कुमार का परिवार रविवार रात अचानक हुए हमले से डर के साये में रहने लगा। यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के माध्यम से सामने आई, जिसमें कुमार ने अपनी व्यथा साझा की।
वीडियो में बताया गया कि स्थानीय हिस्ट्री-शीटर, सी.डी.एस. वर्मा उर्फ़ गोल्डन वर्मा, कथित तौर पर शराब के नशे में, कुमार के घर में जबरन घुसने की कोशिश कर रहा था। मनीष कुमार उस समय ड्यूटी पर बाहर थे। कुमार ने आरोप लगाया कि आरोपी ने उनके घर में पत्थर और ईंटें फेंकीं, उनकी दिव्यांग मां, पत्नी और नाबालिग बच्चों के साथ बदसलूकी की और जान से मारने की धमकी दी।
कमांडो ने वीडियो में यह भी सवाल उठाया कि देश की सीमा पर और नक्सल विरोधी अभियानों में तैनात सैनिकों के परिवारों की सुरक्षा कौन करेगा। उन्होंने कहा, "मेरा परिवार डर के साये में जी रहा है। क्या हम देश की रक्षा करते रहें या अपने परिवारों की सुरक्षा के लिए ड्यूटी छोड़ दें?" यह बयान सैनिकों और उनके परिवारों की सुरक्षा की चुनौतियों पर गंभीर सवाल उठाता है।
ये #CRPF #Cobra का जवान मनीष है।#Naxal एरिया में तैनात है। दबंग ने #Kanpur में इसके परिवार पर हमला किया।FIR दर्ज हुई, मगर आरोपी खुलेआम घूमता है।
— Sushil Chetry 🇮🇳 Gorkha (@SushilChetry) June 10, 2026
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मैं देश की रक्षा कर रहा हूँ। परिवार यहाँ सुरक्षित नहीं। ये कैसा इन्साफ है? एक जवान अपनी duty करे या अपने परिवार की रक्षा करे? pic.twitter.com/MLnDBA4AE4
स्थानीय पुलिस ने घटना के संबंध में FIR दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से परिवार को तत्काल सुरक्षा प्रदान की जाएगी और मामले की गहन जांच की जाएगी।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने जनमानस में भी चिंता और गुस्सा पैदा किया है। लोग कमांडो के परिवार की सुरक्षा और शासन की जिम्मेदारी पर सवाल उठा रहे हैं। कई सुरक्षा विशेषज्ञों ने यह बताया कि सीमाओं और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात सैनिकों के परिवारों के लिए सुरक्षा व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है।
मनीष कुमार की यह अपील यह स्पष्ट करती है कि केवल सैनिकों को मैदान में तैनात करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की घटनाओं से सैनिकों का मनोबल प्रभावित हो सकता है और इससे देश की सुरक्षा पर अप्रत्यक्ष असर पड़ सकता है।
पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा बढ़ाने, आरोपी की गिरफ्तारी और परिवार को मानसिक व भौतिक सुरक्षा देने का भरोसा दिया है। वहीं, CRPF के अधिकारियों ने भी कहा कि जवानों और उनके परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
इस घटना ने एक बार फिर देश में तैनात जवानों और उनके परिवारों की सुरक्षा पर सार्वजनिक चर्चा शुरू कर दी है। मनीष कुमार का वायरल वीडियो यह दर्शाता है कि सैनिक केवल अपने ड्यूटी की चिंता नहीं करते, बल्कि उन्हें अपने परिवार की सुरक्षा की भी गहरी चिंता रहती है।





