उत्तर प्रदेश

UP के आजमगढ़ में एयरक्राफ्ट की क्रैश-लैंडिंग, पायलट पूरी तरह सुरक्षित

Saba Naaz
29 Jun 2026 7:45 PM IST
UP के आजमगढ़ में एयरक्राफ्ट की क्रैश-लैंडिंग, पायलट पूरी तरह सुरक्षित
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कासगंज (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले से एक बड़े विमान हादसे की खबर सामने आई है। यहाँ अलीगढ़ हवाई अड्डे से उड़ान भरने वाला एक प्रशिक्षण (ट्रेनिंग) विमान अचानक तकनीकी खराबी के कारण नियंत्रण खो बैठा और एक खेत में क्रैश-लैंड हो गया। विमानन नियामक संस्था डीजीसीए (DGCA) ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि विमान उड़ा रही प्रशिक्षु (ट्रेनी) महिला पायलट इस हादसे में सुरक्षित हैं। यह विमान जमीन पर गिरने से ठीक पहले एक हाई-टेंशन बिजली के तार से टकरा गया था, जिससे बड़ा हादसा होते-होते बचा।

हाई-टेंशन तार टूटने से विमान को पहुँचा भारी नुकसान

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के अनुसार, अलीगढ़ से सोलो फ्लाइंग (अकेले उड़ान) पर निकला 'चेतक एविएशन' का 'सेसना 152' एयरक्राफ्ट (रजिस्ट्रेशन नंबर: VT-AFB) कासगंज जिला मुख्यालय क्षेत्र के पास पुलिस लाइंस के निकट एक खेत में दुर्घटनाग्रस्त हुआ। कासगंज के पुलिस अधीक्षक (SP) ओपी सिंह ने बताया कि विमान क्षेत्र के ऊपर चक्कर काट रहा था, तभी अचानक उसकी ऊंचाई तेजी से कम होने लगी। नीचे आते समय विमान वहां से गुजर रही हाई-टेंशन बिजली की लाइन से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बिजली के मोटे तार टूट गए और विमान अनियंत्रित होकर सीधे खेत में जा गिरा। इस दुर्घटना में एयरक्राफ्ट को भारी नुकसान पहुँचा है।

महाराष्ट्र की रहने वाली हैं पायलट कायनात, अस्पताल में भर्ती

पुलिस प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, इस दुर्घटना में घायल हुईं ट्रेनी महिला पायलट की पहचान महाराष्ट्र की रहने वाली 'कायनात' के रूप में हुई है। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से उन्हें मलबे से बाहर निकाला गया और तत्काल एम्बुलेंस के जरिए जिला अस्पताल पहुँचाया गया। अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सकों ने बताया कि पायलट कायनात को कुछ चोटें आई हैं, लेकिन उनकी स्थिति पूरी तरह स्थिर और वे खतरे से बाहर हैं। फिलहाल डॉक्टरों की एक विशेष टीम की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है।

प्रशासनिक अमला मुस्तैद, बिजली विभाग ने संभाला मोर्चा

विमान क्रैश होने की सूचना मिलते ही कासगंज जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भारी सुरक्षा बल और बचाव दलों (Rescue Teams) के साथ घटना स्थल पर पहुँच गए। एहतियात के तौर पर पूरे दुर्घटनास्थल की घेराबंदी (कॉर्डन ऑफ) कर दी गई ताकि आम लोगों को मलबे से दूर रखा जा सके। हाई-टेंशन बिजली का तार टूटने के कारण आसपास के इलाकों में करंट फैलने का खतरा था, जिसे देखते हुए बिजली विभाग के अधिकारियों ने तुरंत क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति बंद कराई और युद्ध स्तर पर क्षतिग्रस्त लाइनों की मरम्मत का काम शुरू किया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि गिरने से ठीक पहले विमान की आवाज अजीब हो गई थी और वह बहुत तेजी से नीचे आया था।

हादसे की जांच में जुटी DGCA और अलीगढ़ की टीम

इस विमान हादसे के वास्तविक कारणों का अभी तक सटीक पता नहीं चल पाया है, लेकिन शुरुआती आकलन में इसके पीछे किसी गंभीर तकनीकी खराबी (Technical Snag) की आशंका जताई जा रही है। घटना की विस्तृत जांच के लिए अलीगढ़ से भी एक विशेषज्ञ टीम कासगंज पहुँच चुकी है। डीजीसीए और स्थानीय प्रशासन ने मामले की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच के आदेश दे दिए हैं। विमान के ब्लैक बॉक्स और अन्य उपकरणों की जांच के बाद ही हादसे की असली वजह सामने आ सकेगी।

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