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प्रयागराज : प्रयागराज में शहर के यातायात दबाव को कम करने के उद्देश्य से बनाई जा रही रिंग रोड परियोजना की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। अभी इस महत्वपूर्ण सड़क परियोजना का शुभारंभ भी नहीं हुआ है, लेकिन तेज बारिश के बाद सड़क कई जगहों पर क्रेक हो गई है। इसके अलावा नहर की पुलिया की आरई वॉल (रिटेनिंग वॉल) भी क्षतिग्रस्त हो गई है और कई स्थानों पर सीमेंटेड डिवाइडर टूट गए हैं।
रिंग रोड की इस स्थिति ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है। हालांकि, लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से तैयार हो रही सड़क का पहली ही बारिश में खराब होना गंभीर सवाल खड़े करता है।
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे जैसी स्थिति की चिंता
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की खराब हालत को लेकर पहले ही सवाल उठ चुके हैं। अब इसी तरह की स्थिति प्रयागराज रिंग रोड में भी दिखाई देने लगी है।
फर्क सिर्फ इतना है कि लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन हो चुका है, जबकि प्रयागराज रिंग रोड अभी शुरू होने की तैयारी में है। ऐसे में उद्घाटन से पहले ही सड़क में दरारें आने से परियोजना की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।
सहसों क्षेत्र में कई जगह सड़क क्रेक
जानकारी के अनुसार, प्रयागराज रिंग रोड प्रोजेक्ट के तहत घूरपुर में रीवा राजमार्ग स्थित पालपुर गांव से सहसों के पास वाराणसी राजमार्ग तक सड़क का निर्माण किया जा रहा है।
इस परियोजना को तीन पैकेज में पूरा किया जा रहा है। लेकिन पिछले एक सप्ताह से हो रही तेज बारिश के कारण सहसों क्षेत्र में सड़क कई जगहों पर क्रेक हो गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सीमेंटेड सड़क बनने के बाद इतनी जल्दी दरारें आना निर्माण गुणवत्ता पर सवाल खड़े करता है।
पहली बारिश में खुली निर्माण की पोल
रिंग रोड परियोजना को लंबे समय तक टिकाऊ और मजबूत बनाने के उद्देश्य से तैयार किया जा रहा है। लेकिन सड़क का पहली ही बारिश में प्रभावित होना लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है।
लोगों का कहना है कि यदि अभी से सड़क में खराबी आ रही है तो भविष्य में भारी यातायात और मौसम की मार के बाद इसकी स्थिति क्या होगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
पुलिया और डिवाइडर भी हुए क्षतिग्रस्त
सड़क के अलावा परियोजना के अन्य हिस्सों को भी नुकसान पहुंचा है। नहर की पुलिया की आरई वॉल ध्वस्त हो गई है। वहीं कई जगहों पर लगाए गए सीमेंटेड डिवाइडर भी टूट गए हैं।
इन हिस्सों की मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है। निर्माण एजेंसियां क्षतिग्रस्त स्थानों को ठीक करने में जुटी हैं।
परियोजना की लागत और महत्व
प्रयागराज रिंग रोड शहर के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना मानी जा रही है। इसका उद्देश्य शहर के अंदर बढ़ते यातायात दबाव को कम करना और बाहरी क्षेत्रों से गुजरने वाले वाहनों को बेहतर मार्ग उपलब्ध कराना है।
इस परियोजना से शहर के प्रमुख मार्गों पर जाम की समस्या कम होने की उम्मीद है। बड़ी लागत से बन रही इस सड़क से लोगों को लंबे समय तक सुविधा मिलने की उम्मीद है।
गुणवत्ता जांच की उठी मांग
सड़क में आई दरारों के बाद स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है।
लोगों का कहना है कि परियोजना की शुरुआत से पहले ही यदि कमियां सामने आ रही हैं तो इसकी विस्तृत तकनीकी जांच जरूरी है। इससे भविष्य में होने वाली बड़ी समस्याओं को रोका जा सकता है।
अधिकारियों की नजर मरम्मत पर
फिलहाल निर्माण एजेंसियों की ओर से क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि बारिश के कारण प्रभावित हुए स्थानों को ठीक किया जा रहा है।
हालांकि, यह भी सुनिश्चित करना जरूरी होगा कि केवल ऊपर से मरम्मत न की जाए, बल्कि सड़क खराब होने के वास्तविक कारणों को दूर किया जाए।
उद्घाटन से पहले बढ़ी चुनौती
प्रयागराज रिंग रोड के उद्घाटन की तैयारियों के बीच सड़क में आई दरारें प्रशासन और निर्माण एजेंसियों के लिए चुनौती बन गई हैं।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि मरम्मत कार्य कितना प्रभावी होता है और क्या सड़क को निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुसार तैयार किया जा सकेगा।
करोड़ों रुपये की लागत से बन रही इस परियोजना का उद्देश्य लोगों को बेहतर सुविधा देना है, लेकिन उद्घाटन से पहले ही सामने आई खामियों ने इसकी गुणवत्ता पर बहस शुरू कर दी है।





