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उत्तर प्रदेश
नाग पंचमी और सावन के तीसरे सोमवार पर काशी में उमड़ी शिवभक्तों की भीड़
nidhi
17 Aug 2026 8:55 AM IST

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काशी हुई शिवमय बाबा विश्वनाथ के दर्शन को उमड़े लाखों श्रद्धालु
वाराणसी: सावन के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी के दुर्लभ संयोग पर धर्मनगरी काशी पूरी तरह शिवमय हो गई। भगवान शिव की नगरी में सुबह से ही हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारे गूंजते रहे। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में बाबा के दर्शन और जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। बड़ी संख्या में कांवड़िये भी गंगाजल लेकर बाबा विश्वनाथ के दरबार पहुंचे।
श्रद्धालुओं ने तड़के गंगा स्नान करने के बाद बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए मंदिर की ओर रुख किया। मंदिर की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। हाथों में जल, बेलपत्र और पूजन सामग्री लेकर श्रद्धालु अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए।
सावन सोमवार के साथ नाग पंचमी होने के कारण इस दिन का धार्मिक महत्व और बढ़ गया। मान्यताओं के अनुसार सावन भगवान शिव की आराधना का विशेष महीना है, जबकि नाग पंचमी पर नाग देवता की पूजा की जाती है। भगवान शिव के गले में वासुकी नाग विराजमान होने के कारण दोनों पर्वों का एक ही दिन पड़ना शिव भक्तों के लिए विशेष माना जा रहा है। काशी विश्वनाथ धाम परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और व्यवस्थाओं को मजबूत किया गया। मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से दर्शन कराने के इंतजाम किए गए। प्रमुख मार्गों पर पुलिसकर्मियों और सुरक्षाबलों की तैनाती रही।
गंगा घाटों पर भी सुबह से धार्मिक माहौल दिखाई दिया। दशाश्वमेध घाट, अस्सी घाट सहित प्रमुख घाटों पर श्रद्धालुओं ने स्नान और पूजा-अर्चना की। इसके बाद बड़ी संख्या में भक्त बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए पहुंचे। नाग पंचमी के अवसर पर काशी के विभिन्न मंदिरों में भी विशेष पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर बेलपत्र, पुष्प और अन्य पूजन सामग्री अर्पित की। कई स्थानों पर रुद्राभिषेक और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन भी हुआ।
सावन के सोमवार पर काशी विश्वनाथ के दर्शन के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु वाराणसी पहुंचते हैं। इस बार नाग पंचमी के संयोग ने भक्तों के उत्साह को और बढ़ा दिया। मंदिर से लेकर गंगा घाटों और शहर की गलियों तक हर तरफ शिव भक्ति का माहौल नजर आया।
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