उत्तर प्रदेश

सोन नदी में मगरमच्छ का हमला, मछुआरा गंभीर घायल

Kavita2
1 Aug 2026 12:25 PM IST
सोन नदी में मगरमच्छ का हमला, मछुआरा गंभीर घायल
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सोनभद्र। चोपन थाना क्षेत्र के करगरा चौधरान टोला में शनिवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सोन नदी में मछली पकड़ने गए एक व्यक्ति पर मगरमच्छ ने हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले में व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजनों ने तत्काल उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज जारी है।

जानकारी के अनुसार, करगरा निवासी 55 वर्षीय लल्लू साहनी शनिवार सुबह रोजाना की तरह सोन नदी के किनारे मछली पकड़ने के लिए गए थे। वह नदी के किनारे बैठकर मछली पकड़ रहे थे, तभी पानी के पास घात लगाए बैठे मगरमच्छ ने अचानक उन पर हमला कर दिया।

मगरमच्छ के अचानक हमले से लल्लू साहनी संभल नहीं पाए। हमले के दौरान मगरमच्छ ने उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचे लोगों ने किसी तरह उन्हें मगरमच्छ के चंगुल से छुड़ाया और सुरक्षित बाहर निकाला।

घटना की जानकारी मिलते ही परिजन भी मौके पर पहुंचे। घायल लल्लू साहनी को तुरंत इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उनकी हालत को देखते हुए उपचार शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि हमले में उनके शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार, सोन नदी क्षेत्र में पहले भी मगरमच्छों की मौजूदगी देखी गई है। नदी किनारे रहने वाले ग्रामीण अक्सर मछली पकड़ने और अन्य कामों के लिए नदी पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में मगरमच्छों के हमले का खतरा बना रहता है।

घटना के बाद ग्रामीणों में डर का माहौल है। लोगों ने वन विभाग और प्रशासन से नदी किनारे सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी में मगरमच्छों की मौजूदगी की जानकारी पहले भी सामने आती रही है, लेकिन सुरक्षा के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए।

स्थानीय लोगों ने बताया कि सोन नदी में मछली पकड़ना कई परिवारों की रोजी-रोटी का साधन है। सुबह और शाम के समय बड़ी संख्या में लोग नदी किनारे जाते हैं। ऐसे में वन विभाग को नियमित निगरानी और जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है।

घटना की सूचना मिलने के बाद संबंधित विभाग के अधिकारियों को भी इसकी जानकारी दी गई है। वन विभाग की टीम से नदी क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने और मगरमच्छों की गतिविधियों पर नजर रखने की उम्मीद जताई जा रही है।

विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश के मौसम में नदियों का जलस्तर बढ़ने और जल क्षेत्र में बदलाव के कारण मगरमच्छ अक्सर किनारे की ओर आ जाते हैं। ऐसे समय में नदी किनारे जाने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की जा सकती है कि वे नदी के ऐसे हिस्सों में जाने से बचें, जहां मगरमच्छों की मौजूदगी की संभावना रहती है। साथ ही, अकेले नदी किनारे जाने से भी बचने की सलाह दी जाती है।

फिलहाल लल्लू साहनी का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है और डॉक्टर उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। घटना के बाद करगरा चौधरान टोला सहित आसपास के इलाकों में लोगों में दहशत का माहौल है।

मगरमच्छ के इस हमले ने एक बार फिर नदी किनारे रहने वाले ग्रामीणों की सुरक्षा का मुद्दा सामने ला दिया है। अब लोगों की नजर वन विभाग और प्रशासन की कार्रवाई पर है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

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