उत्तर प्रदेश

यमुना, मौसम व जागृति के निर्माण में करोड़ों बर्बाद

Harrison
14 Aug 2023 8:58 AM GMT
यमुना, मौसम व जागृति के निर्माण में करोड़ों बर्बाद
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उत्तरप्रदेश | प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने 2016-17 से 2020-21 के बीच शहर मंै बिना मांग के यमुना विहार, मौसम विहार और जागृति विहार आवास योजना बनाई. हालत यह है कि इन आवास योजनाओं के फ्लैट नहीं बिक रहे हैं. बिना मांग के सर्वे कराकर पीडीए की इन आवास योजनाओं के निर्माण पर भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक ने भी सवाल खड़ा किया है. रिपोर्ट विधानमंडल में पेश की गई.
रिपोर्ट के अनुसार पीडीए ने नैनी में बगैर किसी मांग के 1200 फ्लैटों वाली यमुना विहार का निर्माण शुरू किया. निर्माण शुरू करने के बाद पीडीए को लगा कि आवास योजना में फ्लैटों की मांग ही नहीं. पीडीए ने 192 फ्लैट बनाकर काम रोक दिया लेकिन बाकी फ्लैट बनाने के लिए कई टॉवरों के लिए बेसमेंट, स्टिल्ड, फर्श और बाउंड्रीवाल का निर्माण पर बेवजह 38.85 करोड़ खर्च किया. जो 192 फ्लैट बने उसमें बिके सिर्फ 160 फ्लैट. यमुना विहार की तरह पीडीए ने बगैर मांग के कालिंदीपुरम में मौसम विहार और जागृति विहार आवास योजना बनाई. मौसम विहार 2018 और जागृति विहार का निर्माण 2018 में किया गया. दोनों आवास योजना पर 152.57 करोड़ रुपये खर्च हुआ और बड़ी संख्या में फ्लैट खाली रह गए.
वहीं भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक ने गोविंदपुर में निर्माणाधीन अलकनंदा अपार्टमेंट के निर्माण में विलंब में पीडीए को आड़े हाथ लिया है. पांच साल में आवंटियों को कब्जा नहीं मिला.
आवास योजनाओं में 83 प्रतिशत निवेश किया कम
विधानमंडल के समक्ष पेश की गई भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट के अनुसार पीडीए ने 2016-17 से 2020-21 के बीच आवास योजनाओं में 83 प्रतिशत निवेश घटाया. 2016-17 से पहले पीडीए ने आवास योजनाओं में 104 करोड़ 73 लाख रुपये निवेश किया. 2020-21 में यह निवेश घटकर 17.53 करोड़ रह गया.
अनुमोदन बगैर खर्च किए 4.38 करोड़
पीडीए ने बगैर मांग के तीन आवास योजना बनाने के अलावा एक ऐसे टाउनशिप के परिसर में 4.38 करोड़ रुपये खर्च कर दिया जिसका अनुमोदन ही नहीं मिला. प्रस्तावित टाउनशिप में पीडीए ने पूरी राशि सड़क के निर्माण पर खर्च की. इसी टाउनशिप में पीडीए ने बिटुमिन्स कार्य के लिए तेल कंपनियों की ओर से जारी प्रेषण रसीद प्रमाण पत्र के बगैर ठेकेदार को गलत तरीके से एक करोड़ 87 लाख रुपये भुगतान कर दिया.
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