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Rising जलस्तर से संकट, मेरठ-बिजनौर मार्ग पर आवागमन ठप

Meerut मेरठ : मेरठ, 12 जुलाई 2026। हस्तिनापुर क्षेत्र में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर और तेज कटान ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लगातार बढ़ रहे पानी के दबाव के कारण मेरठ-बिजनौर (हस्तिनापुर-चांदपुर) मार्ग का एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे क्षेत्र में आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। सड़क का हिस्सा कटकर नाले में तब्दील हो जाने के कारण मार्ग को बंद करना पड़ा। इससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को घंटों परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्थानीय लोगों के अनुसार, गंगा के तेज बहाव के कारण सड़क पर लगातार पानी का दबाव बढ़ रहा था। शनिवार और रविवार के बीच स्थिति गंभीर हो गई और देखते ही देखते सड़क का बड़ा हिस्सा पानी की चपेट में आ गया। मार्ग टूटने से आसपास के करीब आठ गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से प्रभावित हो गया है। ग्रामीणों को दैनिक जरूरतों, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य कार्यों के लिए आने-जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क बंद होने के बाद कई लोग घंटों तक मौके पर फंसे रहे। वाहनों की आवाजाही रुकने से यात्रियों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कटान रोकने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आसपास के अन्य क्षेत्रों में भी स्थिति गंभीर हो सकती है।
वहीं, कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कुछ लोगों ने जेसीबी मशीन की मदद से सड़क काटकर गंगा के पानी का रुख बदल दिया, जिसके कारण कटान की स्थिति और ज्यादा गंभीर हो गई। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। अधिकारियों ने मामले की जांच और वास्तविक स्थिति का आकलन करने की बात कही है।
गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण हस्तिनापुर क्षेत्र के कई गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। नदी किनारे रहने वाले ग्रामीणों में चिंता का माहौल है। लोग अपने पशुओं, अनाज और जरूरी सामानों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को समय रहते राहत और सुरक्षा के इंतजाम बढ़ाने चाहिए, ताकि किसी बड़ी परेशानी से बचा जा सके।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। अधिकारियों ने क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत और राहत कार्यों को तेज कर दिया है। सड़क को दोबारा चालू करने के लिए मशीनरी लगाई गई है और कटान वाले हिस्से को सुरक्षित बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
प्रशासन की ओर से ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की गई है। गंगा किनारे रहने वाले लोगों को लगातार जलस्तर पर नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन को सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं। राहत एवं बचाव टीमों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों की मदद की जा सके।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता क्षतिग्रस्त मार्ग को जल्द बहाल करना और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। वहीं, ग्रामीणों की नजर अब गंगा के जलस्तर और प्रशासन की राहत कार्रवाई पर बनी हुई है।





